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अपने को बेगुनाही साबित करने को जुटा रहे फुटेज
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नहटौर(बिजनौर)। नहटौर उपद्रव में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस चस्पा की कार्रवाई होने पर कई लोगों ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज आदि साक्ष्य एकत्रित करने शुरू कर दिए हैं। कई लोग राजनीतिक द्वेष के चलते उनके नाम लिखवाने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने लिखित में सीसीटीवी फुटेज के साथ प्रार्थनापत्र देकर उच्च अधिकारियों से जांच की गुहार लगाई है।
20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उपद्रव हो गया था। उपद्रव में सुलेमान व अनस की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस के मुताबिक उपद्रवियों ने पुलिस की जीप व लोगों की बाइकों में आग लगा दी थी। पुलिस ने 39 लोगों को नामजद व 22 सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर 10 लोगों को पकड़कर चालान कर दिया था। इसके बाद सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस चस्पा कर 10 जनवरी को न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया था। इसी को लेकर जो लोग अपने को बेगुनाह बता रहे हैं, उन्होंने अपने साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज आदि एकत्रित करनी शुरू कर दी है। मोहल्ला सादात सहदरी निवासी पूर्व सभासद खुर्शीद आलम अंसारी ने जिला अधिकारी व एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसके पुत्र जमशेद का नाम राजनीतिक द्वेष के चलते लिखवा दिया गया, जबकि उनका पुत्र घर पर था। खुर्शीद आलम का कहना है कि उनके घर पर सीसीटीवी लगा हुआ है। उन्होंने फुटेज उच्च अधिकारियों को दी है। इसके अलावा वह फुटेज सहित साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।
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20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उपद्रव हो गया था। उपद्रव में सुलेमान व अनस की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस के मुताबिक उपद्रवियों ने पुलिस की जीप व लोगों की बाइकों में आग लगा दी थी। पुलिस ने 39 लोगों को नामजद व 22 सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर 10 लोगों को पकड़कर चालान कर दिया था। इसके बाद सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस चस्पा कर 10 जनवरी को न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया था। इसी को लेकर जो लोग अपने को बेगुनाह बता रहे हैं, उन्होंने अपने साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज आदि एकत्रित करनी शुरू कर दी है। मोहल्ला सादात सहदरी निवासी पूर्व सभासद खुर्शीद आलम अंसारी ने जिला अधिकारी व एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसके पुत्र जमशेद का नाम राजनीतिक द्वेष के चलते लिखवा दिया गया, जबकि उनका पुत्र घर पर था। खुर्शीद आलम का कहना है कि उनके घर पर सीसीटीवी लगा हुआ है। उन्होंने फुटेज उच्च अधिकारियों को दी है। इसके अलावा वह फुटेज सहित साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।
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