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Bijnor News: नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी में अंकित की जमानत निरस्त
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायधीश एमपी सिंह ने नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी में आरोपी अंकित की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना धामपुर के गांव अमखेड़ा निवासी रवि प्रताप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अंकित त्रिपाठी ने अपने साथियों सूरज कुमार, इंतजार खान के साथ मिलकर सरकारी नौकरियों में सीधे भर्ती के विज्ञापन दिखाए। साथ ही विभागीय कार्यालय में फॉर्म भरवाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाए। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ में उसकी और उसके साथियों यरेंद्र चौहान, महेंद्र सिंह, अभिषेक कुमार, दीपक कुमार, मोनिका की तीन-चार महीने ट्रेनिंग कराई गई। उनसे 44 लाख 66 हजार रुपये की धनराशि ले ली गई। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अंकित त्रिपाठी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। संवाद
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थाना धामपुर के गांव अमखेड़ा निवासी रवि प्रताप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अंकित त्रिपाठी ने अपने साथियों सूरज कुमार, इंतजार खान के साथ मिलकर सरकारी नौकरियों में सीधे भर्ती के विज्ञापन दिखाए। साथ ही विभागीय कार्यालय में फॉर्म भरवाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाए। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ में उसकी और उसके साथियों यरेंद्र चौहान, महेंद्र सिंह, अभिषेक कुमार, दीपक कुमार, मोनिका की तीन-चार महीने ट्रेनिंग कराई गई। उनसे 44 लाख 66 हजार रुपये की धनराशि ले ली गई। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अंकित त्रिपाठी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। संवाद