फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Bijnor : Hastinapur Sanctuary now will be known as State Wild Life Barasingha Sanctuary

Bijnor : अब राज्य वन्य जीव बारहसिंघा अभयारण्य के नाम से जानी जाएगी हस्तिनापुर सेंक्चुअरी, शासन ने लगाई मुहर

Fri, 25 Aug 2023 01:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा रजनीश त्यागी, बिजनौर
रजनीश त्यागी, बिजनौर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 25 Aug 2023 01:29 AM IST
सार

शासन ने इस नए नाम पर मुहर भी लगा दी है। वहीं, दूसरी ओर अभयारण्य से 200 से ज्यादा गांव बाहर होने के बाद इसके ईको सेंसेटिव जोन के गठन का काम भी तेजी से चल रहा है।

विज्ञापन
Bijnor : Hastinapur Sanctuary now will be known as State Wild Life Barasingha Sanctuary
बारहसिंघा

विस्तार

हस्तिनापुर सेंक्चुअरी का नाम बदलकर अब राज्य वन्य जीव बारहसिंघा अभयारण्य कर दिया गया है। शासन ने इस नए नाम पर मुहर भी लगा दी है। वहीं, दूसरी ओर अभयारण्य से 200 से ज्यादा गांव बाहर होने के बाद इसके ईको सेंसेटिव जोन के गठन का काम भी तेजी से चल रहा है। अभयारण्य की सीमा बिजनौर, मेरठ समेत पांच जिलों में फैली हुई है।

विज्ञापन


हस्तिनापुर वन्य जीव विहार की पहली अधिसूचना वर्ष 1986 में की गई थी। मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, हापुड़ में इसकी सीमाएं फैली हुई है। इसी वर्ष की शुरुआत इसकी नई सूचनाओं की अधिसूचना का प्रख्यापन हो गया। सबसे ज्यादा बिजनौर के 170 गांव इसकी सीमा से बाहर हो गए और अब मात्र बिजनौर और चांदपुर तहसील के मात्र 142 गांव ही इस सीमा के अंदर रह गए हैं। जबकि पांचों जिलों से 200 से ज्यादा गांव बाहर हुए। इसके अलावा इसे लेकर एक बड़ा परिवर्तन इसके नाम को लेकर हुआ है। हस्तिनापुर वन्य जीव विहार मेरठ के नाम को बदलते हुए अब इसका नाम राज्य वन्य जीव बारहसिंघा अभयारण्य कर दिया गया है।
विज्ञापन


इस अभयारण्य का मकसद बारहसिंघा को संरक्षण देना था। यूं तो कई वर्षों से कोई सटीक गणना नहीं हुई, लेकिन इस समय 450 से ज्यादा बारहसिंघा इस अभयारण्य में होने का अनुमान है। इसके अलावा हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन समेत सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इको सेंसेटिव जोन के गठन की प्रक्रिया तेज

हस्तिनापुर अभयारण्य में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 170 गांव अभयारण्य से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर पांचों जिले के वन अफसर मिलकर इसके इकोसेंसेटिव जोन के गठन पर काम कर रहे हैं। इसी माह के अंतिम सप्ताह या अगले माह के शुरुआत तक इसका गठन भी हो जाएगा।

हैदरपुर समेत 16 वेटलैंड आकर्षण का केंद्र
राज्य वन्य जीव बारहसिंघा अभयारण्य में पक्षियों का बड़ा संसार बसता है। इस कारण यहां पर हैदरपुर वेटलैंड रामसर साइट समेत इसी तरह के 16 वेटलैंड का होना है। भले ही अधिकांश लोग केवल हैदरपुर वेटलैंड को ही जानते हैं, लेकिन इस अभयारण्य में यह बड़ी संख्या में हैं।


हस्तिनापुर वन्य जीव विहार का नाम अब राज्य वन्य जीव बारहसिंघा अभयारण्य हो गया है। इसकी सीमा का पुनर्गठन पहले ही हो चुका है और अब इको सेंसेटिव जोन के गठन पर काम चल रहा है। इसके बाद अभयारण्य में वन्य जीवों के संरक्षण संबंधी कार्य भी किए जाएंगे।
 - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग, बिजनौर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed