{"_id":"5c927621bdec221420474432","slug":"bsp-given-ticket-to-malook-nagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुर्जरों को साधने के लिए बसपा का नागर पर दांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुर्जरों को साधने के लिए बसपा का नागर पर दांव
Wed, 20 Mar 2019 10:49 PM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 20 Mar 2019 10:49 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर में पत्रकारों से वार्ता करते बसपा नेता मलूक नागर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। बसपा ने बिजनौर लोकसभा सीट पर मलूक नागर पर दांव खेला है। गुर्जर जाति से ताल्लुक रखने वाले मलूक नागर 2014 में भी बिजनौर लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। मोदी लहर में वह तीसरे नंबर पर रहे थे। बसपा ने पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार का टिकट काटकर मलूक नागर को थमाया है। वेस्ट यूपी के अमरोहा और सहारनपुर सीट पर मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव खेलने की वजह से बिजनौर में गुर्जरों को साधने के लिए मलूक नागर को टिकट दिया गया है।
बसपा में बिजनौर लोकसभा सीट पर टिकट को लेकर शुरू से ही उठापटक होती रही है। बसपा ने पहले पूर्व विधायक रूचि वीरा को बिजनौर लोकसभा का प्रभारी बनाया था। उनका टिकट पक्का माना जा रहा था। कुछ लोगों के विरोध के चलते रूचि वीरा का टिकट काटकर पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार को दे दिया। इकबाल ठेकेदार अपना टिकट पक्का मान रहे थे। बसपा भी बिजनौर से मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव लड़ाना चाहती थी। इसका हाईकमान ने पूरा मन बना लिया था। बसपा सूत्रों के मुताबिक बिजनौर से सटे अमरोहा जिले से कर्नाटक की पार्टी जेडीएस के महासचिव कुंवर दानिश अली को बसपा में शामिल कराकर अमरोहा व सहारनपुर से हाजी फजलउर्रहमान को उतारने से बिजनौर लोकसभा सीट से मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव न लड़ाने का फैसला बसपा हाईकमान ने किया और वेस्ट यूपी में गुर्जरों को साधने के लिए बिजनौर सीट पर किसी गुर्जर नेता पर दांव खेला। बिजनौर सीट पर करीब एक लाख गुर्जर, पांच लाख मुस्लिम, तीन लाख अनुसूचित जाति के मतदाता है। बसपा का मानना है कि यह मिलकर एक मजबूत समीकरण है।
मलूक नागर पहले से ही बसपा से जुड़े हैं। पार्टी कार्यालय पर देर शाम इसकी घोषणा कर दी गई। बिजनौर लोकसभा सीट पर गुर्जर बिरादरी के मलूक नागर के आने से समीकरण बदल गए हैं। बसपा नगीना सीट पर गिरीशचंद्र को चुनाव लड़ाने का पहले ही फैसला कर चुकी है। बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी घोषणा कर दी है कि वे किसी भी सीट पर लोकसभा का चुनाव नहीं लडे़ंगी। इससे मायावती के नगीना सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। मलूक नागर ने कहा कि मैं अमरोहा गया तो वहां भाजपा सांसद कंवर सिंह तंवर मैदान छोड़कर भाग गए। अब मैं बिजनौर आया हूं तो यहां के भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह मैदान छोड़कर भाग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा में बिजनौर लोकसभा सीट पर टिकट को लेकर शुरू से ही उठापटक होती रही है। बसपा ने पहले पूर्व विधायक रूचि वीरा को बिजनौर लोकसभा का प्रभारी बनाया था। उनका टिकट पक्का माना जा रहा था। कुछ लोगों के विरोध के चलते रूचि वीरा का टिकट काटकर पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार को दे दिया। इकबाल ठेकेदार अपना टिकट पक्का मान रहे थे। बसपा भी बिजनौर से मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव लड़ाना चाहती थी। इसका हाईकमान ने पूरा मन बना लिया था। बसपा सूत्रों के मुताबिक बिजनौर से सटे अमरोहा जिले से कर्नाटक की पार्टी जेडीएस के महासचिव कुंवर दानिश अली को बसपा में शामिल कराकर अमरोहा व सहारनपुर से हाजी फजलउर्रहमान को उतारने से बिजनौर लोकसभा सीट से मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव न लड़ाने का फैसला बसपा हाईकमान ने किया और वेस्ट यूपी में गुर्जरों को साधने के लिए बिजनौर सीट पर किसी गुर्जर नेता पर दांव खेला। बिजनौर सीट पर करीब एक लाख गुर्जर, पांच लाख मुस्लिम, तीन लाख अनुसूचित जाति के मतदाता है। बसपा का मानना है कि यह मिलकर एक मजबूत समीकरण है।
विज्ञापन
मलूक नागर पहले से ही बसपा से जुड़े हैं। पार्टी कार्यालय पर देर शाम इसकी घोषणा कर दी गई। बिजनौर लोकसभा सीट पर गुर्जर बिरादरी के मलूक नागर के आने से समीकरण बदल गए हैं। बसपा नगीना सीट पर गिरीशचंद्र को चुनाव लड़ाने का पहले ही फैसला कर चुकी है। बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी घोषणा कर दी है कि वे किसी भी सीट पर लोकसभा का चुनाव नहीं लडे़ंगी। इससे मायावती के नगीना सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। मलूक नागर ने कहा कि मैं अमरोहा गया तो वहां भाजपा सांसद कंवर सिंह तंवर मैदान छोड़कर भाग गए। अब मैं बिजनौर आया हूं तो यहां के भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह मैदान छोड़कर भाग रहे हैं।
विज्ञापन