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टेलीमेडिसिन में पिछड़ गया जनपद बिजनौर
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टेलीमेडिसिन में पिछड़ गया जनपद बिजनौर
बिजनौर। अब जरूरत के समय पर जनपद बिजनौर टेलीमेडिसिन सेवा में पिछड़ गया है। जनवरी तक प्रदेश में 28 वें स्थान पर रहने वाला जिला अब इस महामारी के दौर में खिसक कर 44 वें स्थान पर पहुंच गया है।
इस बार कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले से लगभग चार गुना है। संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए शासन ने जिला अस्पताल की ओपीडी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों के मोबाइल नंबरों की सूची जारी करते हुए लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की थी। साथ ही कोई भी सामान्य बीमारी होने पर चिकित्सकों से फोन पर बात करने के बाद ही अपनी समस्या का समाधान करने को कहा था। इससे एक ओर तो जिला अस्पताल में सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भीड़ कम हुई तो वहीं दूसरी तरफ लोगों का आवागमन का खर्च भी बचा है। ऐसे में लोगों ने इस सेवा का काफी लाभ लिया है।
पिछले वर्ष कोरोना महामारी की शुरुआत में भी जिला प्रशासन ने अपने विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों के मोबाइल नंबर जारी करते हुए लोगों से टेलीमेडिसिन के लिए समाधान करने के लिए कहा था। पिछले वर्ष में करीब एक लाख 45 हजार 375 लोगों ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों से फोन पर बात कर अपनी बीमारी का समाधान किया था। इस दौरान हालात सामान्य होने पर फिर से अस्पतालों में ओपीडी की छूट प्रदान की गई थी, लेकिन टेलीमेडिसिन की सुविधा जारी रही।
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अब फिर से जिला अस्पताल में टेलीमेडिसिन से ही काम चलाया जा रहा है। सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद ने बताया कि पिछले साल में जनपद के करीब डेढ़ लाख लोगों ने इसका लाभ लिया। फिलहाल हमारा जिला 44 वें स्थान पर है। रोजाना विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास मरीजों की कॉल आती हैं और समस्या का समाधान होता है।
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बिजनौर। अब जरूरत के समय पर जनपद बिजनौर टेलीमेडिसिन सेवा में पिछड़ गया है। जनवरी तक प्रदेश में 28 वें स्थान पर रहने वाला जिला अब इस महामारी के दौर में खिसक कर 44 वें स्थान पर पहुंच गया है।
इस बार कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले से लगभग चार गुना है। संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए शासन ने जिला अस्पताल की ओपीडी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों के मोबाइल नंबरों की सूची जारी करते हुए लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की थी। साथ ही कोई भी सामान्य बीमारी होने पर चिकित्सकों से फोन पर बात करने के बाद ही अपनी समस्या का समाधान करने को कहा था। इससे एक ओर तो जिला अस्पताल में सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भीड़ कम हुई तो वहीं दूसरी तरफ लोगों का आवागमन का खर्च भी बचा है। ऐसे में लोगों ने इस सेवा का काफी लाभ लिया है।
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पिछले वर्ष कोरोना महामारी की शुरुआत में भी जिला प्रशासन ने अपने विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों के मोबाइल नंबर जारी करते हुए लोगों से टेलीमेडिसिन के लिए समाधान करने के लिए कहा था। पिछले वर्ष में करीब एक लाख 45 हजार 375 लोगों ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों से फोन पर बात कर अपनी बीमारी का समाधान किया था। इस दौरान हालात सामान्य होने पर फिर से अस्पतालों में ओपीडी की छूट प्रदान की गई थी, लेकिन टेलीमेडिसिन की सुविधा जारी रही।
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अब फिर से जिला अस्पताल में टेलीमेडिसिन से ही काम चलाया जा रहा है। सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद ने बताया कि पिछले साल में जनपद के करीब डेढ़ लाख लोगों ने इसका लाभ लिया। फिलहाल हमारा जिला 44 वें स्थान पर है। रोजाना विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास मरीजों की कॉल आती हैं और समस्या का समाधान होता है।