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Bijnor News: जिले में एक्यूआई 135 पहुंचा, अभी बढ़ेगी सांस रोगियों की परेशानी
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-मेडिकल अस्पताल में धीरे-धीरे सांस रोगियों की संख्या बढ़ने लगी
-जिले में मध्यम प्रदूषित चल रहा है वातावरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में दीपावली के बाद अभी काफी मात्रा में प्रदूषण है। एक्यूआई के मानकों के हिसाब से बिजनौर मध्यम प्रदूषित स्तर पर है। हालांकि प्रदूषण बढ़ने से सांस रोगियों की परेशानी बढ़ने लगी है। पुराने रोगियों को दवाई लेने की जरूरत पड़ रही है।
जिले में एक नवंबर को एक्यूआई 135 दर्ज किया गया। 31 अक्तूबर को एक्यूआई 138 था। एक्यूआई एक दिन में सुधरा तो है, लेकिन पूरी तरह नहीं सुधरा। बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक्यूआई 100 से नीचे रहना जरूरी है। मगर बिजनौर में बीते तीन दिनों में ही एक्यूआई 100 पार कर गया।
इसका प्रभाव शरीर पर पड़ रहा है। लोगों को एलर्जी की समस्या दिखाई दे रही है। मेडिकल अस्पताल में शनिवार को सांस की समस्या के 15 मरीज पहुंचे, जिनका उपचार किया गया। वहीं, प्रदूषण की वजह से लोगों को एलर्जी हो रही है। इससे वह जुकाम, गले में खराश की समस्या बढ़ गई है। चिकित्सक लोगों को प्रदूषण से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम में होने लगा परिवर्तन, करें बचाव
नवंबर माह की शुरूआत में ही मौसम परिवर्तित होने लगा है। सुबह-शाम सर्दी हो रही है। जबकि दोपहर में तेज धूप निकली। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही परेशानी में डाल सकती है। रात के तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अधिकतम में बढ़ोतरी और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट हुई।
ऐसे करें बचाव
-घरों से बाहर नहीं निकले
-घरों से बाहर निकलते समय नाक पर गीला कपड़े रखें
-मुंह पर मास्क लगाएं
-गर्म पानी से गरारा करें
-परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें
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वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा इस समय कम हो गई है। इसकी वजह से सांस रोगियों की परेशानी बढ़ है। ऐसे में अस्थमा से ग्रसित मरीज घरों में रहें। स्वस्थ लोग मुंह पर मास्क लगाकर घरों से बाहर निकलें। - डॉ. आरएस वर्मा, फीजिशियन, बिजनौर
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-जिले में मध्यम प्रदूषित चल रहा है वातावरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में दीपावली के बाद अभी काफी मात्रा में प्रदूषण है। एक्यूआई के मानकों के हिसाब से बिजनौर मध्यम प्रदूषित स्तर पर है। हालांकि प्रदूषण बढ़ने से सांस रोगियों की परेशानी बढ़ने लगी है। पुराने रोगियों को दवाई लेने की जरूरत पड़ रही है।
जिले में एक नवंबर को एक्यूआई 135 दर्ज किया गया। 31 अक्तूबर को एक्यूआई 138 था। एक्यूआई एक दिन में सुधरा तो है, लेकिन पूरी तरह नहीं सुधरा। बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक्यूआई 100 से नीचे रहना जरूरी है। मगर बिजनौर में बीते तीन दिनों में ही एक्यूआई 100 पार कर गया।
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इसका प्रभाव शरीर पर पड़ रहा है। लोगों को एलर्जी की समस्या दिखाई दे रही है। मेडिकल अस्पताल में शनिवार को सांस की समस्या के 15 मरीज पहुंचे, जिनका उपचार किया गया। वहीं, प्रदूषण की वजह से लोगों को एलर्जी हो रही है। इससे वह जुकाम, गले में खराश की समस्या बढ़ गई है। चिकित्सक लोगों को प्रदूषण से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम में होने लगा परिवर्तन, करें बचाव
नवंबर माह की शुरूआत में ही मौसम परिवर्तित होने लगा है। सुबह-शाम सर्दी हो रही है। जबकि दोपहर में तेज धूप निकली। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही परेशानी में डाल सकती है। रात के तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अधिकतम में बढ़ोतरी और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट हुई।
ऐसे करें बचाव
-घरों से बाहर नहीं निकले
-घरों से बाहर निकलते समय नाक पर गीला कपड़े रखें
-मुंह पर मास्क लगाएं
-गर्म पानी से गरारा करें
-परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें
वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा इस समय कम हो गई है। इसकी वजह से सांस रोगियों की परेशानी बढ़ है। ऐसे में अस्थमा से ग्रसित मरीज घरों में रहें। स्वस्थ लोग मुंह पर मास्क लगाकर घरों से बाहर निकलें। - डॉ. आरएस वर्मा, फीजिशियन, बिजनौर