{"_id":"5b84441d42c792464a0c8c56","slug":"another-woman-found-dead-in-ganga-after-boat-reversed-n-bijnor","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाव पलटने से गंगा में डूबी एक और महिला का शव मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाव पलटने से गंगा में डूबी एक और महिला का शव मिला
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
गंगा में डूबी महिला का शव निकालते एनडीआरएफ की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में गांव चौहड़वाला के पास शुक्रवार को नाव पलटने से गंगा में बहे लोगों में एक और महिला का शव सोमवार को गंगा में झाड़ियों में फंसा मिला है। एनडीआरएफ, पीएसी की टीम और गोताखोरा दिनभर गंगा को खंगालने में जुटे रहे। गंगा में पानी कम होने लगा है। इससे गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने में मदद मिल रही है। टीम के सदस्यों की माने तो गंगा में पानी कम होने से डूबे लोग पानी के ऊपर आ जाएंगे।
शुक्रवार को गांव डेबलगढ़ (राजारामपुर) के लोग नाव से गंगा पार पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। चारा लेकर लौटते समय गांव चौहड़वाला के सामने गंगा की लहरों में नाव डूब गई। नाव में सवार सभी लोग गंगा में बह गए थे। 17 लोगों को सुरक्षित गंगा से निकाल लिया गया था। दो महिला नगीनी व मीना देवी के शव भी गंगा की झाड़ियों में फंसे मिले थे। प्रशासन नाव में 27 लोगों के सवार होने की बात कह रहा था जबकि गांव वाले 28 लोग बता रहे हैं। हेलीकाप्टर से भी गंगा में डूबे लोगों की तलाश की गई थी। एनडीआरएफ व पीएसी की टीम भी गंगा में डूबे लोगों की खंगालने में लगी है। स्थानीय गोताखोरों के साथ जो लोग गंगा में डूबे हैं, उनके परिजन भी डूबे लोगों को ढूंढ रहे हैं।
सोमवार को एनडीआरफ, पीएसी के अलावा स्थानीय गोताखोर सुबह से ही गंगा में डूबे लोगों की तलाश में जुट गए। दोपहर करीब दो बजे स्थानीय गोताखोरों को रावली व बैराज के बीच तटबंध से करीब दो किलोमीटर दूर गंगा की झाड़ियों में फंसा गांव डेबलपुर निवासी राजवीर की पत्नी प्रवेश का शव मिला। शव को टीम बाहर निकाल कर लाई। एनडीआरएफ व पीएसी की टीम भी वहां पहुंच गई। एनडीआरएफ व पीएसी के सदस्यों के मुताबिक गंगा मेें पानी कम हो गया है। रविवार को गंगा में पानी ज्यादा था। गंगा में पानी कम होने पर गंगा में समाए लोग पानी के ऊपर आ सकते हैं। टीम अभी भी गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने में लगी है।
विज्ञापन
ये टीम खंगाल रही है गंगा में डूबे लोगों को
पीएसी मुरादाबाद की टीम में शामिल एचसीपी सतीश कुमार, नायक अरविंद कुमार, सुभाष कुमार, रोहिताश कुमार, एनडीआएफ की टीम में शामिल इंस्पेक्टर यशवंत सिंह ,सिपाही सोनू, नितिन, पप्पू, परवीन डाला, जयदेव, देवेंद्र, स्थानीय गोताखोरों में सुशील कुमार, गजराम, शेखर, प्रद्युम्न, मनोज, अनुज शामिल हैं।
डीएम ने की पीएसी के जवानों को सम्मानित करने की घोषणा
डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने पुल की मरम्मत का कार्य कर रहे मजदूर नदी में अचानक अत्यधिक पानी आ जाने के कारण घिर गए थे, इनमें से तीन मजदूर तेज बहाव के कारण पानी में बह गए। उन्हें सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया है। इस सराहनीय कार्य करने पर उन्होंने पीएसी के जवानों सहित स्थानीय लोगों की प्रशंसा करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। ग्राम मीरूवाला-मथुरापुर मोड़ पर बने पुल के मालन नदी द्वारा क्षतिग्रस्त होने तथा पुल के दोनों किनारे धंस जाने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि तत्काल पुल की मरम्मत कराएं, ताकि यातायात बहाल हो सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी नजीबाबाद पंकज कुमार के अलावा पीएसी एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मालन ने बरपाया कहर, बिजनौर-हरिद्वार मार्ग बंद
गंगा में सोमवार को पानी कम होने लगा है। इससे तटीय गांव के लोगों ने राहत ली है। गंगा में पानी कम होने से रावली के सामने गांव के लोग आसानी से गंगा पार करके पशुओं के लिए चारा लेने गए। रविवार को गंगा में 182 हजार क्यूसेक पानी था, जो सोमवार घटकर 145 हजार क्यूसेक रह गया है। मालन नदी ने जरूर कहर बरपा रखा है। मालन का पानी बिजनौर-मंडावर मार्ग पर मालन के पुल पर कई फिट बहने से बिजनौर-हरिद्वार मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। हरिद्वार जाने वाले वाहन नजीबाबाद होकर जा रहे हैं।
नाव के सहारे कर रहे आवाजाही
मालन नदी का पानी रावली गांव में घुस गया है। लोग नाव के सहारे गांव में आवाजाही कर रहे हैं। सोमवार को मालन नदी का पानी बहुत ज्यादा बढ़ गया। रावली के कण्व आश्रम समेत मकानों व रास्तों तक में पानी भरा हुआ है। रावली से होकर मालन नदी का पानी गंगा में जाता है। बाखरपुर के रपटे पर पानी आने से यह रपटा भी बंद हो गया है।
पीड़ितों की समुचित व्यवस्था के निर्देश
बिजनौर में डीएम ने रविवार को जिले के जलमग्न क्षेत्रों का दौरा कर उन्होंने पीड़ित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा उनके ठहरने, खान-पान आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश उप जिलाधिकारी नजीबाबाद को दिए हैं। उन्होंने ग्राम मीरूवाला-मथुरापुर मोड़ पर बने पुल के मालन नदी द्वारा क्षतिग्रस्त होने तथा पुल के दोनों किनारे धंस जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारी को तत्काल पुल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने नेशनल हाईवे पर गहरे गड्ढे और बहुत अधिक क्षतिग्रस्त अवस्था में पाए जानेे पर संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन को लिखने और कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
जिलाधिकारी अटल कुमार रॉय ने कहा कि जिले के हर व्यक्ति की जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इस दायित्व को निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने बाढ़ से संबंधित सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोताही के कारण किसी भी व्यक्ति की जान अथवा माल का नुकसान होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने ग्राम खैरूल्लाह पुर पर नदी का पानी आ जाने के कारण पीड़ित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने और उनके ठहरने एवं खानपान सहित सभी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को गांव डेबलगढ़ (राजारामपुर) के लोग नाव से गंगा पार पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। चारा लेकर लौटते समय गांव चौहड़वाला के सामने गंगा की लहरों में नाव डूब गई। नाव में सवार सभी लोग गंगा में बह गए थे। 17 लोगों को सुरक्षित गंगा से निकाल लिया गया था। दो महिला नगीनी व मीना देवी के शव भी गंगा की झाड़ियों में फंसे मिले थे। प्रशासन नाव में 27 लोगों के सवार होने की बात कह रहा था जबकि गांव वाले 28 लोग बता रहे हैं। हेलीकाप्टर से भी गंगा में डूबे लोगों की तलाश की गई थी। एनडीआरएफ व पीएसी की टीम भी गंगा में डूबे लोगों की खंगालने में लगी है। स्थानीय गोताखोरों के साथ जो लोग गंगा में डूबे हैं, उनके परिजन भी डूबे लोगों को ढूंढ रहे हैं।
विज्ञापन
सोमवार को एनडीआरफ, पीएसी के अलावा स्थानीय गोताखोर सुबह से ही गंगा में डूबे लोगों की तलाश में जुट गए। दोपहर करीब दो बजे स्थानीय गोताखोरों को रावली व बैराज के बीच तटबंध से करीब दो किलोमीटर दूर गंगा की झाड़ियों में फंसा गांव डेबलपुर निवासी राजवीर की पत्नी प्रवेश का शव मिला। शव को टीम बाहर निकाल कर लाई। एनडीआरएफ व पीएसी की टीम भी वहां पहुंच गई। एनडीआरएफ व पीएसी के सदस्यों के मुताबिक गंगा मेें पानी कम हो गया है। रविवार को गंगा में पानी ज्यादा था। गंगा में पानी कम होने पर गंगा में समाए लोग पानी के ऊपर आ सकते हैं। टीम अभी भी गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने में लगी है।
विज्ञापन
ये टीम खंगाल रही है गंगा में डूबे लोगों को
पीएसी मुरादाबाद की टीम में शामिल एचसीपी सतीश कुमार, नायक अरविंद कुमार, सुभाष कुमार, रोहिताश कुमार, एनडीआएफ की टीम में शामिल इंस्पेक्टर यशवंत सिंह ,सिपाही सोनू, नितिन, पप्पू, परवीन डाला, जयदेव, देवेंद्र, स्थानीय गोताखोरों में सुशील कुमार, गजराम, शेखर, प्रद्युम्न, मनोज, अनुज शामिल हैं।
डीएम ने की पीएसी के जवानों को सम्मानित करने की घोषणा
डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने पुल की मरम्मत का कार्य कर रहे मजदूर नदी में अचानक अत्यधिक पानी आ जाने के कारण घिर गए थे, इनमें से तीन मजदूर तेज बहाव के कारण पानी में बह गए। उन्हें सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया है। इस सराहनीय कार्य करने पर उन्होंने पीएसी के जवानों सहित स्थानीय लोगों की प्रशंसा करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। ग्राम मीरूवाला-मथुरापुर मोड़ पर बने पुल के मालन नदी द्वारा क्षतिग्रस्त होने तथा पुल के दोनों किनारे धंस जाने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि तत्काल पुल की मरम्मत कराएं, ताकि यातायात बहाल हो सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी नजीबाबाद पंकज कुमार के अलावा पीएसी एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मालन ने बरपाया कहर, बिजनौर-हरिद्वार मार्ग बंद
गंगा में सोमवार को पानी कम होने लगा है। इससे तटीय गांव के लोगों ने राहत ली है। गंगा में पानी कम होने से रावली के सामने गांव के लोग आसानी से गंगा पार करके पशुओं के लिए चारा लेने गए। रविवार को गंगा में 182 हजार क्यूसेक पानी था, जो सोमवार घटकर 145 हजार क्यूसेक रह गया है। मालन नदी ने जरूर कहर बरपा रखा है। मालन का पानी बिजनौर-मंडावर मार्ग पर मालन के पुल पर कई फिट बहने से बिजनौर-हरिद्वार मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। हरिद्वार जाने वाले वाहन नजीबाबाद होकर जा रहे हैं।
नाव के सहारे कर रहे आवाजाही
मालन नदी का पानी रावली गांव में घुस गया है। लोग नाव के सहारे गांव में आवाजाही कर रहे हैं। सोमवार को मालन नदी का पानी बहुत ज्यादा बढ़ गया। रावली के कण्व आश्रम समेत मकानों व रास्तों तक में पानी भरा हुआ है। रावली से होकर मालन नदी का पानी गंगा में जाता है। बाखरपुर के रपटे पर पानी आने से यह रपटा भी बंद हो गया है।
पीड़ितों की समुचित व्यवस्था के निर्देश
बिजनौर में डीएम ने रविवार को जिले के जलमग्न क्षेत्रों का दौरा कर उन्होंने पीड़ित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा उनके ठहरने, खान-पान आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश उप जिलाधिकारी नजीबाबाद को दिए हैं। उन्होंने ग्राम मीरूवाला-मथुरापुर मोड़ पर बने पुल के मालन नदी द्वारा क्षतिग्रस्त होने तथा पुल के दोनों किनारे धंस जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारी को तत्काल पुल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने नेशनल हाईवे पर गहरे गड्ढे और बहुत अधिक क्षतिग्रस्त अवस्था में पाए जानेे पर संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन को लिखने और कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
जिलाधिकारी अटल कुमार रॉय ने कहा कि जिले के हर व्यक्ति की जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इस दायित्व को निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने बाढ़ से संबंधित सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोताही के कारण किसी भी व्यक्ति की जान अथवा माल का नुकसान होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने ग्राम खैरूल्लाह पुर पर नदी का पानी आ जाने के कारण पीड़ित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने और उनके ठहरने एवं खानपान सहित सभी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।