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आशियाना बनाते-बनाते कर्ज में डूबा बिट्टन
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नजीबाबाद - बिट्टन।
- फोटो : NAZIBABAD
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आशियाना बनाते-बनाते कर्ज में डूबा बिट्टन
नजीबाबाद। गरीबों को आवास देने के लिए चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में व्यवस्थाओं के लचीलेपन से लोग परेशान हैं। कुछ पात्र अधूरे आशियाने की दूसरी व तीसरी किस्त मिलने के इंतजार में हैं। तो कुछ पात्र जल्द आशियाना मिलने के बाद कर्ज उतारने की चिंताओं में डूबे हैं।
नगरपालिका परिषद क्षेत्र में जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से प्रधानमंत्री आवास बनवाए जा रहे हैं। मोहल्ला पठानपुरा निवासी पेंटर बिट्टन करीब ढाई वर्ष से अपने आवास में रहने के लिए विभाग के चक्कर काटते-काटते कर्ज में डूब चुके हैं। हालांकि बिट्टन को हाल ही में प्रधानमंत्री आवास निर्माण की अंतिम किस्त मिल चुकी है। लिंटर भी उन्होंने डलवा लिया है। आवास के प्लास्टर आदि का काम कराया जा रहा है।
बिट्टन का कहना है कि आवास निर्माण के लिए उन्हें आवास स्वीकृत कराने, निर्माण के लिए किस्तें जारी कराने में दर-दर भटकना पड़ा है। आवास निर्माण शुरू होने के बाद से लगभग दो वर्ष से बिट्टन किराये के मकान में रह रहे हैं। उन्हें पहली किस्त 50 हजार रुपये, दूसरी 1.50 लाख रुपये और अंतिम किस्त करीब 49 हजार रुपये जारी हुई।
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बिट्टन कहते हैं कि लगभग 60 हजार से 70 हजार रुपये मकान का किराया दे चुके हैं। अंतिम किस्त जारी होने से पूर्व उन्हें कर्ज भी लेना पड़ा। बिट्टन का कहना है कि उन्हें आवास तो अब जल्द नसीब हो जाएगा लेकिन आवास निर्माण में किराये व अन्य खर्चों में वे कर्ज में डूब चुके हैं। अब चिंता है तो बस परिवार के पालन के साथ हजारों रुपये का कर्ज उतारने की। प्रधानमंत्री आवास के नगर में अनेक ऐसे पात्र हैं जिन्हें दूसरी और तीसरी किस्त जारी होने का इंतजार है। डूडा की उदासीनता से आवास संबंधी चुनौतियों से घिरे हैं पात्र।
- डूडा के सहायक परियोजना अधिकारी पवन शर्मा का कहना है कि पिछले सभी पात्रों को सभी किस्तें जारी हो चुकीं हैं। अब नए पात्रों की किस्तें आ रहीं हैं। शासन से धनराशि सीधे पात्रों के खातों में ही आ रही है।
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नजीबाबाद। गरीबों को आवास देने के लिए चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में व्यवस्थाओं के लचीलेपन से लोग परेशान हैं। कुछ पात्र अधूरे आशियाने की दूसरी व तीसरी किस्त मिलने के इंतजार में हैं। तो कुछ पात्र जल्द आशियाना मिलने के बाद कर्ज उतारने की चिंताओं में डूबे हैं।
नगरपालिका परिषद क्षेत्र में जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से प्रधानमंत्री आवास बनवाए जा रहे हैं। मोहल्ला पठानपुरा निवासी पेंटर बिट्टन करीब ढाई वर्ष से अपने आवास में रहने के लिए विभाग के चक्कर काटते-काटते कर्ज में डूब चुके हैं। हालांकि बिट्टन को हाल ही में प्रधानमंत्री आवास निर्माण की अंतिम किस्त मिल चुकी है। लिंटर भी उन्होंने डलवा लिया है। आवास के प्लास्टर आदि का काम कराया जा रहा है।
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बिट्टन का कहना है कि आवास निर्माण के लिए उन्हें आवास स्वीकृत कराने, निर्माण के लिए किस्तें जारी कराने में दर-दर भटकना पड़ा है। आवास निर्माण शुरू होने के बाद से लगभग दो वर्ष से बिट्टन किराये के मकान में रह रहे हैं। उन्हें पहली किस्त 50 हजार रुपये, दूसरी 1.50 लाख रुपये और अंतिम किस्त करीब 49 हजार रुपये जारी हुई।
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बिट्टन कहते हैं कि लगभग 60 हजार से 70 हजार रुपये मकान का किराया दे चुके हैं। अंतिम किस्त जारी होने से पूर्व उन्हें कर्ज भी लेना पड़ा। बिट्टन का कहना है कि उन्हें आवास तो अब जल्द नसीब हो जाएगा लेकिन आवास निर्माण में किराये व अन्य खर्चों में वे कर्ज में डूब चुके हैं। अब चिंता है तो बस परिवार के पालन के साथ हजारों रुपये का कर्ज उतारने की। प्रधानमंत्री आवास के नगर में अनेक ऐसे पात्र हैं जिन्हें दूसरी और तीसरी किस्त जारी होने का इंतजार है। डूडा की उदासीनता से आवास संबंधी चुनौतियों से घिरे हैं पात्र।
- डूडा के सहायक परियोजना अधिकारी पवन शर्मा का कहना है कि पिछले सभी पात्रों को सभी किस्तें जारी हो चुकीं हैं। अब नए पात्रों की किस्तें आ रहीं हैं। शासन से धनराशि सीधे पात्रों के खातों में ही आ रही है।

नजीबाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहा मकान।- फोटो : NAZIBABAD