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ग्रामप्रधानों और सचिवों को प्रशासन की चेतावनी
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ग्रामप्रधानों और सचिवों को प्रशासन की चेतावनी
बिजनौर। प्रशासन ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालयों की नियुक्ति में प्रधान व पंचायत सचिव के दखल को लेकर सख्त हो गया है। मामले में प्रधान व सचिव को हस्तक्षेप करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में 1123 पंचायत हैं। शासन के निर्देश पर पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बने हैं। सामुदायिक शौचालयों की देखरेख व रखरखाव की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। जिला पंचायत राज विभाग की तय नियमों के तहत सामुदायिक शौचालय समूहों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि देखरेख के लिए नियुक्त महिला को सफाई सामग्री, मानदेय आदि के लिए निश्चित प्रक्रिया में वित्त आयोग से धनराशि मिलेगी। सीडीओ व डीपीआरओ को सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए महिलाओं की नियुक्ति में प्रधान व पंचायत सचिव के दखल की शिकायत मिल रही है। प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रधानों व सचिवों को हस्तक्षेप करने पर विधिक कार्रवाई का चेतावनी जारी कर दी है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने कहा है कि महिलाओं की नियुक्ति में प्रधान व सचिव का कोई संबंध नहीं है। इसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन की है। यदि कहीं प्रधान व सचिव जबरन अड़ंगेबाजी पैदा कर रहे हैं तो ग्रामीण इसकी जानकारी सीडीओ व डीपीआरओ को दें, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर। प्रशासन ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालयों की नियुक्ति में प्रधान व पंचायत सचिव के दखल को लेकर सख्त हो गया है। मामले में प्रधान व सचिव को हस्तक्षेप करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में 1123 पंचायत हैं। शासन के निर्देश पर पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बने हैं। सामुदायिक शौचालयों की देखरेख व रखरखाव की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। जिला पंचायत राज विभाग की तय नियमों के तहत सामुदायिक शौचालय समूहों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि देखरेख के लिए नियुक्त महिला को सफाई सामग्री, मानदेय आदि के लिए निश्चित प्रक्रिया में वित्त आयोग से धनराशि मिलेगी। सीडीओ व डीपीआरओ को सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए महिलाओं की नियुक्ति में प्रधान व पंचायत सचिव के दखल की शिकायत मिल रही है। प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रधानों व सचिवों को हस्तक्षेप करने पर विधिक कार्रवाई का चेतावनी जारी कर दी है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने कहा है कि महिलाओं की नियुक्ति में प्रधान व सचिव का कोई संबंध नहीं है। इसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन की है। यदि कहीं प्रधान व सचिव जबरन अड़ंगेबाजी पैदा कर रहे हैं तो ग्रामीण इसकी जानकारी सीडीओ व डीपीआरओ को दें, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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