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Bijnor News: कार्बेट की ढेला रेंज में बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद सीमा पर सख्ती बढ़ी
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कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व/राष्ट्रीय उद्यान की ढेला रेंज में मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान वृद्धा की मौत के बाद कार्बेट प्रशासन ने कार्बेट की दक्षिणी व बिजनौर की उत्तरी सीमा पर सख्ती बढ़ा दी है।
शुक्रवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज के जंगलों में पश्चिमी सावल्दे गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्धा सुखिया देवी की जंगल में जलौनी लकड़ी बीनने के दौरान बाघ के हमले में मौत हो गई। जंगल में साथ गए लोग उसे बाघ से बचा नहीं सके। घटना के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन हरकत में आ गया। ढेला रेंज में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। कांबिग की जा रही है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी व जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा कालागढ़, झिरना, पाखरो, मोरघाटी रेंज के वनों से लगती है। इस सीमा पर जनपद बिजनौर के अफजलगढ़, रेहड़ व बढ़ापुर के दर्जनों गांव स्थित हैं। इन गांवों के ग्रामीण जंगल से जलौनी लकड़ी चारा आदि लेने जंगल में जाते हैं। कालागढ़ में हाईडिल कालोनी के पीछे, केन्द्रीय कालोनी में हनुमान मंदिर व सैडिल बांध तिराहे पर वन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।
बाघ मादा या फिर बाघिन
उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित ग्वासीकोटि के अनुसार वृद्धा की जान लेने वाला बाघ है या बाघिन अभी पता नहीं चला है। घटनास्थल पर पिंजरा लगा दिया गया है।
वनों से दूरी बनाने की अपील,निगरानी बढ़ाई जा रही
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा. साकेत बड़ोला का कहना है कि मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना रोकने के लिए वन विभाग पहले से ही वनों में न जाने व सहयोग की अपील कर रहा है। उसके बाद भी लोग वनों में जा रहे हैं। इन दिनों वन्यजीव सक्रिय हैं। सर्दी पड़ रही है। सभी रेंज मे निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। वृद्धा की जान लेने वाले वन्यजीव को ट्रैंक्यूलाईज करने की अनुमति मिल चुकी है।
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शुक्रवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज के जंगलों में पश्चिमी सावल्दे गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्धा सुखिया देवी की जंगल में जलौनी लकड़ी बीनने के दौरान बाघ के हमले में मौत हो गई। जंगल में साथ गए लोग उसे बाघ से बचा नहीं सके। घटना के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन हरकत में आ गया। ढेला रेंज में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। कांबिग की जा रही है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी व जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा कालागढ़, झिरना, पाखरो, मोरघाटी रेंज के वनों से लगती है। इस सीमा पर जनपद बिजनौर के अफजलगढ़, रेहड़ व बढ़ापुर के दर्जनों गांव स्थित हैं। इन गांवों के ग्रामीण जंगल से जलौनी लकड़ी चारा आदि लेने जंगल में जाते हैं। कालागढ़ में हाईडिल कालोनी के पीछे, केन्द्रीय कालोनी में हनुमान मंदिर व सैडिल बांध तिराहे पर वन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।
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बाघ मादा या फिर बाघिन
उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित ग्वासीकोटि के अनुसार वृद्धा की जान लेने वाला बाघ है या बाघिन अभी पता नहीं चला है। घटनास्थल पर पिंजरा लगा दिया गया है।
वनों से दूरी बनाने की अपील,निगरानी बढ़ाई जा रही
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा. साकेत बड़ोला का कहना है कि मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना रोकने के लिए वन विभाग पहले से ही वनों में न जाने व सहयोग की अपील कर रहा है। उसके बाद भी लोग वनों में जा रहे हैं। इन दिनों वन्यजीव सक्रिय हैं। सर्दी पड़ रही है। सभी रेंज मे निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। वृद्धा की जान लेने वाले वन्यजीव को ट्रैंक्यूलाईज करने की अनुमति मिल चुकी है।
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