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संत रविदास शिक्षा सहायता योजना को नहीं मिल रहे लाभार्थी
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संत रविदास शिक्षा सहायता योजना को नहीं मिल रहे लाभार्थी
बिजनौर। जिले में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या लगभग 5 लाख 27 हजार है। श्रमिकों के लिए कई तरह की योजनाएं चल रही हैं। जिनका श्रमिकों द्वारा खूब लाभ लिया जा रहा है, लेकिन एक योजना ऐसी भी है, जिससे अभी तक कुल 1055 पंजीकृत श्रमिक लाभार्थी हुए हैं। इस योजना का नाम संत रविदास शिक्षा सहायता योजना है, जो 2017 में शुरू हुई थी।
श्रम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक संत रविदास शिक्षा सहायता योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिक के केवल दो बच्चों को ही मिलेगा। इसके तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 150 रुपये प्रतिमाह, कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को 200 रुपये प्रतिमाह और कक्षा 11 व 12 के बच्चों को 250 रुपये प्रतिमाह का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही स्नातक के लिए एक हजार रुपये, परास्नातक के लिए दो हजार रुपये, इंजीनियरिंग/मेडिकल परास्नातक के लिए आठ हजार रुपये प्रतिमाह और अनुसंधान के लिए बच्चों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह का लाभ दिया जाएगा। इस योजना का लाभ जिले में कुल 1055 पंजीकृत श्रमिकों ने ही लिया है।
ये रहा कारण
सहायक श्रम आयुक्त उमेश कुमार ने बताया कि जिन बच्चों को समाज कल्याण विभाग के द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सकता है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलता है, जिन्हें किसी योजना के तहत लाभ नहीं मिल रहा हो। इसके साथ ही योजना का लाभ लेते समय बच्चे की स्कूल में तीन माह में करीब 70 प्रतिशत उपस्थिति होनी जरूरी है। जो स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा लिखित होना चाहिए। साथ ही बीएसए के काउंटर साइन होने चाहिए। जिससे पता चले कि छात्र को किसी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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बिजनौर। जिले में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या लगभग 5 लाख 27 हजार है। श्रमिकों के लिए कई तरह की योजनाएं चल रही हैं। जिनका श्रमिकों द्वारा खूब लाभ लिया जा रहा है, लेकिन एक योजना ऐसी भी है, जिससे अभी तक कुल 1055 पंजीकृत श्रमिक लाभार्थी हुए हैं। इस योजना का नाम संत रविदास शिक्षा सहायता योजना है, जो 2017 में शुरू हुई थी।
श्रम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक संत रविदास शिक्षा सहायता योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिक के केवल दो बच्चों को ही मिलेगा। इसके तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 150 रुपये प्रतिमाह, कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को 200 रुपये प्रतिमाह और कक्षा 11 व 12 के बच्चों को 250 रुपये प्रतिमाह का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही स्नातक के लिए एक हजार रुपये, परास्नातक के लिए दो हजार रुपये, इंजीनियरिंग/मेडिकल परास्नातक के लिए आठ हजार रुपये प्रतिमाह और अनुसंधान के लिए बच्चों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह का लाभ दिया जाएगा। इस योजना का लाभ जिले में कुल 1055 पंजीकृत श्रमिकों ने ही लिया है।
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ये रहा कारण
सहायक श्रम आयुक्त उमेश कुमार ने बताया कि जिन बच्चों को समाज कल्याण विभाग के द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सकता है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलता है, जिन्हें किसी योजना के तहत लाभ नहीं मिल रहा हो। इसके साथ ही योजना का लाभ लेते समय बच्चे की स्कूल में तीन माह में करीब 70 प्रतिशत उपस्थिति होनी जरूरी है। जो स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा लिखित होना चाहिए। साथ ही बीएसए के काउंटर साइन होने चाहिए। जिससे पता चले कि छात्र को किसी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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