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Bijnor News: बिजनौर - एंटीबायोटिक दवाइयां जांच में फेल, बढ़ेगी सख्ती
Wed, 03 May 2023 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 03 May 2023 12:53 AM IST
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- अब ब्रांडेड कंपनियों की एंटीबायोटिक दवाओं के भी लिए जाएंगे नमूने
- नमूने फेल आने पर सात दवा कंपनियों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में दवाइयों के नमूने जांच में नकली और फेल आ रहे हैं। सत्र 2022-23 में बिजनौर में 24 दवाइयों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनमें ब्राडेंड कंपनियों में निर्मित एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने भी शामिल हैं। जिसके चलते अब औषधि विभाग सतर्क हो गया है। विभाग अधिक नमूने फेल आने पर नकली दवाइयों के विरुद्ध अभियान शुरू करने की तैयारी में है। अभियान में ब्राडेंड दवाइयों के नमूने भी एकत्र किए जाएंगे।
जिले से ली गई दवाइयों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में दवाई के साल्ट की जगह सिर्फ पाउडर मिला। यही वजह है कि दवाई खाने के बाद भी मर्ज ठीक नहीं होता है। जांच में जिन दवाइयों के नमूने फेल आ रहे है, वह सब दूसरे राज्यों की हैं। जिसके बाद औषधि विभाग ने नकली दवाइयों के विरुद्ध अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अभी तक ज्यादातर नमूने सामान्य कंपनियों की बनी दवाइयों के लिए गए हैं। मगर अब ब्राडेंड दवाइयाें के नमूने एकत्र किए जाएंगे।
मेडिकल अस्पताल से भी लिए दवाइयों के नमूने
औषधि विभाग सेे मिली जानकारी के मुताबिक मेडिकल अस्पताल से भी 27 अप्रैल को चार एंटीबायोटिक दवाइयों के नमूने एकत्र किए गए। क्योंकि दूसरे जिलों में जिला अस्पताल की दवाइयों के नमूने भी फेल आए हैं। जिसके चलते बिजनौर में भी यह पहल की गई है।
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इन दवाइयों के नमूने आए फेल
जिले में अलग-अलग मेडिकल स्टोरों से ब्राडेंड और अन्य कंपनियों से दवाइयों के नमूने लिए गए थे। एमोक्सीसिलिन, मोडेक्स-200, मोक्सिम-एजेड, एसीरेम-एसपी टेबलेट, एसिक्लोफेनाक, पेरासिटामोल आदि दवाइयों के नमूने जांच में फेल आ रहे हैं। जांच में फेल नमूने में ज्यादातर एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाइयां हैं।
दूसरे राज्यों की दवा कंपनियों के फेल आए हैं नमूने
बिजनौर में जिन दवाइयाें के नमूने फेल आए हैं, वह दूसरे राज्य की कंपनियों में बनी हुई है। दो गुजरात, सात हिमाचल, एक पंजाब, छह उत्तराखंड की कंपनियों की एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाई जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। जिसके चलते इनमें से सात कंपनियों पर दवाइयों नकली मिलने पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
-- -- वर्जन::
जिले में एंटीबायोटिक दवाइयों के नमूने लगातार फेल आ रहे हैं। जिसके चलते इस माह से अभियान चलाकर ब्राडेंड कंपनियों में बनी एंटीबायोटिक दवाइयों के भी नमूने भी एकत्र करेंगे। जांच में नमूना फेल आने पर कार्रवाई की जाएगी - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक
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- नमूने फेल आने पर सात दवा कंपनियों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में दवाइयों के नमूने जांच में नकली और फेल आ रहे हैं। सत्र 2022-23 में बिजनौर में 24 दवाइयों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनमें ब्राडेंड कंपनियों में निर्मित एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने भी शामिल हैं। जिसके चलते अब औषधि विभाग सतर्क हो गया है। विभाग अधिक नमूने फेल आने पर नकली दवाइयों के विरुद्ध अभियान शुरू करने की तैयारी में है। अभियान में ब्राडेंड दवाइयों के नमूने भी एकत्र किए जाएंगे।
जिले से ली गई दवाइयों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में दवाई के साल्ट की जगह सिर्फ पाउडर मिला। यही वजह है कि दवाई खाने के बाद भी मर्ज ठीक नहीं होता है। जांच में जिन दवाइयों के नमूने फेल आ रहे है, वह सब दूसरे राज्यों की हैं। जिसके बाद औषधि विभाग ने नकली दवाइयों के विरुद्ध अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अभी तक ज्यादातर नमूने सामान्य कंपनियों की बनी दवाइयों के लिए गए हैं। मगर अब ब्राडेंड दवाइयाें के नमूने एकत्र किए जाएंगे।
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मेडिकल अस्पताल से भी लिए दवाइयों के नमूने
औषधि विभाग सेे मिली जानकारी के मुताबिक मेडिकल अस्पताल से भी 27 अप्रैल को चार एंटीबायोटिक दवाइयों के नमूने एकत्र किए गए। क्योंकि दूसरे जिलों में जिला अस्पताल की दवाइयों के नमूने भी फेल आए हैं। जिसके चलते बिजनौर में भी यह पहल की गई है।
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इन दवाइयों के नमूने आए फेल
जिले में अलग-अलग मेडिकल स्टोरों से ब्राडेंड और अन्य कंपनियों से दवाइयों के नमूने लिए गए थे। एमोक्सीसिलिन, मोडेक्स-200, मोक्सिम-एजेड, एसीरेम-एसपी टेबलेट, एसिक्लोफेनाक, पेरासिटामोल आदि दवाइयों के नमूने जांच में फेल आ रहे हैं। जांच में फेल नमूने में ज्यादातर एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाइयां हैं।
दूसरे राज्यों की दवा कंपनियों के फेल आए हैं नमूने
बिजनौर में जिन दवाइयाें के नमूने फेल आए हैं, वह दूसरे राज्य की कंपनियों में बनी हुई है। दो गुजरात, सात हिमाचल, एक पंजाब, छह उत्तराखंड की कंपनियों की एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाई जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। जिसके चलते इनमें से सात कंपनियों पर दवाइयों नकली मिलने पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
जिले में एंटीबायोटिक दवाइयों के नमूने लगातार फेल आ रहे हैं। जिसके चलते इस माह से अभियान चलाकर ब्राडेंड कंपनियों में बनी एंटीबायोटिक दवाइयों के भी नमूने भी एकत्र करेंगे। जांच में नमूना फेल आने पर कार्रवाई की जाएगी - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक