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मुफ्त होगा पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान
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मुफ्त होगा पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान
बिजनौर। गोकुल मिशन के तहत अब किसानों के पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान अब नि:शुल्क किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान सरकारी कर्मचारी करें या निजी व्यक्ति, किसानों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। इससे जिले के साढ़े तीन लाख से अधिक किसानों को फायदा होगा। जिन किसानों ने पशुओं की ईयर टैगिंग कराई है उन पशुओं पर ही यह योजना लागू होगी।
पशुओं को दुधारू बनाने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। पहले किसान परिवारों में जो गाय या भैंस रहती थी वह कम यानि छह से सात लीटर दूध वाली होती थीं। कृत्रिम गर्भाधान में उच्च गुणवत्ता के पशु का सीमन इस्तेमाल होता है, जिससे अगली नस्ल में सुधार होता है। कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुई भैंस दस लीटर तक दूध आराम से देती है। गायों का भी कृत्रिम गर्भाधान होता है। गायों की नस्ल सुधारने और उनको देशी नस्ल में बदलने के लिए अलग से अभियान चलाया जा रहा है। यह देशी प्रजाति भी 15 लीटर या इससे अधिक दूध आराम से देती हैं। अब सरकारी अस्पताल द्वारा पशु का कृत्रिम गर्भाधान करने पर 30 रुपये और निजी व्यक्तियों द्वारा कृत्रिम गर्भाधान पर 150 रुपये का शुल्क लिया जाता था। गोकुल मिशन में पहले 500 गांव शामिल किए गए थे। इन गांवों के किसानों के सरकारी अस्पताल के कर्मचारी द्वारा कृत्रिम गर्भाधान कराना नि:शुल्क था और निजी व्यक्ति पैसे लेता था। लेकिन अब इस योजना में पूरे जिले में नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान होगा। निजी व्यक्ति हो या सरकारी कर्मचारी कोई भी कृत्रिम गर्भाधान के पैसे नहीं लेगा। उन्हें पैसे सरकार द्वारा दिए जाएंगे। जिले में करीब छह लाख ऐसी गाय व भैंस हैं जो गर्भ धारण कर सकती हैं। सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधे आर्थिक फायदा होगा और पशुओं की नस्ल भी सुधरेगी।
सीमन पर लगेगा शुल्क
विदेशी नस्ल के बछड़े किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। किसान इन्हें बेच नहीं पा रहे और दूूसरे के खेतों में छोड़ रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए गायों का साहिवाल आदि देशी नस्ल के सीमन से गर्भित किया जाता है। सीमन से 100 गाय गर्भित करने पर 95 से अधिक गाय बछिया को ही जन्म देती हैं। इसका शुल्क 1200 रुपये है और इस पर 900 रुपये की सब्सिडी है। यह 300 रुपये का शुल्क अब भी जारी रहेगा।
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करा लें ईयर टैगिंग
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.बिजेंद्र सिंह के अनुसार ईयर टैगिंग वाले पशु का कृत्रिम गर्भाधान नि:शुल्क किया जाएगा। यह योजना शुरू कर दी गई है। किसान अपने पशुओं की ईयर टैगिंग करा लें।
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बिजनौर। गोकुल मिशन के तहत अब किसानों के पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान अब नि:शुल्क किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान सरकारी कर्मचारी करें या निजी व्यक्ति, किसानों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। इससे जिले के साढ़े तीन लाख से अधिक किसानों को फायदा होगा। जिन किसानों ने पशुओं की ईयर टैगिंग कराई है उन पशुओं पर ही यह योजना लागू होगी।
पशुओं को दुधारू बनाने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। पहले किसान परिवारों में जो गाय या भैंस रहती थी वह कम यानि छह से सात लीटर दूध वाली होती थीं। कृत्रिम गर्भाधान में उच्च गुणवत्ता के पशु का सीमन इस्तेमाल होता है, जिससे अगली नस्ल में सुधार होता है। कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुई भैंस दस लीटर तक दूध आराम से देती है। गायों का भी कृत्रिम गर्भाधान होता है। गायों की नस्ल सुधारने और उनको देशी नस्ल में बदलने के लिए अलग से अभियान चलाया जा रहा है। यह देशी प्रजाति भी 15 लीटर या इससे अधिक दूध आराम से देती हैं। अब सरकारी अस्पताल द्वारा पशु का कृत्रिम गर्भाधान करने पर 30 रुपये और निजी व्यक्तियों द्वारा कृत्रिम गर्भाधान पर 150 रुपये का शुल्क लिया जाता था। गोकुल मिशन में पहले 500 गांव शामिल किए गए थे। इन गांवों के किसानों के सरकारी अस्पताल के कर्मचारी द्वारा कृत्रिम गर्भाधान कराना नि:शुल्क था और निजी व्यक्ति पैसे लेता था। लेकिन अब इस योजना में पूरे जिले में नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान होगा। निजी व्यक्ति हो या सरकारी कर्मचारी कोई भी कृत्रिम गर्भाधान के पैसे नहीं लेगा। उन्हें पैसे सरकार द्वारा दिए जाएंगे। जिले में करीब छह लाख ऐसी गाय व भैंस हैं जो गर्भ धारण कर सकती हैं। सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधे आर्थिक फायदा होगा और पशुओं की नस्ल भी सुधरेगी।
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सीमन पर लगेगा शुल्क
विदेशी नस्ल के बछड़े किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। किसान इन्हें बेच नहीं पा रहे और दूूसरे के खेतों में छोड़ रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए गायों का साहिवाल आदि देशी नस्ल के सीमन से गर्भित किया जाता है। सीमन से 100 गाय गर्भित करने पर 95 से अधिक गाय बछिया को ही जन्म देती हैं। इसका शुल्क 1200 रुपये है और इस पर 900 रुपये की सब्सिडी है। यह 300 रुपये का शुल्क अब भी जारी रहेगा।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.बिजेंद्र सिंह के अनुसार ईयर टैगिंग वाले पशु का कृत्रिम गर्भाधान नि:शुल्क किया जाएगा। यह योजना शुरू कर दी गई है। किसान अपने पशुओं की ईयर टैगिंग करा लें।