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बढ़ापुर नगर पंचायत में करोड़ों के घोटाले का आरोप

Sun, 06 Sep 2020 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 11:21 PM IST
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Accusation of crores of scam in Badhapur Nagar Panchayat
बढ़ापुर नगर पंचायत में करोड़ों के घोटाले का आरोप
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बिजनौर/बढ़ापुर। माकपा नेता और बढ़ापुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शराफत हुसैन ने नगर पंचायत अध्यक्ष व ईओ पर कस्बे के विकास के लिए दो वर्ष पूर्व आदर्श नगर योजना के तहत मिली करोड़ों की ग्रांट को खुर्द बुर्द करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंचायत अध्यक्ष की बर्खास्तगी व ईओ सेवाराम राजभर के निलंबन की मांग की है। माकपा नेता ने इस मामले को डीएम और नगर विकास विभाग के समक्ष रखने की घोषणा की। कार्रवाई न होने पर डीएम कार्यालय के बाहर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।
नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शराफत हुसैन ने फेसबुक पर पोस्ट की शिकायत में कहा है कि दो वर्ष पूर्व आदर्श नगर योजना के तहत नगर पंचायत को करीब तीन करोड़ 83 लाख की ग्रांट स्वीकृत हुई थी। इसमें से करीब दो करोड़ की धनराशि नगर पंचायत को प्राप्त हो गई थी। इस धनराशि से कस्बे की मुख्य सड़क के कुछ हिस्से को आरसीसी बनाए जाने के भी टेंडर होने थे। नगर पंचायत ने नौ दिसंबर, 30 दिसंबर 2019 एवं 30 जनवरी 2020 को इस कार्य संबंधी ई-टेंडर निकाले थे। आरोप है कि ठेकेदारों से सांठगांठ कर उनको लाभ पहुंचाने के लिए 10 प्रतिशत की जमानत राशि रखी गई। इसको पूर्ण करने के लिए इन ठेकेदारों ने फर्जी एफडीआर आदि लगा दी। इसकी जांच में पुष्टि हो चुकी है।
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इन ठेकेदारों ने मार्च माह में सड़क निर्माण का काम भी प्रारंभ कर दिया, लेकिन फर्जीवाड़े के चलते लॉकडाउन की आड़ में सड़क ठेकेदार काम छोड़कर भाग निकले। आरोप लगाया कि ईओ सेवाराम राजभर ने उक्त टेंडर खोलने के एक माह बाद वर्क ऑर्डर किए, लेकिन कागजात की पड़ताल नहीं की। इसके बाद नगर पंचायत ने पुन: 27 अगस्त को जारी ई-टेंडर में जमानत राशि दस फीसदी से घटाकर दो फीसदी कर दी। शिकायतकर्ता ने इस मामले से संबंधित एक ऑडियो क्लिप भी जारी की है।
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गड़बड़ी की आशंका पर निरस्त किए थे टेंडर : ईओ
नगर पंचायत के ईओ सेवाराम राजभर का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा लाखों रुपयों की फर्जी एफडीआर लगी होने की शंका में उन्होंने टेंडर निरस्त किए थे और जांच में बड़ी संख्या में एफडीआर फर्जी निकलीं। इसको लेकर उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। डीएम को मामले से अवगत कराया, इसकी जांच भी हुई। ठेकेदारों ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश भी की। इसकी डीएम से शिकायत की गई और नगीना की तत्कालीन सीओ ने इसकी जांच भी की थी। पूर्व नगरपंचायत अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। पंचायत अध्यक्ष मौहम्मद आबिद अंसारी का कहना है कि ठेकेदारों के भारी संख्या में फर्जी एफडीआर लगाने व तकनीकी कारणों से टेंडर निरस्त हुए हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार व राजनीति से प्रेरित बताया है।
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