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मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा से युवाओं में खुशी
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मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बनाने से कम होगी बरेली की दौड़
बिजनौर। कोरोना काल के उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले बजट में विकास कार्यों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया। इससे कुछ लोगों ने खुशी मनाई तो कुछ में मायूसी छाई रही। मंडल स्तर पर यूनिवर्सिटी बनने की घोषणा से युवाओं की खुशी का ठिकाना न रहा। युवाओं का कहना है कि जब मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बनने की शुरुआत हो जाएगी तो हो सकता है कि जिला स्तर पर भी यह सुविधा मिलने लगे। सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना काल का अपना पहला बजट प्रस्तुत किया। अभी तक जनपद बिजनौर के डिग्री कॉलेज महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से संबद्ध हैं।
नूरपुर के जनता डिग्री कॉलेज से डीएलएड द्वितीय वर्ष की छात्रा भावना वशिष्ठ बताती हैं कि मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बनना बेहद ही खुशी की बात है। यदि यह सुविधा जिला स्तर पर मिलने लगे तो इसका जनपद के अनेक छात्र-छात्राओं को काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि ऐसा होने पर एक ओर तो बरेली यूनिवर्सिटी का बोझ कम हो जाएगी तो वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राएं बरेली की दौड़ लगाने से भी बच जाएंगे। आरबीडी कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा खुशबू शर्मा का कहना है कि यदि यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में बनेगी तो बिजनौर विश्वविद्यालय की दूरी आधी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी छात्र-छात्रा को यूनिवर्सिटी जाना पड़ जाए तो उसे लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ता है।
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बिजनौर। कोरोना काल के उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले बजट में विकास कार्यों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया। इससे कुछ लोगों ने खुशी मनाई तो कुछ में मायूसी छाई रही। मंडल स्तर पर यूनिवर्सिटी बनने की घोषणा से युवाओं की खुशी का ठिकाना न रहा। युवाओं का कहना है कि जब मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बनने की शुरुआत हो जाएगी तो हो सकता है कि जिला स्तर पर भी यह सुविधा मिलने लगे। सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना काल का अपना पहला बजट प्रस्तुत किया। अभी तक जनपद बिजनौर के डिग्री कॉलेज महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से संबद्ध हैं।
नूरपुर के जनता डिग्री कॉलेज से डीएलएड द्वितीय वर्ष की छात्रा भावना वशिष्ठ बताती हैं कि मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बनना बेहद ही खुशी की बात है। यदि यह सुविधा जिला स्तर पर मिलने लगे तो इसका जनपद के अनेक छात्र-छात्राओं को काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि ऐसा होने पर एक ओर तो बरेली यूनिवर्सिटी का बोझ कम हो जाएगी तो वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राएं बरेली की दौड़ लगाने से भी बच जाएंगे। आरबीडी कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा खुशबू शर्मा का कहना है कि यदि यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में बनेगी तो बिजनौर विश्वविद्यालय की दूरी आधी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी छात्र-छात्रा को यूनिवर्सिटी जाना पड़ जाए तो उसे लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ता है।
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