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एक रात में 75 से 148 पहुंचा बिजनौर जिले का एक्यूआई
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बिजनौर में दीपावली पर आतिशबाजी से छाई धुएं की चादर।
- फोटो : BIJNOR
एक रात में 75 से 148 पहुंचा बिजनौर जिले का एक्यूआई
बिजनौर। दीपावली पर हुई आतिशबाजी और स्मॉग ने जिले की हवा की गुणवत्ता को खराब कर दिया है। जिले की एक्यूआई एकदम दोगुनी हो गई है। दीपावली के दिन एक्यूआई 75 थी जो अगले दिन बढ़कर 148 हो गई। जिले के आसमान में हल्का स्मॉग छाया रहा। हवा में कुछ दिन तक यह स्मॉग रह सकता है। बारिश होने पर स्मॉग एकदम से धुल जाता है।
जिले की हवा बहुत साफ रहती है। हवा की गुणवत्ता को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के जरिये मापा जाता है। इससे देखा जाता है कि हवा में धूल, धुआं व अन्य हानिकारक गैस कितनी हैं। 100 तक एक्यूआई होने का मतलब होता है कि हवा अच्छी है। सबसे साफ हवा 50 की एक्यूआई तक की रहती है। इतनी साफ हवा केवल वनों और पहाड़ों पर ही रहती है। जिले में एक्यूआई आमतौर पर 65 से 75 तक रहती है। हवा के जरिये स्मॉग आने की वजह से यहां पर भी कभी कभी हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। कुछ दिन पहले हुई बारिश से जिले की हवा भी वनों की तरह साफ हो गई थी और एक्यूआई 55 तक पहुंच गई थी। दीपावली पर एक्यूआई बढ़कर 75 तक हो गई थी। दीपावली पर जिले भर में जोरदार आतिशबाजी हुई। आतिशबाजी ने हवा की गुणवत्ता को और खराब कर दिया है। जिले में शुक्रवार को एक्यूआई बढ़कर 148 तक पहुंच गई है। पिछले साल दीपावली पर एक्यूआई 102 ही रही थी।
ऐसे बनता है स्मॉग
आतिशबाजी, वाहनों से उड़ने वाली धूल, धुएं आदि वायुमंडल में एकत्र हो जाते हैं। आजकल वायुमंडल में नमी रहती है। नमी की वजह से ये कण ज्यादा ऊपर नहीं जा पाते हैं। नमी सोखकर धूल के कण आकार में मोटे हो जाते हैं और इनकी एक मोटी परत आसमान में जम जाती है। इससे धूप भी नीचे नहीं आ पाती है। धीरे-धीरे ये कण मोटे और भारी होकर जमीन पर आ जाते हैं और स्मॉग खुद ही खत्म हो जाता है। बारिश होने पर स्मॉग बहुत जल्दी खत्म हो जाती है।
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छोड़े गए तेज आवाज वाले पटाखे
वैसे तो लोगों ने तेज आवाज वाले पटाखों से परहेज किया, लेकिन कई जगह तेज आवाज वाले पटाखे भी छोड़े गए। जिला मुख्यालय पर व्यावसायिक क्षेत्र में दिन में 55 डेसिबल की आवाज वाले पटाखे ही छोड़े जा सकते थे, जबकि यहां पर 75 डेसिबल तक आवाज वाले पटाखे भी छोड़े गए।
ये है हवा की गुणवत्ता के मानक
एक्यूआई श्रेणी
0 से 50 अच्छी
50 से 100 संतोषजनक
101 से 200 मध्यम
201 से 300 खराब
301 से 400 बेहद खराब
401 से 500 गंभीर
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बिजनौर। दीपावली पर हुई आतिशबाजी और स्मॉग ने जिले की हवा की गुणवत्ता को खराब कर दिया है। जिले की एक्यूआई एकदम दोगुनी हो गई है। दीपावली के दिन एक्यूआई 75 थी जो अगले दिन बढ़कर 148 हो गई। जिले के आसमान में हल्का स्मॉग छाया रहा। हवा में कुछ दिन तक यह स्मॉग रह सकता है। बारिश होने पर स्मॉग एकदम से धुल जाता है।
जिले की हवा बहुत साफ रहती है। हवा की गुणवत्ता को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के जरिये मापा जाता है। इससे देखा जाता है कि हवा में धूल, धुआं व अन्य हानिकारक गैस कितनी हैं। 100 तक एक्यूआई होने का मतलब होता है कि हवा अच्छी है। सबसे साफ हवा 50 की एक्यूआई तक की रहती है। इतनी साफ हवा केवल वनों और पहाड़ों पर ही रहती है। जिले में एक्यूआई आमतौर पर 65 से 75 तक रहती है। हवा के जरिये स्मॉग आने की वजह से यहां पर भी कभी कभी हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। कुछ दिन पहले हुई बारिश से जिले की हवा भी वनों की तरह साफ हो गई थी और एक्यूआई 55 तक पहुंच गई थी। दीपावली पर एक्यूआई बढ़कर 75 तक हो गई थी। दीपावली पर जिले भर में जोरदार आतिशबाजी हुई। आतिशबाजी ने हवा की गुणवत्ता को और खराब कर दिया है। जिले में शुक्रवार को एक्यूआई बढ़कर 148 तक पहुंच गई है। पिछले साल दीपावली पर एक्यूआई 102 ही रही थी।
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ऐसे बनता है स्मॉग
आतिशबाजी, वाहनों से उड़ने वाली धूल, धुएं आदि वायुमंडल में एकत्र हो जाते हैं। आजकल वायुमंडल में नमी रहती है। नमी की वजह से ये कण ज्यादा ऊपर नहीं जा पाते हैं। नमी सोखकर धूल के कण आकार में मोटे हो जाते हैं और इनकी एक मोटी परत आसमान में जम जाती है। इससे धूप भी नीचे नहीं आ पाती है। धीरे-धीरे ये कण मोटे और भारी होकर जमीन पर आ जाते हैं और स्मॉग खुद ही खत्म हो जाता है। बारिश होने पर स्मॉग बहुत जल्दी खत्म हो जाती है।
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छोड़े गए तेज आवाज वाले पटाखे
वैसे तो लोगों ने तेज आवाज वाले पटाखों से परहेज किया, लेकिन कई जगह तेज आवाज वाले पटाखे भी छोड़े गए। जिला मुख्यालय पर व्यावसायिक क्षेत्र में दिन में 55 डेसिबल की आवाज वाले पटाखे ही छोड़े जा सकते थे, जबकि यहां पर 75 डेसिबल तक आवाज वाले पटाखे भी छोड़े गए।
ये है हवा की गुणवत्ता के मानक
एक्यूआई श्रेणी
0 से 50 अच्छी
50 से 100 संतोषजनक
101 से 200 मध्यम
201 से 300 खराब
301 से 400 बेहद खराब
401 से 500 गंभीर