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अमर उजाला अभियान : चालान तक सीमित अभियान, नहीं रुकती ओवरलोडिंग
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बिजनौर में सड़क पर जाता ओवरलोड ट्रेक्टर ट्राली।
- फोटो : BIJNOR
अमर उजाला अभियान : चालान तक सीमित अभियान, नहीं रुकती ओवरलोडिंग
बिजनौर। एक तरफ सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, दूसरी ओर ओवर लोड वाहनों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। हालांकि एक साल में ओवर लोड वाहनों पर 27 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। फिर भी ओवर लोड वाहन दौड़ाने वाले बाज नहीं आते। खासकर गन्ना ढुलाई और खनन में लगे वाहन ओवर लोड होते हैं। जिन पर कार्रवाई की जाती है, बाद में हालात जस के तस बन जाते हैं।
वित्तीय वर्ष में 31 मार्च 2022 तक एआरटीओ कार्यालय की टीम में जिलेभर में अलग-अलग जगहों पर चेकिंग करते हुए 166 वाहनों को पकड़ा। जिनके ओवनरलोड में चालान किए गए। इनमें खनन सामग्री से भरे हुए डंफर भी शामिल हैं और गन्ना ढोने वाले ट्रक या ट्राले भी। चालान काटने के बाद इन पर भारी भरकम जुर्माना भी लगाया गया। वित्तीय वर्ष में 27 लाख 65 हजार रुपये जुर्माना ओवरलोड की एवज में वसूला गया है। साथ ही करीब ढाई लाख रुपये का टैक्स भी वसूला गया। सूत्रों की मानें तो ओवरलोड वाहनों की वजह से ही समय से पहले सड़क दरक रही हैं। इसकी तस्वीर मोटा महादेव-भागूवाला बाईपास साफ करने के लिए काफी है। यह मार्ग बनने के कुछ महीनों बाद ही दरकने लगता है। वहीं, नगीना से कोटद्वार मार्ग में भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
क्या है लोड का मानक
व्हीकल एक्ट के अनुसार एक एक्सल पर 10.2 टन वजन उपयुक्त माना जाता है। इससे अधिक ओवरलोड की श्रेणी में आता है। मान लिया जाए कि किसी ट्रक में पीछे दो एक्सल यानि आठ पहिये हैं तो 20.2 टन वजन उपयुक्त माना जाएगा। अगले एक्सल पर वजन की गणना नहीं की जाती। देशभर में इसी मानक पर पुल और सड़क तैयार किए जाते हैं।
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रात में निकलते हैं लकड़ी से भरे ट्रॉले
जिले से होकर लकड़ी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉले रात के अंधेरे में निकलते हैं। ये ओवर लोड ट्रैक्टर-ट्रॉले धड़ल्ले से दौड़ते हैं। जिनसे हादसों का भी अंदेशा बना रहता है। इन पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। इन ट्रालों से गंगानगर लकड़ी ले जाई जाती है। जिले में काफी गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिल तक गन्ना ले जाने के लिए छह टायरा ट्रॉले लगे हुए हैं। ये ट्रैक्टर-ट्राले ओवर लोड होकर चलते हैं। दो महीने पहले चांदपुर पुलिस ने अभियान चलाकर गन्ने से लदे कई ट्रॉलों के चालान काट दिए थे।
समय-समय पर अभियान चलाकर ओवर लोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। वित्तीय वर्ष में 27 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना ओवर लोड वाहनों से वसूला गया है - शिव शंकर सिंह, एआरटीओ
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बिजनौर। एक तरफ सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, दूसरी ओर ओवर लोड वाहनों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। हालांकि एक साल में ओवर लोड वाहनों पर 27 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। फिर भी ओवर लोड वाहन दौड़ाने वाले बाज नहीं आते। खासकर गन्ना ढुलाई और खनन में लगे वाहन ओवर लोड होते हैं। जिन पर कार्रवाई की जाती है, बाद में हालात जस के तस बन जाते हैं।
वित्तीय वर्ष में 31 मार्च 2022 तक एआरटीओ कार्यालय की टीम में जिलेभर में अलग-अलग जगहों पर चेकिंग करते हुए 166 वाहनों को पकड़ा। जिनके ओवनरलोड में चालान किए गए। इनमें खनन सामग्री से भरे हुए डंफर भी शामिल हैं और गन्ना ढोने वाले ट्रक या ट्राले भी। चालान काटने के बाद इन पर भारी भरकम जुर्माना भी लगाया गया। वित्तीय वर्ष में 27 लाख 65 हजार रुपये जुर्माना ओवरलोड की एवज में वसूला गया है। साथ ही करीब ढाई लाख रुपये का टैक्स भी वसूला गया। सूत्रों की मानें तो ओवरलोड वाहनों की वजह से ही समय से पहले सड़क दरक रही हैं। इसकी तस्वीर मोटा महादेव-भागूवाला बाईपास साफ करने के लिए काफी है। यह मार्ग बनने के कुछ महीनों बाद ही दरकने लगता है। वहीं, नगीना से कोटद्वार मार्ग में भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
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क्या है लोड का मानक
व्हीकल एक्ट के अनुसार एक एक्सल पर 10.2 टन वजन उपयुक्त माना जाता है। इससे अधिक ओवरलोड की श्रेणी में आता है। मान लिया जाए कि किसी ट्रक में पीछे दो एक्सल यानि आठ पहिये हैं तो 20.2 टन वजन उपयुक्त माना जाएगा। अगले एक्सल पर वजन की गणना नहीं की जाती। देशभर में इसी मानक पर पुल और सड़क तैयार किए जाते हैं।
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रात में निकलते हैं लकड़ी से भरे ट्रॉले
जिले से होकर लकड़ी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉले रात के अंधेरे में निकलते हैं। ये ओवर लोड ट्रैक्टर-ट्रॉले धड़ल्ले से दौड़ते हैं। जिनसे हादसों का भी अंदेशा बना रहता है। इन पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। इन ट्रालों से गंगानगर लकड़ी ले जाई जाती है। जिले में काफी गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिल तक गन्ना ले जाने के लिए छह टायरा ट्रॉले लगे हुए हैं। ये ट्रैक्टर-ट्राले ओवर लोड होकर चलते हैं। दो महीने पहले चांदपुर पुलिस ने अभियान चलाकर गन्ने से लदे कई ट्रॉलों के चालान काट दिए थे।
समय-समय पर अभियान चलाकर ओवर लोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। वित्तीय वर्ष में 27 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना ओवर लोड वाहनों से वसूला गया है - शिव शंकर सिंह, एआरटीओ