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Bijnor News: बूचड़खाने पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया
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सहसपुर के याकूबपुर में स्थित मीट प्लांट में अवैध कब्जा हटाती राजस्व टीम
- डीएम के आदेश पर एसडीएम के नेतृत्व में तीन घंटे चली बुलडोजर की कार्रवाई
- सहसपुर के उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट का मामला, सरकारी नाली और रास्ते की जमीन से हटवाया कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। सहसपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट पर सोमवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। बुलडोजर चलाकर सरकारी नाली और रास्ते की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया गया।
सोमवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम स्मृति मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ सहसपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट पहुंची। टीम ने तीन जेसीबी की मदद से सरकारी रास्ते और सरकारी नाली पर किए गए पक्के निर्माण को ढहाया। बताया गया कि मीट प्लांट स्वामी ने सरकारी रास्ता और नाली की भूमि पर अवैध रूप से चहारदीवारी और गेट लगाकर कब्जा कर रखा था। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण की पुष्टि हुई।
बता दें कि सहसपुर निवासी मीट कारोबारी हाजी अतीक अहमद ने वर्ष 2013 में याकूबपुर गांव में उमर इंटरनेशनल मीट फैक्टरी लगाई। वर्ष 2018 में एसडीएम धामपुर के नेतृत्व में हुई जांच में फैक्टरी में पशुओं के कटान के बाद निकलने वाले खून के निस्तारण की उचित व्यवस्था न होने, जल प्रदूषण फैलने और अग्निशमन मानकों का उल्लंघन पाया गया था। जिसके बाद प्रशासन ने फैक्टरी को सील कर दिया था।
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- फैक्टरी स्वामी पर दर्ज हो चुकी है धोखाधड़ी की रिपोर्ट
20 जनवरी को उच्च न्यायालय के आदेश पर इस बूचड़खाने की सील खोली गई थी लेकिन दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। आरोप है कि फैक्टरी मालिक ने नगर पंचायत सहसपुर की चेयरपर्सन नाहिद परवीन, 15 सभासदों और दो ग्राम प्रधानों के नाम से फर्जी एनओसी तैयार कराई। जनप्रतिनिधियों ने एनओसी से इंकार करते हुए इसे साजिश बताया और थाने में तहरीर दी थी। इसके बाद पुलिस ने मीट प्लांट के स्वामी हाजी अतीक अहमद के खिलाफ फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वर्जन:::
मीट प्लांट स्वामी ने सरकारी रास्ते और सरकारी नाली की भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमण किया हुआ था। दो बार नोटिस देने के बाद भी मीट प्लांट स्वामी ने कब्जा नहीं हटाया। जिसके बाद डीएम के आदेश पर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाया गया है। - विजय कुमार, नायब तहसीलदार धामपुर
- बदलने की भावना से कार्रवाई : अतीक अहमद
मीट प्लांट स्वामी हाजी अतीक अहमद का कहना है कि न्यायालय ने 9 जनवरी को उनकी फैक्टरी की सील खोलने के आदेश दिए थे। आरोप है कि अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया, जिस पर न्यायालय ने उन्हें तलब किया था। इसके बाद बदले की भावना से यह कार्रवाई की जा रही है।
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- सहसपुर के उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट का मामला, सरकारी नाली और रास्ते की जमीन से हटवाया कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। सहसपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट पर सोमवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। बुलडोजर चलाकर सरकारी नाली और रास्ते की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया गया।
सोमवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम स्मृति मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ सहसपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट पहुंची। टीम ने तीन जेसीबी की मदद से सरकारी रास्ते और सरकारी नाली पर किए गए पक्के निर्माण को ढहाया। बताया गया कि मीट प्लांट स्वामी ने सरकारी रास्ता और नाली की भूमि पर अवैध रूप से चहारदीवारी और गेट लगाकर कब्जा कर रखा था। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण की पुष्टि हुई।
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बता दें कि सहसपुर निवासी मीट कारोबारी हाजी अतीक अहमद ने वर्ष 2013 में याकूबपुर गांव में उमर इंटरनेशनल मीट फैक्टरी लगाई। वर्ष 2018 में एसडीएम धामपुर के नेतृत्व में हुई जांच में फैक्टरी में पशुओं के कटान के बाद निकलने वाले खून के निस्तारण की उचित व्यवस्था न होने, जल प्रदूषण फैलने और अग्निशमन मानकों का उल्लंघन पाया गया था। जिसके बाद प्रशासन ने फैक्टरी को सील कर दिया था।
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- फैक्टरी स्वामी पर दर्ज हो चुकी है धोखाधड़ी की रिपोर्ट
20 जनवरी को उच्च न्यायालय के आदेश पर इस बूचड़खाने की सील खोली गई थी लेकिन दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। आरोप है कि फैक्टरी मालिक ने नगर पंचायत सहसपुर की चेयरपर्सन नाहिद परवीन, 15 सभासदों और दो ग्राम प्रधानों के नाम से फर्जी एनओसी तैयार कराई। जनप्रतिनिधियों ने एनओसी से इंकार करते हुए इसे साजिश बताया और थाने में तहरीर दी थी। इसके बाद पुलिस ने मीट प्लांट के स्वामी हाजी अतीक अहमद के खिलाफ फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वर्जन:::
मीट प्लांट स्वामी ने सरकारी रास्ते और सरकारी नाली की भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमण किया हुआ था। दो बार नोटिस देने के बाद भी मीट प्लांट स्वामी ने कब्जा नहीं हटाया। जिसके बाद डीएम के आदेश पर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाया गया है। - विजय कुमार, नायब तहसीलदार धामपुर
- बदलने की भावना से कार्रवाई : अतीक अहमद
मीट प्लांट स्वामी हाजी अतीक अहमद का कहना है कि न्यायालय ने 9 जनवरी को उनकी फैक्टरी की सील खोलने के आदेश दिए थे। आरोप है कि अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया, जिस पर न्यायालय ने उन्हें तलब किया था। इसके बाद बदले की भावना से यह कार्रवाई की जा रही है।

सहसपुर के याकूबपुर में स्थित मीट प्लांट में अवैध कब्जा हटाती राजस्व टीम