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कोटावाली नदी से वाहनों के गुजरने पर लगी रोक
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भागूवाला/नजीबाबाद (बिजनौर)। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने से भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ गया। रविवार को नदी के रपटे पर तीन फीट पानी चला। पानी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने रपटे से वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी। दोपहर बाद पानी का बहाव कम होने वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।
भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी मेें रविवार को जलस्तर बढ़ने से मार्ग पर यातायात बाधित रहा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम परमानंद झा ने कोटावाली नदी रपटा क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने नदी के रपटे पर पानी के तेज बहाव को देखते हुए रपटे से भारी वाहनों को क्रेन लगाकर रुकवा दिया। एसडीएम ने भागूवाला चौकी पुलिस को नदी में पानी के तेज बहाव के दौरान किसी भी वाहन को रपटे से गुजरने की अनुमति नहीं देने को कहा। घंटों तक नदी का बहाव कम न होने पर मार्ग पर भारी वाहनों की कतार लग गई। रोडवेज बसों में भी यात्रियों ने अपने गंतव्य जाने को घंटों इंतजार किया। पुलिस प्रशासन ने पानी का बहाव कम होने और रपटे से मलबा हटवाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। जबकि दोपहिया वाहनों की आवाजाही कोटावाली नदी पर बने पुल से होती रही।
कोटावाली पुल में तकनीकी खराबी के चलते रपटे से गुजरते हैं भारी वाहन
नजीबाबाद। नेशनल हाईवे के कोटावाली नदी पुल के पिलर में तीन साल पूर्व तकनीकी खराबी आने के बाद से पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। एनएचएआई ने भारी वाहनों के आवागमन के लिए पुल के बराबर में रपटा निर्माण कराया था। नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग के भारी वाहन कोटावाली नदी के रपटे से आवागमन करते हैं। पहाड़ों पर होने वाली वर्षा से कभी भी रपटा क्षेत्र में नदी का जल स्तर एक से तीन फीट बढ़ जाता है। इस दौरान भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया जाता है।
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मालन का जलस्तर बढ़ा, फसलों को नुकसान
नजीबाबाद। क्षेत्र की मालन नदी में रविवार की दोपहर बाद अचानक जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खैरूल्लापुर, अलीपुरा सहित मालन नदी के आसपास काश्तकार खेती करते हैं। जलस्तर बढ़ने से मिट्टी के कटान के साथ सब्जी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा।
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भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी मेें रविवार को जलस्तर बढ़ने से मार्ग पर यातायात बाधित रहा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम परमानंद झा ने कोटावाली नदी रपटा क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने नदी के रपटे पर पानी के तेज बहाव को देखते हुए रपटे से भारी वाहनों को क्रेन लगाकर रुकवा दिया। एसडीएम ने भागूवाला चौकी पुलिस को नदी में पानी के तेज बहाव के दौरान किसी भी वाहन को रपटे से गुजरने की अनुमति नहीं देने को कहा। घंटों तक नदी का बहाव कम न होने पर मार्ग पर भारी वाहनों की कतार लग गई। रोडवेज बसों में भी यात्रियों ने अपने गंतव्य जाने को घंटों इंतजार किया। पुलिस प्रशासन ने पानी का बहाव कम होने और रपटे से मलबा हटवाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। जबकि दोपहिया वाहनों की आवाजाही कोटावाली नदी पर बने पुल से होती रही।
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कोटावाली पुल में तकनीकी खराबी के चलते रपटे से गुजरते हैं भारी वाहन
नजीबाबाद। नेशनल हाईवे के कोटावाली नदी पुल के पिलर में तीन साल पूर्व तकनीकी खराबी आने के बाद से पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। एनएचएआई ने भारी वाहनों के आवागमन के लिए पुल के बराबर में रपटा निर्माण कराया था। नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग के भारी वाहन कोटावाली नदी के रपटे से आवागमन करते हैं। पहाड़ों पर होने वाली वर्षा से कभी भी रपटा क्षेत्र में नदी का जल स्तर एक से तीन फीट बढ़ जाता है। इस दौरान भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया जाता है।
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मालन का जलस्तर बढ़ा, फसलों को नुकसान
नजीबाबाद। क्षेत्र की मालन नदी में रविवार की दोपहर बाद अचानक जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खैरूल्लापुर, अलीपुरा सहित मालन नदी के आसपास काश्तकार खेती करते हैं। जलस्तर बढ़ने से मिट्टी के कटान के साथ सब्जी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा।