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रैन बसेरे में एंबुलेंस चालकों ने कब्जा
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रैन बसेरे में एंबुलेंस चालकों ने कब्जा
बिजनौर। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए बने तीमारदार आश्रय स्थल सरकारी एंबुलेंस चालकों का कब्जा है। ठंड से बचने के लिए तीमारदारों को रैन बसेरे का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कड़ाके की सर्दी में भी तीमारदार रात भर इधर-उधर बैठकर ठिठुरने को मजबूर हैं।
शासन के निर्देश जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए तीमारदार आश्रय स्थल (रैन बसेरे) बनाए गए थे। जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरे बनाने का मकसद सिर्फ ये था कि जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के पास ज्यादा संख्या में तीमारदार न रुकें। तीमारदार रैन बसेरों में आकर ठहरें और वहां पर आराम कर सकें। लेकिन जिला अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस सेवा के वाहन चालकों ने इस पर कब्जा कर रखा है। इस कारण मरीज ठंड में भटकने को मजबूर हैं। गंज क्षेत्र के जयप्रकाश, राम सिंह, मुंढाला के रहने वाले मोहम्मद आफताब, यासीन, अब्दुल गफ्फार आदि तीमारदारों का कहना है कि करीब दस दिन से उनके मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं। वार्ड में एक से ज्यादा तीमारदार को ठहरने नहीं दिया जाता। जब सार्वजनिक रैन बसेरे में जाते हैं तो उन्हें उसके अंदर नहीं घुसने दिया जाता। वे इस मामले की शिकायत अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। सीएमएस ज्ञानचंद, महिला अस्पताल की सीएमएस आभा वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो वे इसे दिखवाएंगे। यदि वास्तव में एंबुलेंस चालकों ने रैन बसेरों को घेर रखा है तो इन्हें तीमारदारों के लिए खाली कराया जाएगा।
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बिजनौर। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए बने तीमारदार आश्रय स्थल सरकारी एंबुलेंस चालकों का कब्जा है। ठंड से बचने के लिए तीमारदारों को रैन बसेरे का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कड़ाके की सर्दी में भी तीमारदार रात भर इधर-उधर बैठकर ठिठुरने को मजबूर हैं।
शासन के निर्देश जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए तीमारदार आश्रय स्थल (रैन बसेरे) बनाए गए थे। जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरे बनाने का मकसद सिर्फ ये था कि जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के पास ज्यादा संख्या में तीमारदार न रुकें। तीमारदार रैन बसेरों में आकर ठहरें और वहां पर आराम कर सकें। लेकिन जिला अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस सेवा के वाहन चालकों ने इस पर कब्जा कर रखा है। इस कारण मरीज ठंड में भटकने को मजबूर हैं। गंज क्षेत्र के जयप्रकाश, राम सिंह, मुंढाला के रहने वाले मोहम्मद आफताब, यासीन, अब्दुल गफ्फार आदि तीमारदारों का कहना है कि करीब दस दिन से उनके मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं। वार्ड में एक से ज्यादा तीमारदार को ठहरने नहीं दिया जाता। जब सार्वजनिक रैन बसेरे में जाते हैं तो उन्हें उसके अंदर नहीं घुसने दिया जाता। वे इस मामले की शिकायत अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। सीएमएस ज्ञानचंद, महिला अस्पताल की सीएमएस आभा वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो वे इसे दिखवाएंगे। यदि वास्तव में एंबुलेंस चालकों ने रैन बसेरों को घेर रखा है तो इन्हें तीमारदारों के लिए खाली कराया जाएगा।
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