Bijnor: बाल्टी गिरने पर बंदर समझकर भगाने दौड़ी, दरवाजा खोला तो सामने खड़ा था बाघ, कांप गया महिला का दिल
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कालागढ़ टाइगर रिजर्व में अब वनों से निकलकर बाघ आबादी की और भी रुख करने लगे हैं। इससे लोगों में दहशत फैल गई है। बता दें कि बिजनौर में गुलदार के हमलों से लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। ऐसे में अब बाघ दिखने के बाद लोगों को सुरक्षा का खतरा सताने लगा है।
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कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से आबादी की ओर आने वाले बाघ अब घरों में भी घुसने लगे हैं। बाघों के घरों में आने से नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। वन विभाग ने वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने व सावधान रहने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में वन्यजीवों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अब वह सीमावर्ती खेतों में विचरण करने के साथ साथ घरों में आ धमकते हैं। यहां केंद्रीय काॅलोनी निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके मकान के आंगन में एक बाघ आकर खड़ा हो गया।
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बताया कि उस समय उनकी पत्नी रसोई में कुछ काम कर रही थीं। उन्हें आंगन में बाल्टी गिरने की आवाज आई। उन्होंने सोचा कि शायद बंदरों का झुंड उत्पात मचा रहा होगा। वह दरवाजा खोलकर बाहर आई तो आंगन में एक बाघ खड़ा था। उसे देखकर वह भयभीत हो गई और फिर से दरवाजा बंद कर लिया।
मोहल्ले वालो ने शोरगुल किया तब जाकर वह बाघ सूखासोत में जंगल की ओर चला गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। नागरिकों ने वन विभाग से आबादी क्षेत्र में गश्ती दलों की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
उधर, कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट का कहना है कि हिंसक जीवों से दूरी बनाएं। दिखाई देते ही विभाग को सूचना दें। केन्द्रीय कालोनी में गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। गश्त तेज करने के निर्देश गश्ती दलों को दिए हैं।