चांदपुर। भारतीय संस्कृति और पाश्चात्य संस्कृति पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. रोहताश जमदग्नि को आचार्य विनोबा भावे सर्वोदय शिक्षा सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान श्रीगुरु माधवानंद प्रतिभा महाविद्यालय, रुपवास (भरतपुर, राजस्थान) तथा गुरु विद्यापीठ, रोहतक (हरियाणा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के समापन सत्र में प्रदान किया गया। डॉ. जमदग्नि ने सनातन के सूर्योदय में ग्रहों का विश्लेष विषय पर अपना शोधपत्र हाईब्रिड मोड के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनके शोधपत्र पर उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। डॉ. रोहताश ने बताया कि वह 125 शोधपत्र लिख चुके हैं और 180 राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में सहभागिता कर चुके हैं। उनके 207 समसामयिकी लेख, 215 कविताएं, 17 आलेख, 25 जीवन वृत्तांत विभिन्न राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने कई उपन्यास, समसामयिक गद्य और काव्य संग्रह लिखे हैं, जिनमें सूखा-प्यार, हमसे बना मेरा काव्य, हरिकाव्यम तथा स्मरणशाला प्रमुख हैं।