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जिले के भी संदिग्ध एटीएस के रडार पर
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जिले के भी संदिग्ध एटीएस के रडार पर
बिजनौर। लखनऊ में अलकायदा के दो आतंकी मिलने से बिजनौर समेत कई जिलों के कुछ संदिग्ध एटीएस के रडार पर हैं। संदिग्धों की तलाश में गुपचुप तरीके से टीम लगी हैं। संदिग्धों में स्लीपर सेल को भी तलाशा जा रहा है। स्लीपर सेल से जुड़ी छोटी बड़ी सभी तरह की सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं।
11 जुलाई को अलकायदा के दो आतंकी मिनहाज अहमद व मसीरूद्दीन को प्रेशर कुकर में बम बनाते हुए दबोचा गया था। स्वतंत्रता दिवस पर ये आतंकी कई शहरों को दहलाने की साजिश रच रहे थे। इसके बाद एटीएस ने पूरे सूबे में आतंकियों से जुड़े संदिग्धों को तलाशना शुरू किया। अलकायदा से जुड़े तीन और संदिग्धों को दबोच लिया गया है। इसके बाद बिजनौर समेत कई जिलों में आतंकियों से जुड़े संदिग्धों की तलाश शुरू हो गई है। बिजनौर के अलावा मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा में गुपचुप तरीके से संदिग्धों को तलाशा जा रहा है। मुरादाबाद एटीएस को छोटी-बड़ी सूचनाएं एकत्र करके आतंकियों से जुड़े स्लीपर सेल को खंगालने को कहा गया है। मंडल के सभी जिलों में गुपचुप तरीके से ऐसे संदिग्धों को टीम खंगालने में जुटी है। कौन लोग पकड़े गए आतंकियों के संपर्क में थे, इनका मकसद क्या था, इस सबका पता लगाने में एटीएस की टीम जुटी है।
12 दिसंबर 2014 में बिजनौर के मोहल्ला जाटान में मकान में बम बनाते हुए विस्फोट होने पर दो आतंकी झुलस गए थे। दो मकान में अमजद, असलम, एजाजुद्दीन, महबूब, रियाजुद्दीन, सादिक समेत छह आतंकी किराए पर रह रहे थे। इनमें महबूब समेत दो आतंकी झुलस गए थे। तीन अप्रैल को एजाजुद्दीन और असलम तेलंगाना में मुठभेड़ के दौरान मारे गए थे। 17 फरवरी 2016 को महबूब, सालिक, जाकिर हुसैन को उड़ीसा पुलिस ने दबोचा था। छह माह बाद ये आतंकी वहां की जेल से फरार हो गए थे। पुलिस ने बाद में इन चारों को मुठभेड़ में मार गिराया था। बिजनौर के तमाम लोग इन आतंकियों के संपर्क में थे। एक बड़े व्यक्ति का नाम भी आतंकियों से जुड़ा पाया गया था, लेकिन उस समय उस व्यक्ति को क्लीन चिट दे दी गई थी। लेकिन अब एटीएस उक्त व्यक्ति को फिर से खंगालने में जुट गई है। एटीएस को शक है कि यह व्यक्ति अभी भी संदिग्ध लोगों से जुड़ा है। गुपचुप तरीके से इस व्यक्ति की गतिविधियां भी खंगाली जा रही हैं। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक पूरा जिला अलर्ट पर है। संदिग्धों पर पुलिस की नजर है। जिले में सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुराने व नए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे।
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बिजनौर। लखनऊ में अलकायदा के दो आतंकी मिलने से बिजनौर समेत कई जिलों के कुछ संदिग्ध एटीएस के रडार पर हैं। संदिग्धों की तलाश में गुपचुप तरीके से टीम लगी हैं। संदिग्धों में स्लीपर सेल को भी तलाशा जा रहा है। स्लीपर सेल से जुड़ी छोटी बड़ी सभी तरह की सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं।
11 जुलाई को अलकायदा के दो आतंकी मिनहाज अहमद व मसीरूद्दीन को प्रेशर कुकर में बम बनाते हुए दबोचा गया था। स्वतंत्रता दिवस पर ये आतंकी कई शहरों को दहलाने की साजिश रच रहे थे। इसके बाद एटीएस ने पूरे सूबे में आतंकियों से जुड़े संदिग्धों को तलाशना शुरू किया। अलकायदा से जुड़े तीन और संदिग्धों को दबोच लिया गया है। इसके बाद बिजनौर समेत कई जिलों में आतंकियों से जुड़े संदिग्धों की तलाश शुरू हो गई है। बिजनौर के अलावा मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा में गुपचुप तरीके से संदिग्धों को तलाशा जा रहा है। मुरादाबाद एटीएस को छोटी-बड़ी सूचनाएं एकत्र करके आतंकियों से जुड़े स्लीपर सेल को खंगालने को कहा गया है। मंडल के सभी जिलों में गुपचुप तरीके से ऐसे संदिग्धों को टीम खंगालने में जुटी है। कौन लोग पकड़े गए आतंकियों के संपर्क में थे, इनका मकसद क्या था, इस सबका पता लगाने में एटीएस की टीम जुटी है।
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12 दिसंबर 2014 में बिजनौर के मोहल्ला जाटान में मकान में बम बनाते हुए विस्फोट होने पर दो आतंकी झुलस गए थे। दो मकान में अमजद, असलम, एजाजुद्दीन, महबूब, रियाजुद्दीन, सादिक समेत छह आतंकी किराए पर रह रहे थे। इनमें महबूब समेत दो आतंकी झुलस गए थे। तीन अप्रैल को एजाजुद्दीन और असलम तेलंगाना में मुठभेड़ के दौरान मारे गए थे। 17 फरवरी 2016 को महबूब, सालिक, जाकिर हुसैन को उड़ीसा पुलिस ने दबोचा था। छह माह बाद ये आतंकी वहां की जेल से फरार हो गए थे। पुलिस ने बाद में इन चारों को मुठभेड़ में मार गिराया था। बिजनौर के तमाम लोग इन आतंकियों के संपर्क में थे। एक बड़े व्यक्ति का नाम भी आतंकियों से जुड़ा पाया गया था, लेकिन उस समय उस व्यक्ति को क्लीन चिट दे दी गई थी। लेकिन अब एटीएस उक्त व्यक्ति को फिर से खंगालने में जुट गई है। एटीएस को शक है कि यह व्यक्ति अभी भी संदिग्ध लोगों से जुड़ा है। गुपचुप तरीके से इस व्यक्ति की गतिविधियां भी खंगाली जा रही हैं। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक पूरा जिला अलर्ट पर है। संदिग्धों पर पुलिस की नजर है। जिले में सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुराने व नए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे।
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