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लाइसेंस के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप
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लाइसेंस के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप
बिजनौर। कोतवाली देहात की हिंदूू कॉलोनी निवासी प्रभाषचंद अग्रवाल ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों पर लाइसेंस के नाम पर उससे हजारों रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है अफसरों की ऑडियो व वीडियो भी उनके पास है। उन्होंने डीएम व एसपी से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
प्रभाषचंद अग्रवाल ने शिकायती पत्र में बताया कि कोरोना काल में कोरोना काल में उन्होंने अपने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर बेटे मोहित को घर पर ही परचून की दुकान खुलवा दी थी। 19 मार्च को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी पंकज कुमार व जयप्रकाश सिंह उसकी दुकान पर आए और नई खुली दुकान का लाइसेंस मांगा। लाइसेंस न होने पर अभद्रता करते हुए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। उसने किसी तरह दुकान के गल्ले, बेटे की गुल्लक आदि से 80 हजार रुपये उन्हें दिए तो वे उनसे कुछ कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर चले गए। 22 जून को खाद्य सुरक्षा निरीक्षक नगीना एचपी सिंह दुकान पर आए और लाइसेंस बनाने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत ली। इसके बाद वे एचपी सिंह के ड्राइवर से फोन पर बात करने लगे। एचपी सिंह ने अपने अफसरों को भी रिश्वत देने का दबाव बनाया। प्रभाषचंद अग्रवाल ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए कहा कि इन अफसरों के दबाव से परेशान होकर उनके या उनके परिवारवालों को आत्महत्या भी करनी पड़ सकती है।
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बिजनौर। कोतवाली देहात की हिंदूू कॉलोनी निवासी प्रभाषचंद अग्रवाल ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों पर लाइसेंस के नाम पर उससे हजारों रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है अफसरों की ऑडियो व वीडियो भी उनके पास है। उन्होंने डीएम व एसपी से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
प्रभाषचंद अग्रवाल ने शिकायती पत्र में बताया कि कोरोना काल में कोरोना काल में उन्होंने अपने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर बेटे मोहित को घर पर ही परचून की दुकान खुलवा दी थी। 19 मार्च को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी पंकज कुमार व जयप्रकाश सिंह उसकी दुकान पर आए और नई खुली दुकान का लाइसेंस मांगा। लाइसेंस न होने पर अभद्रता करते हुए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। उसने किसी तरह दुकान के गल्ले, बेटे की गुल्लक आदि से 80 हजार रुपये उन्हें दिए तो वे उनसे कुछ कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर चले गए। 22 जून को खाद्य सुरक्षा निरीक्षक नगीना एचपी सिंह दुकान पर आए और लाइसेंस बनाने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत ली। इसके बाद वे एचपी सिंह के ड्राइवर से फोन पर बात करने लगे। एचपी सिंह ने अपने अफसरों को भी रिश्वत देने का दबाव बनाया। प्रभाषचंद अग्रवाल ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए कहा कि इन अफसरों के दबाव से परेशान होकर उनके या उनके परिवारवालों को आत्महत्या भी करनी पड़ सकती है।
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