{"_id":"640b6cd3b89a1b8b4b0a846a","slug":"allegations-of-reinstatement-in-another-school-against-the-rules-bijnor-news-c-14-1-148924-2023-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नियम विरुद्ध अन्य विद्यालय में बहाल करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नियम विरुद्ध अन्य विद्यालय में बहाल करने का आरोप
Fri, 10 Mar 2023 11:15 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:15 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर। एक सहायक अध्यापक ने नियम विरुद्ध निलंबन व बहाली का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। शिक्षक ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर उन्हें बहाली आदेश में अन्य विद्यालय के स्थान पर मूल विद्यालय में भेजने की मांग की।
नूरपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज मोहम्मद जाकिर हुसैन ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। पत्र में शिक्षक ने कहा कि कंपोजिट विद्यालय नूरपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि कुछ लोग अफसर से मिलकर मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचा रहे हैं। उनके गोपनीय अभिलेखों से छेड़छाड़ करते हुए बाहरी व्यक्तियों को उनकी कॉपी दे रहे हैं। तीन बार झूठे नामों से प्रार्थी की शिकायत कराई गई।
शिक्षक का कहना है तीन जांचों में वह निर्दोष साबित किया। आरोप है कि चौथी बार में दो बीईओ की टीम बनाकर नियम विरुद्ध निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि का गुजारा भत्ता भी नहीं दिया गया। शिक्षक का आरोप है कि बीएसए ने समस्त जांच को समाप्त करते हुए उन्हें सवेतन बहाल तो कर दिया है, लेकिन नियम विरुद्ध अन्य विद्यालय में बहाल किया है। शिक्षक ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में मामले की जांच कराकर मूल विद्यालय में भेजने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
नूरपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज मोहम्मद जाकिर हुसैन ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। पत्र में शिक्षक ने कहा कि कंपोजिट विद्यालय नूरपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि कुछ लोग अफसर से मिलकर मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचा रहे हैं। उनके गोपनीय अभिलेखों से छेड़छाड़ करते हुए बाहरी व्यक्तियों को उनकी कॉपी दे रहे हैं। तीन बार झूठे नामों से प्रार्थी की शिकायत कराई गई।
विज्ञापन
शिक्षक का कहना है तीन जांचों में वह निर्दोष साबित किया। आरोप है कि चौथी बार में दो बीईओ की टीम बनाकर नियम विरुद्ध निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि का गुजारा भत्ता भी नहीं दिया गया। शिक्षक का आरोप है कि बीएसए ने समस्त जांच को समाप्त करते हुए उन्हें सवेतन बहाल तो कर दिया है, लेकिन नियम विरुद्ध अन्य विद्यालय में बहाल किया है। शिक्षक ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में मामले की जांच कराकर मूल विद्यालय में भेजने की मांग की।
विज्ञापन