देश के विकास में भागीदार बनें अल्पसंख्यक
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश में 1995-96 में अलग से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की स्थापना की गई। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की ओर से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य केवल अल्पसंख्यकों को विकास में भागीदार बनाना है।
शनिवार को डीएम विकास भवन में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अंतर्गत आयोजित गोष्ठी में विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण दिवस के अवसर पर अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम पर भी जोर दिया जाना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा अवसरों को बढ़ावा देना, गरीबों के लिए स्वरोजगार तथा मजदूरी रोजगार योजना, तकनीकी शिक्षा के माध्यम से कौशल उन्नयन, आर्थिक क्रियाकलापों के लिए अभिवृद्धित ऋण सहायता, राज्य व केंद्रीय सेवाओं में भर्ती और अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों के जीवन स्तर की दशा में सुधार करना जैसी योजना का लाभ अल्पसंख्यकों को दिलाएं। राज्य सरकार द्वारा भी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, दशमोत्तर छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, पुत्री के विवाह हेतु अनुदान एवं टर्मलोन योजना है। इस अवसर पर सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी आदि मौजूद रहे।