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दुकानदारों की मनमानी से सब्जियों में लगा महंगाई का तड़का
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दुकानदारों की मनमानी से सब्जियों में लगा महंगाई का तड़का
बिजनौर। दुकानदारों की मनमानी से से उपभोक्ताओं को सब्जियों में महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। दुकानदार किसानों से जिस रेट पर सब्जी खरीद रहे हैं उपभोक्ताओं को उससे दोगुने से भी ज्यादा रेट में सब्जी बेच रहे हैं। यानि किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य भी नहीं मिल रहा है और दुकानदारों को महंगी सब्जी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
किसान जीतोड़ मेहनत करके अपने खेतों में सब्जी उगाते हैं। किसान सब्जी को आढ़त पर बेचते हैं। दुकानदार उपभोक्ताओं से आढ़त पर सब्जी खरीदते हैं और फिर फुटकर में इन्हें उपभोक्ताओं को बेचते हैं। दुकानदारी में किसी भी वस्तु पर अधिकतम 25 से 40 प्रतिशत का लाभ लिया जा सकता है, लेकिन सब्जी बेचने वाले दुकानदार इसको ताक पर रख रहे हैं। दुकानदार आढ़त पर किसान से जिस मूल्य पर सब्जी खरीद रहे हैं उससे दोगुने रेट पर उपभोक्ताओं को सब्जी बेच रहे हैं। दुकानदार किसानों व उपभोक्ता दोनों को चूना लगाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। दुकानदारों की इस मनमानी पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन अगर सब्जी मंडियों में जाता भी तो केवल पॉलिथीन की चेकिंग करके लौट आता है। सब्जी के बिना वजह बढ़ाए जा रहे दामों पर कभी कोई पूछताछ नहीं की जाती है।
सब्जी आढ़त मूल्य फुटकर मूल्य
टमाटर 25 55
गोभी 25 55
प्याज 40 60
लोकी 20 35
शलजम 10 से 15 30
आलू 06 12
बैंगन 14 30
शिमला मिर्च 25 50
नोट: सब्जियों के दाम रुपये प्रति किलो में हैं। मूल्य मंडी से लिए गए हैं।
किसान को लाभकारी मूल्य दिलाए सरकार
भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार किसान को फसलों को उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है और बिचौलिए सारा फायदा उठा रहे हैं। प्रशासन या तो किसानों को भी सब्जियों के उचित मूल्य दिलाए या फिर फुटकर मूल्यों में कमी करके उपभोक्ताओं को राहत दे।
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बिजनौर। दुकानदारों की मनमानी से से उपभोक्ताओं को सब्जियों में महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। दुकानदार किसानों से जिस रेट पर सब्जी खरीद रहे हैं उपभोक्ताओं को उससे दोगुने से भी ज्यादा रेट में सब्जी बेच रहे हैं। यानि किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य भी नहीं मिल रहा है और दुकानदारों को महंगी सब्जी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
किसान जीतोड़ मेहनत करके अपने खेतों में सब्जी उगाते हैं। किसान सब्जी को आढ़त पर बेचते हैं। दुकानदार उपभोक्ताओं से आढ़त पर सब्जी खरीदते हैं और फिर फुटकर में इन्हें उपभोक्ताओं को बेचते हैं। दुकानदारी में किसी भी वस्तु पर अधिकतम 25 से 40 प्रतिशत का लाभ लिया जा सकता है, लेकिन सब्जी बेचने वाले दुकानदार इसको ताक पर रख रहे हैं। दुकानदार आढ़त पर किसान से जिस मूल्य पर सब्जी खरीद रहे हैं उससे दोगुने रेट पर उपभोक्ताओं को सब्जी बेच रहे हैं। दुकानदार किसानों व उपभोक्ता दोनों को चूना लगाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। दुकानदारों की इस मनमानी पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन अगर सब्जी मंडियों में जाता भी तो केवल पॉलिथीन की चेकिंग करके लौट आता है। सब्जी के बिना वजह बढ़ाए जा रहे दामों पर कभी कोई पूछताछ नहीं की जाती है।
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सब्जी आढ़त मूल्य फुटकर मूल्य
टमाटर 25 55
गोभी 25 55
प्याज 40 60
लोकी 20 35
शलजम 10 से 15 30
आलू 06 12
बैंगन 14 30
शिमला मिर्च 25 50
नोट: सब्जियों के दाम रुपये प्रति किलो में हैं। मूल्य मंडी से लिए गए हैं।
किसान को लाभकारी मूल्य दिलाए सरकार
भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार किसान को फसलों को उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है और बिचौलिए सारा फायदा उठा रहे हैं। प्रशासन या तो किसानों को भी सब्जियों के उचित मूल्य दिलाए या फिर फुटकर मूल्यों में कमी करके उपभोक्ताओं को राहत दे।
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