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अब्दुल्लापुर में बाग में पढ़ाई नमाज
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:13 AM IST
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अब्दुल्लानगर डांडा में विवादित स्थल पर तैनात पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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नूरपुर के गांव अब्दुल्लानगर डांडा में जुमे की नमाज विवादित स्थल के पास एक बाग में पढ़ी गई। उक्त गांव में पिछले कई वर्षों से एक स्थान को लेकर तनाव बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से गांव में भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा। एसडीएम व सीओ सुबह से ही गांव में डेरा डाले रहे।
क्षेत्र के गांव अब्दुल्लानगर डांडा में पिछले 10 वर्षों से एक भवन को लेकर तनाव बना हुआ है। गांव के पश्चिम छोर पर बने इस भवन को मुसलिम धार्मिक स्थल बताते हुए वहां अलविदा जुमे की नमाज पढ़ने पर अड़े हैं, जबकि हिंदू समाज का कहना है कि उक्त स्थान कोई धार्मिक स्थल न होकर निजी भवन है। मुसलिम समाज पहले से ही पास के गांव नंगली पथवारी जाकर नमाज पढ़ते हैं। अब वह यहां नमाज पढ़कर गांव में नई परंपरा शुरु करने का प्रयास कर रहे हैं।
इसी बात को लेकर पिछले कई वर्षों से अलविदा जुमे की नमाज को लेकर गांव में तनाव हो चुका है। पिछले वर्ष प्रशासन की सख्ती के कारण गांव में अलविदा जुमे की नमाज नहीं पढ़ी गई थी तथा मुसलिम समाज ने पास के गांव नंगली पथवारी में जाकर नमाज पढ़ी थी। इस वर्ष प्रशासनिक अधिकारी मामले का हल निकालने के लिए कई दिन से गांव में कैंप किए हुए थे। शुक्रवार को प्रशासन ने विवादित स्थल के सामने स्थित एक बाग में मुसलिम समाज को नमाज पढ़ने की अनुमति दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में यहीं नमाज पढ़ी गई।
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सुरक्षा के लिहाज से एसडीएम चांदपुर राकेश यादव, सीओ अजय कुमार भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ गांव में डेरा डाले रहे। नमाज शांति से हुई।
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क्षेत्र के गांव अब्दुल्लानगर डांडा में पिछले 10 वर्षों से एक भवन को लेकर तनाव बना हुआ है। गांव के पश्चिम छोर पर बने इस भवन को मुसलिम धार्मिक स्थल बताते हुए वहां अलविदा जुमे की नमाज पढ़ने पर अड़े हैं, जबकि हिंदू समाज का कहना है कि उक्त स्थान कोई धार्मिक स्थल न होकर निजी भवन है। मुसलिम समाज पहले से ही पास के गांव नंगली पथवारी जाकर नमाज पढ़ते हैं। अब वह यहां नमाज पढ़कर गांव में नई परंपरा शुरु करने का प्रयास कर रहे हैं।
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इसी बात को लेकर पिछले कई वर्षों से अलविदा जुमे की नमाज को लेकर गांव में तनाव हो चुका है। पिछले वर्ष प्रशासन की सख्ती के कारण गांव में अलविदा जुमे की नमाज नहीं पढ़ी गई थी तथा मुसलिम समाज ने पास के गांव नंगली पथवारी में जाकर नमाज पढ़ी थी। इस वर्ष प्रशासनिक अधिकारी मामले का हल निकालने के लिए कई दिन से गांव में कैंप किए हुए थे। शुक्रवार को प्रशासन ने विवादित स्थल के सामने स्थित एक बाग में मुसलिम समाज को नमाज पढ़ने की अनुमति दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में यहीं नमाज पढ़ी गई।
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सुरक्षा के लिहाज से एसडीएम चांदपुर राकेश यादव, सीओ अजय कुमार भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ गांव में डेरा डाले रहे। नमाज शांति से हुई।