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Bijnor News: पेड़ की शाखाओं से नदी का कटान रोकने का प्रयास
Tue, 27 Jun 2023 12:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 27 Jun 2023 12:05 AM IST
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शेरकोट में नंदगांव के पास खो नदी के तेज प्रवाह से हो रहे कटाव को रोकते सिंचाई विभाग के अधिकारी
- दो दिन तक हुई बारिश के कारण बढ़ गया खो नदी का जल स्तर
फोटाे समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। पहाड़ों पर बारिश कम होने से खो नदी के जलस्तर में गिरावट आने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। खो नदी से रविवार को जमीन का कटान हुआ, जिसे सिंचाई विभाग की ओर से पेड़ की शाखाओं को डालकर रोकने का प्रयास किया गया।
ग्रामीण नितिन चौहान, भूपेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, जानी चौहान, राजपाल सिंह सैनी, प्रमोद सिंह का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की ओर से बाढ़ बचाव कार्यों को पुख्ता करने की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं हुई। खो नदी में 80 हजार के सापेक्ष केवल 30 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित होने से ही पत्थरों से बना तटबंध ध्वस्त हो गया। खो नदी में आए उफान से फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गईं।
एसडीएम के आदेश पर सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आए। अधिकारियों ने सोमवार को यूकेलिप्टस के पेड़ों की शाखाओं या फिर झाड़ियों को डाल कर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे लोगों में असंतोष है। एसडीएम मनोज कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने एआईडी के एक्सईएन राकेश कुमार को निर्देशित किया है कि वह खुद निगरानी रखें। कटाव को रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। सोमवार सवेरे आठ बजे खो नदी में 31,638 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था।
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धामपुर। पहाड़ों पर बारिश कम होने से खो नदी के जलस्तर में गिरावट आने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। खो नदी से रविवार को जमीन का कटान हुआ, जिसे सिंचाई विभाग की ओर से पेड़ की शाखाओं को डालकर रोकने का प्रयास किया गया।
ग्रामीण नितिन चौहान, भूपेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, जानी चौहान, राजपाल सिंह सैनी, प्रमोद सिंह का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की ओर से बाढ़ बचाव कार्यों को पुख्ता करने की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं हुई। खो नदी में 80 हजार के सापेक्ष केवल 30 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित होने से ही पत्थरों से बना तटबंध ध्वस्त हो गया। खो नदी में आए उफान से फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गईं।
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एसडीएम के आदेश पर सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आए। अधिकारियों ने सोमवार को यूकेलिप्टस के पेड़ों की शाखाओं या फिर झाड़ियों को डाल कर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे लोगों में असंतोष है। एसडीएम मनोज कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने एआईडी के एक्सईएन राकेश कुमार को निर्देशित किया है कि वह खुद निगरानी रखें। कटाव को रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। सोमवार सवेरे आठ बजे खो नदी में 31,638 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था।
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