{"_id":"60bfb3db8ebc3eb6015ed69c","slug":"about-50-thousand-students-of-degree-college-will-be-promoted-bijnor-news-mrt541862486","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिग्री कालेज के करीब 50 हजार छात्र होंगे प्रमोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिग्री कालेज के करीब 50 हजार छात्र होंगे प्रमोट
विज्ञापन
डिग्री कालेज के करीब 50 हजार छात्र होंगे प्रमोट
बिजनौर। शासन ने कोरोना महामारी के कारण स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की 2021 की परीक्षा रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद जिले में स्नातक व स्नातकोत्तर के करीब 50 हजार छात्र छात्राएं अगली कक्षा में प्रमोट हो जाएंगे।
जिले में 108 डिग्री कालेज है। जिनमें एक राजकीय, छह शासकीय सहायता प्राप्त तथा 101 स्व पोषित कालेज हैं। इनमें 30 हजार से अधिक छात्र छात्राएं स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष तथा करीब 20 हजार स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्र हैं। अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा अगस्त में प्रस्तावित है। छात्र फैसले से खुश हैं। छात्रों पीयूष, संजना, हर्षल आदि का कहना है कि कालेजों में पढ़ाई कोरोना के कारण नहीं हुई है ऐसे में छात्रों के जीवन को खतरे में डालकर परीक्षा कराना ठीक नहीं है। अंतिम वर्ष की परीक्षा होनी है। छात्रों की प्रतिभा उसमें निखरकर सामने आ जाएगी।
वर्धमान कालेज बिजनौर में असिस्टेंट प्रोफेसर डा0 एस के जोशी, विवेक कालेज आफ लॉ में प्रधानाचार्य राजीव चौधरी का कहना है कि कोरोना से पैदा विषय परिस्थितियों में परीक्षा रद्द करने व छात्रों को प्रमोट करना सही है। फाइनल परीक्षा होनी चाहिए। कहा प्रतिस्पर्धा का जमाना है, जिसमें काबिलियत है वह तो आगे निकलेगा ही।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। शासन ने कोरोना महामारी के कारण स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की 2021 की परीक्षा रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद जिले में स्नातक व स्नातकोत्तर के करीब 50 हजार छात्र छात्राएं अगली कक्षा में प्रमोट हो जाएंगे।
जिले में 108 डिग्री कालेज है। जिनमें एक राजकीय, छह शासकीय सहायता प्राप्त तथा 101 स्व पोषित कालेज हैं। इनमें 30 हजार से अधिक छात्र छात्राएं स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष तथा करीब 20 हजार स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्र हैं। अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा अगस्त में प्रस्तावित है। छात्र फैसले से खुश हैं। छात्रों पीयूष, संजना, हर्षल आदि का कहना है कि कालेजों में पढ़ाई कोरोना के कारण नहीं हुई है ऐसे में छात्रों के जीवन को खतरे में डालकर परीक्षा कराना ठीक नहीं है। अंतिम वर्ष की परीक्षा होनी है। छात्रों की प्रतिभा उसमें निखरकर सामने आ जाएगी।
विज्ञापन
वर्धमान कालेज बिजनौर में असिस्टेंट प्रोफेसर डा0 एस के जोशी, विवेक कालेज आफ लॉ में प्रधानाचार्य राजीव चौधरी का कहना है कि कोरोना से पैदा विषय परिस्थितियों में परीक्षा रद्द करने व छात्रों को प्रमोट करना सही है। फाइनल परीक्षा होनी चाहिए। कहा प्रतिस्पर्धा का जमाना है, जिसमें काबिलियत है वह तो आगे निकलेगा ही।
विज्ञापन