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रामगंगा बांध क्षेत्र में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
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रामगंगा बांध क्षेत्र में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
कालागढ़। मानसून के आते ही रामगंगा बांध प्रशासन में बांध क्षेत्र में बाहरी लोगों के भ्रमण पर रोक लगा दी है। सुरक्षा कारणों से लगी इस रोक के बाद अब बांध परियोजना क्षेत्र में अब केवल विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी ही प्रवेश कर पाएंगे।
रामगंगा बांध इंजीनियरों के तीर्थ के नाम से विख्यात है। बांध पर इंजीनियरिंग एवं प्रकृति के सुंदर नजरों का अवलोकन करने के लिए बड़ी संख्या में बाहरी लोग विभागीय अनुमति से पहुंचते हैं। काफी मशक्कत के बाद बांध पर पहुंचकर प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। शिवालिक पर्वत मालाओं के बीच बने इस बांध पर रामगंगा नदी के दर्शन करते हैं। बांध क्षेत्र में वर्षा काल शुरू होते ही बांस से बाढ़ नियंत्रण के कार्य शुरू हो जाते हैं। उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण कक्ष को संचालित करता है।
बांध के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि 15 जून से बांध के भंडारण का कार्य शुरू होता है। इस दौरान अनुरक्षण कार्य किए जाते हैं। बारिश के चलते पहाड़ों से चट्टानें आदि टूटकर मलबे के रूप में सड़क पर आ जाती हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में आवाजाही खतरनाक हो सकती है। इसके लिए पहले ही सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। बांध क्षेत्र में भ्रमण के लिए आने वाले लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। बरसात के बाद नियमों के अनुसार ही अनुमति खोली जा सकती है।
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कालागढ़। मानसून के आते ही रामगंगा बांध प्रशासन में बांध क्षेत्र में बाहरी लोगों के भ्रमण पर रोक लगा दी है। सुरक्षा कारणों से लगी इस रोक के बाद अब बांध परियोजना क्षेत्र में अब केवल विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी ही प्रवेश कर पाएंगे।
रामगंगा बांध इंजीनियरों के तीर्थ के नाम से विख्यात है। बांध पर इंजीनियरिंग एवं प्रकृति के सुंदर नजरों का अवलोकन करने के लिए बड़ी संख्या में बाहरी लोग विभागीय अनुमति से पहुंचते हैं। काफी मशक्कत के बाद बांध पर पहुंचकर प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। शिवालिक पर्वत मालाओं के बीच बने इस बांध पर रामगंगा नदी के दर्शन करते हैं। बांध क्षेत्र में वर्षा काल शुरू होते ही बांस से बाढ़ नियंत्रण के कार्य शुरू हो जाते हैं। उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण कक्ष को संचालित करता है।
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बांध के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि 15 जून से बांध के भंडारण का कार्य शुरू होता है। इस दौरान अनुरक्षण कार्य किए जाते हैं। बारिश के चलते पहाड़ों से चट्टानें आदि टूटकर मलबे के रूप में सड़क पर आ जाती हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में आवाजाही खतरनाक हो सकती है। इसके लिए पहले ही सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। बांध क्षेत्र में भ्रमण के लिए आने वाले लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। बरसात के बाद नियमों के अनुसार ही अनुमति खोली जा सकती है।
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