Bijnor: पिता ने घर में घुसते ही बेटे की चाकू घोंपकर की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार, सामने आई मर्डर की ये वजह
बिजनाैर जनपद के नूरपुर में शराब पीकर घर पिता ने बेटे को चाकू गोदकर हत्या कर दी। बताया गया कि शराब पीने का विरोध करने पर पिता ने अपने ही बेटे की हत्या कर डाली।
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बिजनाैर जनपद के नूरपुर में शराब पीकर घर पहुंचने पर विरोध करने पर पिता ने बेटे की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने पुत्रहंता आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है। उधर हत्या किए जाने से परिवार में होली की खुशियां मातम में बदल गईं।
गांव धौलागढ़ में होलिका दहन के बाद घर पहुंचे विनोद बाल्मीकि की किसी बात को लेकर अपने बेटे राहुल बाल्मीकि से बहस हो गई। जिसके बाद मामला कहासुनी में बदलने के बाद विनोद ने घर में रखा छुरा निकाल कर राहुल के सीने ताबड़तोड़ वार कर मौत की नींद सुला दिया। होली पर्व पर रंग की जगह घर का आंगन खून से सराबोर हो गया। बताया गयाकि आरेापी विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा, जिस पर उसके बेटे ने विरोध किया।
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इसके बाद विनोद ने चाकू से अपने बेटे राहुल के सीने में दो वार कर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी देहात राम अर्ज, सीओ राजेश सौलंकी, थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार मौके पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कुछ समय बाद ही आरोपी विनोद को पुलिस के गिरफ्तार कर लिया। गांव में पिता द्वारा बेटे की निर्मम हत्या का मामला चर्चा का विषय बना है।
पहले भी किया गया अपनों का कत्ल
गांव धौलागढ़ में 27 नबम्बर को भांजे ने मामा पवन यादव की हत्या कर दी थी। जिसके बाद दूसरी घटना में गत 29 दिसम्बर को सगे भाई ने ही मोहित सैनी की चाकू से गोदकर हत्या की घटना को अंजाम दे डाला था। अब होली के अवसर पर गांव में पिता ने पुत्र की हत्या कर सनसनी मचा दी है।
सहनशीलता की कमी में बढ़ रहे अपराध
होली पर बेटे के खून से घर के आंगन को रंगने वाला आरोपी पिता तो पुलिस हिरासत में चला गया। लेकिन ऐसे जघन्य अपराध के पीछे की कहानी क्या है इस पर विचार करने की जरूरत है? आए दिन घर में झगड़े का कारण युवाओं में नशे की बढ़ती लत से परिवार टूट रहे हैं।
गांव धौलागढ़ में भी खून से खेली गई होली इसी के आसपास केंद्रित होती दिखाई दे रही है। व्यसन को छोड़ने की कवायद करना अपनी जान खो देना यही दर्शाता है, कि मानवता व्यवहार में सहनशीलता की कमी हो गई है।
ढोल की थाप पर होलिका दहन करने के बाद घर पहुंचे विनोद बाल्मीकि को भी नहीं मालूम था कि उसके परिवार में क्या घटना होने वाली है? बेटों व पत्नी के साथ नशे की लत को छोड़ने पर कहासुनी हुई जिस पर गुस्साए पिता विनोद ने बेटे राहुल के सीने पर चाकू से वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया।
निर्दयिता व नशे ने रिश्तों को इस कदर झकझोर कर दिया कि हर कोई इस घटनाक्रम से स्तव्ध है। पीड़ित परिवार ही नहीं बल्कि पूरा गांव ही होली के रंगों से वे रंग रहा। मृतक राहुल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था, बहन की शादी हो चुकी है।