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एंटीजन किट खत्म, आरटीपीसीआर पर टिकी कोरोना जांच
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एंटीजन किट खत्म, आरटीपीसीआर पर टिकी कोरोना जांच
बिजनौर। जिले में कोरोना जांच की व्यवस्था अब केवल प्रयोगशाला को भेजे जाने वाले सैंपल (आरटीपीसीआर) पर ही टिकी है। इसका कारण है रेपिड एंटीजन किट का खत्म होना। फिलहाल जिले में आरटीपीसीआर और जिला अस्पताल में ट्रूूनॉट मशीन से ही जांच हो रही है। जिले में रोजाना 750 आरटीपीसीआर और 1100 रेपिड एंटीजन किट से जांच करने का लक्ष्य है।
संभावित मरीज की तीन प्रकार से कोरोना जांच की जाती है। इनमें आरटीपीसीआर, रेपिड एंटीजन किट और ट्रूनॉट से जांच करना शामिल है। वर्तमान में जनपद में केवल दो प्रकार से जांच हो रही है। पिछले दो दिनों से रेपिड एंटीजन किट खत्म हो चुकी हैं। इससे कोरोना जांच सिर्फ आरटीपीसीआर पर ही टिकी है। तुरंत जांच के लिए रेपिड एंटीजन किट से जांचकर पुष्टि की जाती है। इसके साथ ही 24 घंटे में जिला अस्पताल में लगी ट्रूनॉट मशीन से केवल 24 जांच ही की जा सकती हैं। बता दें कि जांच का दायरा बढ़ाने और शीघ्रता से रिपोर्ट का पता लगाने के लिए करीब पांच माह पूर्व शासन के निर्देश पर रेपिड एंटीजन किट से जांच शुरू की गई थी। इससे मात्र 15 मिनट में ही परिणाम आ जाते हैं। कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. पीआर नायर ने बताया कि केवल बिजनौर जनपद में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में ही रेपिड एंटीजन किट का टोटा है। आरटीपीसीआर से जांच करने के लिए लगभग 3500 वीटीएम मौजूद हैं। मुख्यालय से रेपिड एंटीजन किट प्राप्त होते ही जनपद में एंटीजन से भी जांच शुरू करा दी जाएगी।
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बिजनौर। जिले में कोरोना जांच की व्यवस्था अब केवल प्रयोगशाला को भेजे जाने वाले सैंपल (आरटीपीसीआर) पर ही टिकी है। इसका कारण है रेपिड एंटीजन किट का खत्म होना। फिलहाल जिले में आरटीपीसीआर और जिला अस्पताल में ट्रूूनॉट मशीन से ही जांच हो रही है। जिले में रोजाना 750 आरटीपीसीआर और 1100 रेपिड एंटीजन किट से जांच करने का लक्ष्य है।
संभावित मरीज की तीन प्रकार से कोरोना जांच की जाती है। इनमें आरटीपीसीआर, रेपिड एंटीजन किट और ट्रूनॉट से जांच करना शामिल है। वर्तमान में जनपद में केवल दो प्रकार से जांच हो रही है। पिछले दो दिनों से रेपिड एंटीजन किट खत्म हो चुकी हैं। इससे कोरोना जांच सिर्फ आरटीपीसीआर पर ही टिकी है। तुरंत जांच के लिए रेपिड एंटीजन किट से जांचकर पुष्टि की जाती है। इसके साथ ही 24 घंटे में जिला अस्पताल में लगी ट्रूनॉट मशीन से केवल 24 जांच ही की जा सकती हैं। बता दें कि जांच का दायरा बढ़ाने और शीघ्रता से रिपोर्ट का पता लगाने के लिए करीब पांच माह पूर्व शासन के निर्देश पर रेपिड एंटीजन किट से जांच शुरू की गई थी। इससे मात्र 15 मिनट में ही परिणाम आ जाते हैं। कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. पीआर नायर ने बताया कि केवल बिजनौर जनपद में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में ही रेपिड एंटीजन किट का टोटा है। आरटीपीसीआर से जांच करने के लिए लगभग 3500 वीटीएम मौजूद हैं। मुख्यालय से रेपिड एंटीजन किट प्राप्त होते ही जनपद में एंटीजन से भी जांच शुरू करा दी जाएगी।
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