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गुड़ महोत्सव के उदघाटन से पहले ही बिक ग
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उद्घाटन से पहले ही बिक गया बिजनौर का गुड़
बिजनौर। लखनऊ में आयोजित गुड़ महोत्सव ने बिजनौर के गुड़ ने धूम मचा दी। जिले में बना गुड़ महोत्सव के शुरू होने से पहले ही बिक गया। गुड़ का रेट भी शानदार मिला। बाहर के व्यापारी जिले के क्रेशर संचालकों के नंबर ले रहे हैं। उम्मीद है आने वाले समय में जिले को गुड़ के बड़े ऑर्डर मिलेंगे।
बिजनौर जिला गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है। बीते साल कोरोना के समय गुड़ की मांग बढ़ी तो कोल्हू व क्रेशरों की संख्या में बहुत इजाफा हो गया। सरकार भी चाहती है कि गुड़ का बाजार और बढ़े ताकि चीनी के व्यापार पर गन्ने का बोझ कम हो। इस उद्देश्य से पहली बार लखनऊ में गुड़ महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें जिले के सात क्रेशर संचालक सिद्घबली केन क्रेशर चांदपुर, एनएसएम कुम्हेड़ा, अंबिका शुगर एंड केन प्रोडक्ट, बाबा गुड़ केन क्रेशर, किसान गुड़ उत्पादन केंद्र आदि के मालिक अपना गुड़ लेकर गए थे। कुल 350 क्विंटल गुड़ ले जाया गया था। गुड़ महोत्सव रविवार को शुरू हुआ, लेकिन किसानों का गुड़ शनिवार को जाते ही बिक गया। गुड़ 70 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में बिका।
डीसीओ यशपाल सिंह ने बताया कि जिले के कोल्हू व क्रेशर संचालक बिना मसाले का गुड़ बनाते हैं। इसे बाहर बहुत पसंद किया गया और सारा माल हाथोंहाथ बिक गया। सहायक चीनी आयुक्त बिजनौर डीके मौर्य ने बताया कि जिले के गुड़ को व्यवसायियों ने बहुत पसंद किया है। उन्होंने क्रेशर मालिकों के नंबर लिए हैं। बाहर के व्यापारी जिले में आएंगे तो गुड़ के सही दाम मिलेंगे और बिक्री अधिक होगी।
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बिजनौर। लखनऊ में आयोजित गुड़ महोत्सव ने बिजनौर के गुड़ ने धूम मचा दी। जिले में बना गुड़ महोत्सव के शुरू होने से पहले ही बिक गया। गुड़ का रेट भी शानदार मिला। बाहर के व्यापारी जिले के क्रेशर संचालकों के नंबर ले रहे हैं। उम्मीद है आने वाले समय में जिले को गुड़ के बड़े ऑर्डर मिलेंगे।
बिजनौर जिला गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है। बीते साल कोरोना के समय गुड़ की मांग बढ़ी तो कोल्हू व क्रेशरों की संख्या में बहुत इजाफा हो गया। सरकार भी चाहती है कि गुड़ का बाजार और बढ़े ताकि चीनी के व्यापार पर गन्ने का बोझ कम हो। इस उद्देश्य से पहली बार लखनऊ में गुड़ महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें जिले के सात क्रेशर संचालक सिद्घबली केन क्रेशर चांदपुर, एनएसएम कुम्हेड़ा, अंबिका शुगर एंड केन प्रोडक्ट, बाबा गुड़ केन क्रेशर, किसान गुड़ उत्पादन केंद्र आदि के मालिक अपना गुड़ लेकर गए थे। कुल 350 क्विंटल गुड़ ले जाया गया था। गुड़ महोत्सव रविवार को शुरू हुआ, लेकिन किसानों का गुड़ शनिवार को जाते ही बिक गया। गुड़ 70 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में बिका।
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डीसीओ यशपाल सिंह ने बताया कि जिले के कोल्हू व क्रेशर संचालक बिना मसाले का गुड़ बनाते हैं। इसे बाहर बहुत पसंद किया गया और सारा माल हाथोंहाथ बिक गया। सहायक चीनी आयुक्त बिजनौर डीके मौर्य ने बताया कि जिले के गुड़ को व्यवसायियों ने बहुत पसंद किया है। उन्होंने क्रेशर मालिकों के नंबर लिए हैं। बाहर के व्यापारी जिले में आएंगे तो गुड़ के सही दाम मिलेंगे और बिक्री अधिक होगी।
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