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अमर उजाला एक अक्तूबर को लगाएगा रक्तदान शिविर
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अमर उजाला फाउंडेशन एक अक्तूबर को लगाएगा रक्तदान शिविर
बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक अक्तूबर को सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 18 से 60 का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने वालों को अमर उजाला फाउंडेशन तथा जिला रक्त कोष की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
रक्त के अभाव में किसी के जीवन की डोर न टूटे इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन देश भर के विभिन्न जनपदों में रक्तदान शिविर का आयोजन कर हजारों यूनिट ब्लड संग्रहित करता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर रोगी को विभिन्न प्रकार के ग्रुप का ब्लड हासिल हो और उसकी जान बचाई जा सके। अमर उजाला फाउंडेशन हर साल की तरह इस बार भी जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक रक्तदान शिविर लगाएगा।
जिला रक्तकोष के ब्लड बैंक अधिकारी डा. संजय कुमार शंकर के अनुसार एक रक्तदान, बचाए चार जान। इस मूलमंत्र को सभी लोगों को अपनाकर परोपकार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कभी कभी ऐसा होता है कि विशेष ग्रुप का ब्लड मिलना दूभर हो जाता है। ऐसे में गंभीर रोगी की जान जाने का खतरा रहता है। अति दुर्लभ ब्लड ग्रुप में ए नेगेटिव, एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव आदि शामिल हैं। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति के शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। सामान्य भोजन से ही 24 घंटे के भीतर रक्त की पूर्ति हो जाती है। एक बार में केवल लगभग 350 मिलीग्राम खून लिया जाता है। हर तीन माह पर कोई भी स्वस्थ मनुष्य रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने वालों की रक्त एवं पांच अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों की जांचें मुफ्त में ही हो जाती हैं। इनमें एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, सी, सिफलिस यानी यौन रोग आदि शामिल हैं। अमर उजाला सभी स्वस्थ व्यक्तियों से अवश्य ही रक्तदान करने की अपील करता है।
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ब्लड बैंक में आने से पूर्व करें ये काम
-बिना मास्क लगाए न आएं।
-सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, भीड़भाड़ लगाने से बचें।
-बार-बार साबुन अथवा सैनिटाइजर से हाथ धुलें।
-खाली पेट रक्तदान न करें।
-रक्तदान से पहले पर्याप्त नींद और आराम करें।
-दरवाजे, खिड़कियां और ब्लड बैंक का अन्य सामान न छुएं।
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बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक अक्तूबर को सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 18 से 60 का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने वालों को अमर उजाला फाउंडेशन तथा जिला रक्त कोष की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
रक्त के अभाव में किसी के जीवन की डोर न टूटे इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन देश भर के विभिन्न जनपदों में रक्तदान शिविर का आयोजन कर हजारों यूनिट ब्लड संग्रहित करता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर रोगी को विभिन्न प्रकार के ग्रुप का ब्लड हासिल हो और उसकी जान बचाई जा सके। अमर उजाला फाउंडेशन हर साल की तरह इस बार भी जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक रक्तदान शिविर लगाएगा।
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जिला रक्तकोष के ब्लड बैंक अधिकारी डा. संजय कुमार शंकर के अनुसार एक रक्तदान, बचाए चार जान। इस मूलमंत्र को सभी लोगों को अपनाकर परोपकार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कभी कभी ऐसा होता है कि विशेष ग्रुप का ब्लड मिलना दूभर हो जाता है। ऐसे में गंभीर रोगी की जान जाने का खतरा रहता है। अति दुर्लभ ब्लड ग्रुप में ए नेगेटिव, एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव आदि शामिल हैं। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति के शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। सामान्य भोजन से ही 24 घंटे के भीतर रक्त की पूर्ति हो जाती है। एक बार में केवल लगभग 350 मिलीग्राम खून लिया जाता है। हर तीन माह पर कोई भी स्वस्थ मनुष्य रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने वालों की रक्त एवं पांच अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों की जांचें मुफ्त में ही हो जाती हैं। इनमें एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, सी, सिफलिस यानी यौन रोग आदि शामिल हैं। अमर उजाला सभी स्वस्थ व्यक्तियों से अवश्य ही रक्तदान करने की अपील करता है।
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ब्लड बैंक में आने से पूर्व करें ये काम
-बिना मास्क लगाए न आएं।
-सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, भीड़भाड़ लगाने से बचें।
-बार-बार साबुन अथवा सैनिटाइजर से हाथ धुलें।
-खाली पेट रक्तदान न करें।
-रक्तदान से पहले पर्याप्त नींद और आराम करें।
-दरवाजे, खिड़कियां और ब्लड बैंक का अन्य सामान न छुएं।