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संगोष्ठी में बुशरा परवीन रही प्रथम
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संगोष्ठी में बुशरा परवीन रही प्रथम
चांदपुर। गुलाब सिंह हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण में ऑनर किलिंग एक बाधा विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बुशरा परवीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्या डा.साधना ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संगोष्ठी में कंचन, हिमांशी, स्वेता सिंह, नीतू, बुशरा परवीन, विभूति देशवाल, प्रांजल अग्रवाल, निशांत, मोहम्मद कासिम आदि ने प्रतिभाग किया। संगोष्ठी में बुशरा परवीन ने प्रथम, नीतू ने द्वितीय व हिमांशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निशांत को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। निर्णायक मंडल में डा.अशोक कुमार, डा.विनोद कुमार, डा.जैनुल आबीदीन रहे।
प्राचार्या साधना ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए नारी को आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक रूप से सशक्त होने की आवश्यकता है। ऑनर किलिंग समाज की एक कुरीति है। जिसको दूर करने के लिए कानूनी एवं मानव मूल्यों में बौद्घिक स्तर को सुधारने की जरूरत है। डा.दिनेश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में नारी सशक्तिकरण समाज का एक मुख्य मुद्दा है। जिसे व्यवहारिक रूप देने के लिए समाज के बुद्धिजीवियों व युवा वर्ग को आगे आना होगा।
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संगोष्ठी में डा.अनिल कुमार वर्मा, डा.एमपी सिंह, डा.पीके तालान, डा.अभिषेक जायसवाल, कुलदीप कुमार, डा.साजिद अंसारी, आस मोहम्मद, डा.संतोष देवी, डा.मीनाक्षी चौहान, डा.उदिता राजपूत, डा.जैबा नाज, डा.पूजा राजपूत आदि मौजूद रहे।
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चांदपुर। गुलाब सिंह हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण में ऑनर किलिंग एक बाधा विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बुशरा परवीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्या डा.साधना ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संगोष्ठी में कंचन, हिमांशी, स्वेता सिंह, नीतू, बुशरा परवीन, विभूति देशवाल, प्रांजल अग्रवाल, निशांत, मोहम्मद कासिम आदि ने प्रतिभाग किया। संगोष्ठी में बुशरा परवीन ने प्रथम, नीतू ने द्वितीय व हिमांशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निशांत को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। निर्णायक मंडल में डा.अशोक कुमार, डा.विनोद कुमार, डा.जैनुल आबीदीन रहे।
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प्राचार्या साधना ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए नारी को आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक रूप से सशक्त होने की आवश्यकता है। ऑनर किलिंग समाज की एक कुरीति है। जिसको दूर करने के लिए कानूनी एवं मानव मूल्यों में बौद्घिक स्तर को सुधारने की जरूरत है। डा.दिनेश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में नारी सशक्तिकरण समाज का एक मुख्य मुद्दा है। जिसे व्यवहारिक रूप देने के लिए समाज के बुद्धिजीवियों व युवा वर्ग को आगे आना होगा।
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संगोष्ठी में डा.अनिल कुमार वर्मा, डा.एमपी सिंह, डा.पीके तालान, डा.अभिषेक जायसवाल, कुलदीप कुमार, डा.साजिद अंसारी, आस मोहम्मद, डा.संतोष देवी, डा.मीनाक्षी चौहान, डा.उदिता राजपूत, डा.जैबा नाज, डा.पूजा राजपूत आदि मौजूद रहे।