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भाकियू नेताओं पर महंगी जमीन कब्जाने का आरोप
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भाकियू नेताओं पर महंगी जमीन कब्जाने का आरोप
बिजनौर। हल्दौर और गांव सुल्तानपुर के किसानों ने चकबंदी विभाग के अफसरों पर भाकियू नेताओं के दबाव में आकर उन्हें महंगी जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए चकबंदी कार्यालय के बाहर धरना दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया।
धरने में किसानों ने बताया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने सांठगांठ करके विभाग के अफसरों से अपने चक सड़क किनारे कटवा लिए हैं और उनकी जमीन बहुत पीछे धकेल दी गई है। सड़क किनारे की जमीन की कीमत बहुत ज्यादा है। एक भाकियू नेता पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे भाकियू से जुड़े होने का गलत फायदा उठाकर दूसरे किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। भाकियू के नेताओं को महंगी जमीनों पर कब्जा दिलाया जा रहा है।
कहा कि चकबंदी के ही फेर में आकर गांव कुम्हारपुरा निवासी किसान अशोक कुमार ने कलक्ट्रेट में आत्महत्या की थी। किसानों ने निष्पक्ष कार्रवाई न होने तक अनिश्चितकालीन धरना देने की बात कही। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मंगलवार को खुद मौके पर जाकर मामला दिखवाने का आश्वासन दिया। कहा कि अगर किसी के चक गलत काटे गए हैं तो उसे ठीक कराया जाएगा। उनके आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इस दौरान विजेंद्र सिंह, राकेश प्रधान, अंकित गुर्जर, विरेंद्र सिंह, रविंद्र भगत, नरसिंह, जयपाल सिंह, अशोक कुमार, हुकम सिंह, धासीमराम आदि मौजूद रहे। उधर, भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि मामले में पता किया जाएगा। हम किसानों के हित के लिए कार्य करते हैं।
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बिजनौर। हल्दौर और गांव सुल्तानपुर के किसानों ने चकबंदी विभाग के अफसरों पर भाकियू नेताओं के दबाव में आकर उन्हें महंगी जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए चकबंदी कार्यालय के बाहर धरना दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया।
धरने में किसानों ने बताया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने सांठगांठ करके विभाग के अफसरों से अपने चक सड़क किनारे कटवा लिए हैं और उनकी जमीन बहुत पीछे धकेल दी गई है। सड़क किनारे की जमीन की कीमत बहुत ज्यादा है। एक भाकियू नेता पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे भाकियू से जुड़े होने का गलत फायदा उठाकर दूसरे किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। भाकियू के नेताओं को महंगी जमीनों पर कब्जा दिलाया जा रहा है।
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कहा कि चकबंदी के ही फेर में आकर गांव कुम्हारपुरा निवासी किसान अशोक कुमार ने कलक्ट्रेट में आत्महत्या की थी। किसानों ने निष्पक्ष कार्रवाई न होने तक अनिश्चितकालीन धरना देने की बात कही। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मंगलवार को खुद मौके पर जाकर मामला दिखवाने का आश्वासन दिया। कहा कि अगर किसी के चक गलत काटे गए हैं तो उसे ठीक कराया जाएगा। उनके आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इस दौरान विजेंद्र सिंह, राकेश प्रधान, अंकित गुर्जर, विरेंद्र सिंह, रविंद्र भगत, नरसिंह, जयपाल सिंह, अशोक कुमार, हुकम सिंह, धासीमराम आदि मौजूद रहे। उधर, भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि मामले में पता किया जाएगा। हम किसानों के हित के लिए कार्य करते हैं।
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