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चार गैंगस्टर की 80 लाख की संपत्ति कुर्क
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गोवंश हत्या के चार आरोपियों के यहां हुई कुर्की
कोतवाली देहात। पुलिस-प्रशासन ने गोवंश पशुओं की हत्या कर भौतिक व आर्थिक लाभ कमाने वाले चार आरोपियों की मुनादी कराकर घरों की कुर्की की गई। चारों आरोपियों की कुर्क की गई अचल संपत्ति की अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपये बताई गई है।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम सराय डडुम्बर निवासी शकील व मोमिन पुत्र नसीम अहमद, फहीम पुत्र यासीन और आसिफ पर गोवंश पशुओं का वध करने का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त सभी गिरोह बंद के सक्रिय सदस्य हैं। आरोपी भौतिक एवं आर्थिक लाभ कमाने के लिए गोवंश पशुओं का वध कर गोमांस बेचकर धन कमाते थे। उक्त आरोपियों का जनता में भय व्याप्त है। आरोप है कि ये लोगों को डराते धमकाते भी हैं। इनके गैंग का मुख्य काम मांस बेचना था। सभी ने गोवंश पशुओं का मांस बेच कर उसी कमाई से अवैध संपत्ति अर्जित की थी। जिसको जिला अधिकारी उमेश मिश्रा ने कुर्क करने के उप जिलाधिकारी नगीना को आदेश दिए थे।
जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार, सीओ नगीना सुमित शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात हरीश चंद्र जोशी, हल्का इंचार्ज धीरज कुमार व संजीव कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ शनिवार को गिरोह बंद आरोपियों के घर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों के घर पर जिला अधिकारी के आदेश को लिखवाया। और गांवों में मुनादी व एनाउंसमेंट कराने के बाद चारों आरोपियों शकील अहमद, मोमिन उर्फ मोबीन, फहीम अहमद व आसिफ के घरों को कुर्क करते हुए सील कर दिया । उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार ने बताया कि कुर्क की गई चारों आरोपियों की संपत्ति की अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपये है।
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कोतवाली देहात। पुलिस-प्रशासन ने गोवंश पशुओं की हत्या कर भौतिक व आर्थिक लाभ कमाने वाले चार आरोपियों की मुनादी कराकर घरों की कुर्की की गई। चारों आरोपियों की कुर्क की गई अचल संपत्ति की अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपये बताई गई है।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम सराय डडुम्बर निवासी शकील व मोमिन पुत्र नसीम अहमद, फहीम पुत्र यासीन और आसिफ पर गोवंश पशुओं का वध करने का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त सभी गिरोह बंद के सक्रिय सदस्य हैं। आरोपी भौतिक एवं आर्थिक लाभ कमाने के लिए गोवंश पशुओं का वध कर गोमांस बेचकर धन कमाते थे। उक्त आरोपियों का जनता में भय व्याप्त है। आरोप है कि ये लोगों को डराते धमकाते भी हैं। इनके गैंग का मुख्य काम मांस बेचना था। सभी ने गोवंश पशुओं का मांस बेच कर उसी कमाई से अवैध संपत्ति अर्जित की थी। जिसको जिला अधिकारी उमेश मिश्रा ने कुर्क करने के उप जिलाधिकारी नगीना को आदेश दिए थे।
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जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार, सीओ नगीना सुमित शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात हरीश चंद्र जोशी, हल्का इंचार्ज धीरज कुमार व संजीव कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ शनिवार को गिरोह बंद आरोपियों के घर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों के घर पर जिला अधिकारी के आदेश को लिखवाया। और गांवों में मुनादी व एनाउंसमेंट कराने के बाद चारों आरोपियों शकील अहमद, मोमिन उर्फ मोबीन, फहीम अहमद व आसिफ के घरों को कुर्क करते हुए सील कर दिया । उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार ने बताया कि कुर्क की गई चारों आरोपियों की संपत्ति की अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपये है।
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