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बीईओ बनेंगे कस्तूरबा विद्यालयों के खेवनहार
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बीईओ बनेंगे कस्तूरबा विद्यालयों के खेवनहार
बिजनौर। जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने विकास क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का नोडल बनाया है। खंड शिक्षा अधिकारी इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का काम करेंगे। विद्यालयों की समस्त गतिविधियों में भागीदार होकर बालिकाओं का भविष्य संवारेंगे।
जनपद में 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100-100 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। शिक्षा विभाग ने पढ़ाई छोड़ चुकी छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आवासीय विद्यालय संचालित किए गए थे। इनमें छात्राओं की पढ़ाई, रहना व खाना, यूनिफॉर्म, पुस्तकें आदि सभी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाती हैं। विद्यालयों में छात्राओं को क्लास में पढ़ाने के साथ ऑनलाइन भी पढ़ाया जाता है। गत शैक्षिक सत्र में ऑनलाइन गणित पढ़ाया गया। इस वर्ष आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से विज्ञान किट देकर छात्रों को विज्ञान के गुर सिखाए जा रहे हैं। इनमें एक नई पहल करते हुए महानिदेशक स्कूली शिक्षा वीके आनंद ने कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का स्तर उठाने के लिए बीईओ को नोडल अधिकारी बनाया है। वह अपने क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की मॉनिटरिंग कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का काम करेंगे।
कठिनाइयों को सुनकर कराएंगे समाधान
जनपद में कस्तूरबा गांधी विद्यालय 21 जून से खुल गए हैं। बीईओ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के वार्डन, शिक्षकों, रसोइयों तथा अन्य के साथ मीटिंग कर उनके समस्याओं को समझेंगे। उन्हें दूर करने का काम करेंगे। साथ ही बीईओ विद्यालयों के भौतिक संसाधनों को पूर्ण करने के लिए डीएम व बीएसए के समक्ष योजना बनाकर प्रस्तुत करेंगे। बीएसए जयकरन ने बताया कि सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बीईओ गोद देते हुए उन्हें उनका नोडल अधिकारी बनाया गया है। उम्मीद है कि इस व्यवस्था से कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुविधाओं तथा शिक्षा में परिवर्तन होंगे।
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बिजनौर। जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने विकास क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का नोडल बनाया है। खंड शिक्षा अधिकारी इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का काम करेंगे। विद्यालयों की समस्त गतिविधियों में भागीदार होकर बालिकाओं का भविष्य संवारेंगे।
जनपद में 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100-100 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। शिक्षा विभाग ने पढ़ाई छोड़ चुकी छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आवासीय विद्यालय संचालित किए गए थे। इनमें छात्राओं की पढ़ाई, रहना व खाना, यूनिफॉर्म, पुस्तकें आदि सभी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाती हैं। विद्यालयों में छात्राओं को क्लास में पढ़ाने के साथ ऑनलाइन भी पढ़ाया जाता है। गत शैक्षिक सत्र में ऑनलाइन गणित पढ़ाया गया। इस वर्ष आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से विज्ञान किट देकर छात्रों को विज्ञान के गुर सिखाए जा रहे हैं। इनमें एक नई पहल करते हुए महानिदेशक स्कूली शिक्षा वीके आनंद ने कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का स्तर उठाने के लिए बीईओ को नोडल अधिकारी बनाया है। वह अपने क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की मॉनिटरिंग कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का काम करेंगे।
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कठिनाइयों को सुनकर कराएंगे समाधान
जनपद में कस्तूरबा गांधी विद्यालय 21 जून से खुल गए हैं। बीईओ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के वार्डन, शिक्षकों, रसोइयों तथा अन्य के साथ मीटिंग कर उनके समस्याओं को समझेंगे। उन्हें दूर करने का काम करेंगे। साथ ही बीईओ विद्यालयों के भौतिक संसाधनों को पूर्ण करने के लिए डीएम व बीएसए के समक्ष योजना बनाकर प्रस्तुत करेंगे। बीएसए जयकरन ने बताया कि सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बीईओ गोद देते हुए उन्हें उनका नोडल अधिकारी बनाया गया है। उम्मीद है कि इस व्यवस्था से कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुविधाओं तथा शिक्षा में परिवर्तन होंगे।
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