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UP New: नरभक्षी तेंदुआ... मुंह लग चुका इंसान का मांस, एक माह में तीन लोगों को मार चुका, पिंजरा-कैमरे सब बेकार
Mon, 26 Aug 2024 06:46 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 26 Aug 2024 06:46 PM IST
सार
तेंदुआ नरभक्षी हो चुका है। उसके मुंह इंसान का मांस लग गया है। उसने बकरी को मारकर छोड़ दिया, उसका मांस नहीं खाया। आशंका है कि वह फिर से किसी इंसान पर हमले की फिराक में है।
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तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हीमपुर दीपा क्षेत्र के जलालपुर में किसान को मारने वाला गुलदार (तेंदुआ) शातिर हो गया है। पिंजरे के पास से होकर चला जाता है, लेकिन वन विभाग के बिछाए जाल में नहीं फंस रहा। वन विभाग से लेकर विशेषज्ञों की टीम भी गुलदार की बढ़ती शातिरता से हैरान नजर आ रही है।
नरभक्षी गुलदार और बाघों के सबसे बड़े शिकारी रहे जिम कार्बेट ने अपनी किताब में गुलदार को लेकर जो टिप्पणी की थी, वह आज भी सही साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि था कि एक नरभक्षी बाघ के मुकाबले गुलदार को मारना या पकड़ना ज्यादा मुश्किल है। बिजनौर जिले में पिछले एक माह में तीन लोगों की जान लेने वाला गुलदार एक सप्ताह से वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम को छका रहा है।
उस क्षेत्र में 11 पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही दो जाल भी लगाए गए। इसके अलावा दो ट्रैंक्यूलाइज टीम, एक ड्रोन कैमरे से उसकी तलाश हो रही है। अब तक का इसका परिणाम केवल इतना निकला कि एक ट्रैप कैमरे में गुलदार की तस्वीर कैद हुई। इसके अलावा खुले में बांधी गई बकरी को उसने मार डाला है। पिंजरे के पास आया तो लेकिन अंदर नहीं गया।
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नरभक्षी गुलदार और बाघों के सबसे बड़े शिकारी रहे जिम कार्बेट ने अपनी किताब में गुलदार को लेकर जो टिप्पणी की थी, वह आज भी सही साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि था कि एक नरभक्षी बाघ के मुकाबले गुलदार को मारना या पकड़ना ज्यादा मुश्किल है। बिजनौर जिले में पिछले एक माह में तीन लोगों की जान लेने वाला गुलदार एक सप्ताह से वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम को छका रहा है।
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उस क्षेत्र में 11 पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही दो जाल भी लगाए गए। इसके अलावा दो ट्रैंक्यूलाइज टीम, एक ड्रोन कैमरे से उसकी तलाश हो रही है। अब तक का इसका परिणाम केवल इतना निकला कि एक ट्रैप कैमरे में गुलदार की तस्वीर कैद हुई। इसके अलावा खुले में बांधी गई बकरी को उसने मार डाला है। पिंजरे के पास आया तो लेकिन अंदर नहीं गया।
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वन विभाग के कैमरे में कैद हुआ नरभक्षी तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला
शातिर हो चुका है गुलदार : ज्ञान सिंह
एसडीओ ज्ञान सिंह का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगे हैं। इसके अलावा पगचिह्नों से भी उसकी पहचान की जा रही है। शीघ्र ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
एसडीओ ज्ञान सिंह का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगे हैं। इसके अलावा पगचिह्नों से भी उसकी पहचान की जा रही है। शीघ्र ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
हल्दौर में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगा पिंजरा।
- फोटो : अमर उजाला
बकरी को नहीं खाया, जल्द इंसान पर कर सकता है हमला
जलालपुर के पास किसान को मारने वाले गुलदार ने उसका मांस भी खाया था। वन विभाग ने उसे नरभक्षी मान भी लिया है और शासन को पत्र लिखा था। ऐसे में नरभक्षी हुए गुलदार ने एक दिन पहले ही एक बकरी को मारा, लेकिन उसे खाया नहीं। वहीं पुराना शिकार किए उसे पांच दिन से ज्यादा हो गए हैं। वन्य जीव विशेषज्ञ जेएल लायल कहते हैं कि पांच से सात दिन में गुलदार फिर से अपने नए शिकार पर निकलता है। यदि उसे कोई जानवर नहीं मिला तो उस एरिया के पांच किमी के दायरे में किसी इंसान पर हमला भी हो सकता है। ऐसे में वहां के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
जलालपुर के पास किसान को मारने वाले गुलदार ने उसका मांस भी खाया था। वन विभाग ने उसे नरभक्षी मान भी लिया है और शासन को पत्र लिखा था। ऐसे में नरभक्षी हुए गुलदार ने एक दिन पहले ही एक बकरी को मारा, लेकिन उसे खाया नहीं। वहीं पुराना शिकार किए उसे पांच दिन से ज्यादा हो गए हैं। वन्य जीव विशेषज्ञ जेएल लायल कहते हैं कि पांच से सात दिन में गुलदार फिर से अपने नए शिकार पर निकलता है। यदि उसे कोई जानवर नहीं मिला तो उस एरिया के पांच किमी के दायरे में किसी इंसान पर हमला भी हो सकता है। ऐसे में वहां के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
हल्दौर के गांव जलालपुर भूड़ के जंगल में गुलदार को तलाश करती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
गुलदार के शिकार किसानों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये दो
भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) की पंचायत में वक्ताओं ने गुलदार के शिकार किसानों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
गांव तालिबपुर में हुई पंचायत में युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि चौधरी ने कहा कि चांदपुर क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में 14 किसानों को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया। घटना ने क्षेत्र के किसानों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। गुलदारों को पकड़वाकर सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जाए।
भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) की पंचायत में वक्ताओं ने गुलदार के शिकार किसानों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
गांव तालिबपुर में हुई पंचायत में युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि चौधरी ने कहा कि चांदपुर क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में 14 किसानों को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया। घटना ने क्षेत्र के किसानों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। गुलदारों को पकड़वाकर सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जाए।