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जिले के 12 लोगों के शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त
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जिले के 12 लोगों के शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त
बिजनौर। जिले में अपराधी प्रवृति के लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस ने 12 लोगों को चिह्नित कर लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई से ऐसे लोगों में खलबली मची है।
कानुपर के बिकरू कांड के बाद बिजनौर की पुलिस अपराधी गतिविधियों में लिप्त रहे शस्त्र लाइसेंस धारकों की तलाश में जुटी है। किसी लाइसेंस धारक के खिलाफ एनसीआर दर्ज होगी तो उसके शस्त्र को भी थाने में जमा कराया जाएगा। पुलिस ने जिले में अपराधी प्रवृति के 12 शस्त्र धारकों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने इनके शस्त्र निरस्त करने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। जिन शस्त्र धारकों की रिपोर्ट भेजी है उनमें उनमें नूरपुर थाने के गांव आजमपुर निवासी सुशील कुमार, गांव सुजातपुर टीकर निवासी खेम सिंह, गांव जमालपुर कीरत निवासी सराजुद्दीन गांव तेलीपुरा निवासी गोपाल सिंह, नगीना देहात थाने के गांव कोटकादर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुलवीर सिंह, नांगल थाने के गांव कोट सराय निवासी नासिर, गांव चमरौला निवासी राजपाल, गिरवर नांगल निवासी राकेश कुमार गोयल, मंडावर थाने के गांव खानपुर माधो उर्फ तिमरपुर निवासी छोटे सिंह, मंडावर थाने के गांव रायपुर बेरीसाल निवासी राकेश व गांव किशनवास निवासी शफी शामिल हैं। एसपी डा. धर्मवीर सिंह के मुताबिक ये सभी शस्त्र धारक अपराधी गतिविधियों में लिप्त पाये गए हैं। इनके लाइसेंस निरस्त होने पर शस्त्रों को थानों में जमा कराया जाएगा।
तीन माह से नही बना कोई भी नया लाइसेंस
बिजनौर। जिले में 15650 शस्त्र लाइसेंस है। पिछले तीन माह से एक भी नया लाइसेंस नही बना है। जून से नया लाइसेंस बनाने पर पूरी तरह रोक है। बड़ी तादाद में लाइसेंसों के आवेदन लंबित पड़े हैं। पुलिस की रिपोर्ट लगने के बाद ये आवेदन असलाह बाबू के कार्यालय में धूल फांक रहे हैं। छह माह बाद इन आवेदन पर फिर से नए सिरे से पुलिस की रिपोर्ट लगवानी होती है।
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48 लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई
बिजनौर । जिले में अब तक 48 शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई चल रही है। 14 शस्त्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। 18 शस्त्र जमा कराए गए है। विरासत के लाइसेंस बनवाने के 50 मामले लंबित है।
विधायक के परिजनों, बिजनौर के पूर्व चेयरमैन का लाइसेंस निलंबित
बिजनौर। सीएए के मामले में प्रशासन के निशाने पर आए नगर पालिका बिजनौर के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब का शस्त्र का लाइसेंस भी प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। जावेद आफताब पर लोगों को भड़काकर माहौल खराब कराने का आरोप है। जावेद आफताब पर नागरिक संशोधन कानून के विरोध में बिजनौर में हुए बवाल में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। जावेद आफताब के अलावा नगीना के सपा विधायक मनोज पारस के परिवार के दो व बढ़ापुर के पूर्व बसपा विधायक मोहम्मद गाजी के परिवार के छह सदस्यों के शस्त्रों के लाइसेंस भी निलंबित हुए हैं।
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बिजनौर। जिले में अपराधी प्रवृति के लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस ने 12 लोगों को चिह्नित कर लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई से ऐसे लोगों में खलबली मची है।
कानुपर के बिकरू कांड के बाद बिजनौर की पुलिस अपराधी गतिविधियों में लिप्त रहे शस्त्र लाइसेंस धारकों की तलाश में जुटी है। किसी लाइसेंस धारक के खिलाफ एनसीआर दर्ज होगी तो उसके शस्त्र को भी थाने में जमा कराया जाएगा। पुलिस ने जिले में अपराधी प्रवृति के 12 शस्त्र धारकों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने इनके शस्त्र निरस्त करने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। जिन शस्त्र धारकों की रिपोर्ट भेजी है उनमें उनमें नूरपुर थाने के गांव आजमपुर निवासी सुशील कुमार, गांव सुजातपुर टीकर निवासी खेम सिंह, गांव जमालपुर कीरत निवासी सराजुद्दीन गांव तेलीपुरा निवासी गोपाल सिंह, नगीना देहात थाने के गांव कोटकादर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुलवीर सिंह, नांगल थाने के गांव कोट सराय निवासी नासिर, गांव चमरौला निवासी राजपाल, गिरवर नांगल निवासी राकेश कुमार गोयल, मंडावर थाने के गांव खानपुर माधो उर्फ तिमरपुर निवासी छोटे सिंह, मंडावर थाने के गांव रायपुर बेरीसाल निवासी राकेश व गांव किशनवास निवासी शफी शामिल हैं। एसपी डा. धर्मवीर सिंह के मुताबिक ये सभी शस्त्र धारक अपराधी गतिविधियों में लिप्त पाये गए हैं। इनके लाइसेंस निरस्त होने पर शस्त्रों को थानों में जमा कराया जाएगा।
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तीन माह से नही बना कोई भी नया लाइसेंस
बिजनौर। जिले में 15650 शस्त्र लाइसेंस है। पिछले तीन माह से एक भी नया लाइसेंस नही बना है। जून से नया लाइसेंस बनाने पर पूरी तरह रोक है। बड़ी तादाद में लाइसेंसों के आवेदन लंबित पड़े हैं। पुलिस की रिपोर्ट लगने के बाद ये आवेदन असलाह बाबू के कार्यालय में धूल फांक रहे हैं। छह माह बाद इन आवेदन पर फिर से नए सिरे से पुलिस की रिपोर्ट लगवानी होती है।
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48 लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई
बिजनौर । जिले में अब तक 48 शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई चल रही है। 14 शस्त्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। 18 शस्त्र जमा कराए गए है। विरासत के लाइसेंस बनवाने के 50 मामले लंबित है।
विधायक के परिजनों, बिजनौर के पूर्व चेयरमैन का लाइसेंस निलंबित
बिजनौर। सीएए के मामले में प्रशासन के निशाने पर आए नगर पालिका बिजनौर के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब का शस्त्र का लाइसेंस भी प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। जावेद आफताब पर लोगों को भड़काकर माहौल खराब कराने का आरोप है। जावेद आफताब पर नागरिक संशोधन कानून के विरोध में बिजनौर में हुए बवाल में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। जावेद आफताब के अलावा नगीना के सपा विधायक मनोज पारस के परिवार के दो व बढ़ापुर के पूर्व बसपा विधायक मोहम्मद गाजी के परिवार के छह सदस्यों के शस्त्रों के लाइसेंस भी निलंबित हुए हैं।