{"_id":"6a3c08341c6795bb660f6a49","slug":"bijnor-tragic-incident-in-nehtaur-three-year-old-girl-drowns-in-a-water-filled-pit-family-in-mourning-2026-06-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bijnor: नहटौर में दर्दनाक हादसा, पानी भरे गड्ढे में गिरकर तीन साल की बच्ची की मौत, परिवार में मातम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor: नहटौर में दर्दनाक हादसा, पानी भरे गड्ढे में गिरकर तीन साल की बच्ची की मौत, परिवार में मातम
Wed, 24 Jun 2026 10:09 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 24 Jun 2026 10:09 PM IST
सार
बिजनौर के गांव इब्राहिम साधो में अकबर की तीन साल की बेटी अलिशबा बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी वह पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। जब तक उसे निकाला गया, तब बच्ची की मौत हो चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
गड्ढे में भरा पानी। सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
नहटौर थाना क्षेत्र के गांव इब्राहिमपुर साधो उर्फ अलीनगर में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेलते समय तीन वर्षीय बच्ची की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी अकबर की तीन वर्षीय पुत्री अलिशबा अन्य बच्चों के साथ गांव से लगभग 400 मीटर दूर स्थित पानी की टंकी के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक टंकी परिसर में पिलर निर्माण के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। काफी देर तक जब बच्ची बाहर नहीं आई तो उसके साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल बच्ची को गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्ची के परिजन उसे आनन-फानन नहटौर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के संबंध में प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से फिलहाल कोई तहरीर या सूचना नहीं दी गई है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सुरक्षा की अनदेखी और अनभिज्ञता बनी मौत का कारण
यह घटना एक बार फिर खुले और खतरनाक जल स्रोतों के प्रति बरती जा रही लापरवाही को उजागर करती है। पिलर निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरने के बावजूद उसे ढकना या सुरक्षित करना आवश्यक था। गड्ढे के पास कोई सचेत करने वाला बोर्ड भी नहीं लगा रखा था। बच्चों की पहुंच में इस तरह के गड्ढे बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। यह घटना स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सचेत रहें।
यह घटना एक बार फिर खुले और खतरनाक जल स्रोतों के प्रति बरती जा रही लापरवाही को उजागर करती है। पिलर निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरने के बावजूद उसे ढकना या सुरक्षित करना आवश्यक था। गड्ढे के पास कोई सचेत करने वाला बोर्ड भी नहीं लगा रखा था। बच्चों की पहुंच में इस तरह के गड्ढे बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। यह घटना स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सचेत रहें।
भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव हेतु आवश्यक कदम
ऐसे गड्ढों को खुला छोड़ने वालों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
निर्माण स्थलों पर खोदे गए गड्ढों को तत्काल भरना या सुरक्षित करना।
पानी से भरे खुले गड्ढों के आसपास चेतावनी संकेत लगाना।
बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थानों पर खेलने से रोकना और उनकी निगरानी करना।
स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना।
ऐसे गड्ढों को खुला छोड़ने वालों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
निर्माण स्थलों पर खोदे गए गड्ढों को तत्काल भरना या सुरक्षित करना।
पानी से भरे खुले गड्ढों के आसपास चेतावनी संकेत लगाना।
बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थानों पर खेलने से रोकना और उनकी निगरानी करना।
स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना।