UP : पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को तीन माह की सजा, इसलिए हुई ये बड़ी कार्रवाई
Bijnor News : पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के प्रबंध निदेशक को तीन माह के कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आदेश के बावजूद भी करंट से हुई मौत की क्षतिपूर्ति राशि के रूप में पांच लाख रुपये कंचन देवी और उसके बच्चों को नहीं देने पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के प्रबंध निदेशक को तीन माह के कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
आयोग ने यह भी आदेश पारित किया है कि सजायाबी वारंट बनाकर एसएसपी मेरठ को भेजा जाए। साथ ही इसके अनुपालन के लिए पत्र भी प्रेषित किया जाए।
कंचन देवी ने आयोग के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रेषित किया था कि उसके पति संजीव कुमार निवासी गांव तीबड़ी घेर की वर्ष 2016 में करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में आयोग ने क्षतिपूर्ति राशि के रूप में पांच लाख रुपये अदा करने के आदेश विद्युत निगम को दिए थे। मगर, कोई न कोई विभागीय बहाना बनाकर विद्युत निगम भुगतान टाल रहा है।
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आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन, सदस्य मनोज कुमार पंडित की पीठ ने इस मामले में पाया कि बार-बार आदेश करने और समय दिए जाने के बावजूद भी निगम द्वारा आदेशित धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। आठ फरवरी 2023 को सजा के लिए नोटिस भी तामिल निगम पर हो गई। इसके बाद भी क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया। इस पर आयोग ने वरिष्ठ अधिकारी प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ को सजा सुनाई है।
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