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आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड का अदालत में दर्ज होगा वाद
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आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड का अदालत में दर्ज होगा वाद
बिजनौर। आखिर क्या कारण है कि हरियाणा की टीम ही बिजनौर के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण के खेल को पकड़ती है। जनपद के स्वास्थ्य महकमे को इस खेल का पता भी नहीं चलता। करीब चार साल पहले भी हरियाणा की टीम ने बिजनौर में आकर अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील किया था। पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में जनपद के एक भी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। केवल अनियमितताएं मिलने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर सील जरूर किए गए हैं, लेकिन सबूत देने पर ही सील खोली जाती है।
मंगलवार को हरियाणा राज्य के जनपद रोहतक की टीम ने यहां नजीबाबाद रोड स्थित आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड केंद्र पर गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग परीक्षण का खेल पकड़ा था। यह खेल किसकी शह पर चल रहा था। इसका तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। ऐसे में जनपदवासियों का यक्ष प्रश्न ये है कि जिले के स्वास्थ्य महकमे को अल्ट्रासाउंड केंद्रों की करतूतों का क्यों नहीं पता चल पाता। बाहर से जब टीम बिजनौर में आकर कार्रवाई करती है, तब जाकर महकमे की नींद टूटती है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग अल्ट्रासाउंड केंद्रों की हरकतों से अनजान बना रहता है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम ने बताया कि ऐसे किसी भी मामले में कोर्ट में वाद दायर किया जा सकता है, रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकती। इसका निर्णय केवल कोर्ट ही कर सकता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड केंद्र को 15 दिन का नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। इसके बाद ही सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।
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बिजनौर। आखिर क्या कारण है कि हरियाणा की टीम ही बिजनौर के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण के खेल को पकड़ती है। जनपद के स्वास्थ्य महकमे को इस खेल का पता भी नहीं चलता। करीब चार साल पहले भी हरियाणा की टीम ने बिजनौर में आकर अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील किया था। पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में जनपद के एक भी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। केवल अनियमितताएं मिलने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर सील जरूर किए गए हैं, लेकिन सबूत देने पर ही सील खोली जाती है।
मंगलवार को हरियाणा राज्य के जनपद रोहतक की टीम ने यहां नजीबाबाद रोड स्थित आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड केंद्र पर गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग परीक्षण का खेल पकड़ा था। यह खेल किसकी शह पर चल रहा था। इसका तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। ऐसे में जनपदवासियों का यक्ष प्रश्न ये है कि जिले के स्वास्थ्य महकमे को अल्ट्रासाउंड केंद्रों की करतूतों का क्यों नहीं पता चल पाता। बाहर से जब टीम बिजनौर में आकर कार्रवाई करती है, तब जाकर महकमे की नींद टूटती है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग अल्ट्रासाउंड केंद्रों की हरकतों से अनजान बना रहता है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम ने बताया कि ऐसे किसी भी मामले में कोर्ट में वाद दायर किया जा सकता है, रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकती। इसका निर्णय केवल कोर्ट ही कर सकता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड केंद्र को 15 दिन का नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। इसके बाद ही सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।
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