{"_id":"60b52abc8ebc3e175424cd4a","slug":"asha-demonstrated-at-the-sdm-office-dhampur-news-mrt5407203143","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशाओं ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशाओं ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया
विज्ञापन
आशाओं ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया
धामपुर। आशा बहू कल्याण समिति उत्तर प्रदेश की कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर निगरानी सर्वे कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से उनसे कोरोना महामारी के दौरान जोखिम पूर्ण क्षेत्र में सर्वे कार्य कराया जा रहा है। लेकिन उनकी सुविधाओं और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पिछले दिनों नजीबाबाद में कोरोना से उनकी एक आशा साथी की मौत हो गई थी। लेकिन उनके आंदोलन करने के बाद भी न तो सरकार कुछ कर रही है और न ही स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान दे रहा है। सोमवार को आशाओं का चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। ब्लॉक अध्यक्ष बीना रानी ने कहा कि यदि सरकार उन्हें भी फ्रंट लाइन करोना वारियर्स मानकर सुरक्षा की गारंटी ले, तो वह मेहनत से काम करेंगी। उन्होंने सरकार से 50 लाख का बीमा और पूर्णकालिक कर्मियों की भांति वेतन देने की मांग की।
इसके साथ ही नजीबाबाद में कोरोना संक्रमण से मृत आशा कार्यकर्ता को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और परिवार से एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में बीना देवी, रुचि चौहान, अलका शर्मा, कुसुम लता, अनीता नीतू, शकुंतला, सुमन, कमला, सुषमा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर। आशा बहू कल्याण समिति उत्तर प्रदेश की कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर निगरानी सर्वे कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से उनसे कोरोना महामारी के दौरान जोखिम पूर्ण क्षेत्र में सर्वे कार्य कराया जा रहा है। लेकिन उनकी सुविधाओं और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पिछले दिनों नजीबाबाद में कोरोना से उनकी एक आशा साथी की मौत हो गई थी। लेकिन उनके आंदोलन करने के बाद भी न तो सरकार कुछ कर रही है और न ही स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान दे रहा है। सोमवार को आशाओं का चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। ब्लॉक अध्यक्ष बीना रानी ने कहा कि यदि सरकार उन्हें भी फ्रंट लाइन करोना वारियर्स मानकर सुरक्षा की गारंटी ले, तो वह मेहनत से काम करेंगी। उन्होंने सरकार से 50 लाख का बीमा और पूर्णकालिक कर्मियों की भांति वेतन देने की मांग की।
विज्ञापन
इसके साथ ही नजीबाबाद में कोरोना संक्रमण से मृत आशा कार्यकर्ता को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और परिवार से एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में बीना देवी, रुचि चौहान, अलका शर्मा, कुसुम लता, अनीता नीतू, शकुंतला, सुमन, कमला, सुषमा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन