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Bijnor News: बिजनौर - आयुष अस्पतालों को मिलेंगे अपने भवन
Mon, 27 Feb 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 27 Feb 2023 12:13 AM IST
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- चार नए अस्पतालों का भेजा प्रस्ताव, एक निर्माणाधीन
- तीन आयुष अस्पतालों के लिए चिह्नित की गई जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आयुष अस्पतालों की कवायद शुरू कर दी गई है। जमीन नहीं होने की वजह से जिले में आयुष अस्पताल सरकारी भवनों और किराए के भवनों में ही संचालित हो रहे हैं। अब आयुष अस्पतालों को इनके निजी भवनों में पहुंचाने की तैयारी चल रही है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने चार नए आयुष अस्पताल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
जिले में 20 आयुर्वेदिक और नौ यूनानी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनमें से ज्यादातर अस्पताल किराए और अन्य सरकारी भवनों में चल रहे हैं। जिले में चार आयुर्वेदिक अस्पतालों के पास ही अपने निजी भवन हैं। इसके अलावा भागूवाला में एक आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसका करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बिजनौर नगर, दारानगर गंज, कोटकादर, पैजनिया में आयुष अस्पताल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
शासन से हरी झंडी मिलते हीइन जगहों पर अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। कुछ जगह केवल ओपीडी के लिए ही भवन बनेगा। जबकि कुछ जगहों मरीजों को भर्ती करने के लिए भवन बनाया जाएगा। इसके अलावा सहसपुर, फीना और मोहम्मदपुर राजौरी में अस्पताल बनाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
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इन जगहों पर अपने भवनों में संचालित हो रहे आयुष अस्पताल
जिले में ज्यादातर आयुष अस्पताल किराए, पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित हो रहे हैं। आयुर्वेदिक विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जटपुरा महावतपुर, उदयपुर, हरेवली, फतेहपुर आकू में ही आयुष अस्पताल अपने भवनों में चल रहे हैं।
-- -- -- वर्जन::
शासन को चार आयुष अस्पतालों के भवन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। शासन की ओर से निर्देश मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। ज्यादातर आयुष अस्पताल किराए और अन्य सरकारी विभागों के भवनों में संचालित हो रहे हैं - डॉ. हेमंत कुमार, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
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- तीन आयुष अस्पतालों के लिए चिह्नित की गई जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आयुष अस्पतालों की कवायद शुरू कर दी गई है। जमीन नहीं होने की वजह से जिले में आयुष अस्पताल सरकारी भवनों और किराए के भवनों में ही संचालित हो रहे हैं। अब आयुष अस्पतालों को इनके निजी भवनों में पहुंचाने की तैयारी चल रही है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने चार नए आयुष अस्पताल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
जिले में 20 आयुर्वेदिक और नौ यूनानी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनमें से ज्यादातर अस्पताल किराए और अन्य सरकारी भवनों में चल रहे हैं। जिले में चार आयुर्वेदिक अस्पतालों के पास ही अपने निजी भवन हैं। इसके अलावा भागूवाला में एक आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसका करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बिजनौर नगर, दारानगर गंज, कोटकादर, पैजनिया में आयुष अस्पताल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
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शासन से हरी झंडी मिलते हीइन जगहों पर अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। कुछ जगह केवल ओपीडी के लिए ही भवन बनेगा। जबकि कुछ जगहों मरीजों को भर्ती करने के लिए भवन बनाया जाएगा। इसके अलावा सहसपुर, फीना और मोहम्मदपुर राजौरी में अस्पताल बनाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
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इन जगहों पर अपने भवनों में संचालित हो रहे आयुष अस्पताल
जिले में ज्यादातर आयुष अस्पताल किराए, पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित हो रहे हैं। आयुर्वेदिक विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जटपुरा महावतपुर, उदयपुर, हरेवली, फतेहपुर आकू में ही आयुष अस्पताल अपने भवनों में चल रहे हैं।
शासन को चार आयुष अस्पतालों के भवन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। शासन की ओर से निर्देश मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। ज्यादातर आयुष अस्पताल किराए और अन्य सरकारी विभागों के भवनों में संचालित हो रहे हैं - डॉ. हेमंत कुमार, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी