वर्दी में करते थे वारदात: महिला के जरिए कारोबारी को बुलाया, अपहरण कर मांगी 10 लाख की फिरौती, अब खुले बड़े राज
महिला के जरिए कारोबारी को उत्तराखंड बुलाकर अपहरण कर लिया गया। इसके बाद 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। वहीं पकड़े गए चार बदमाशों में फर्जी पुलिस वाले भी निकले।
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बिजनौर में शेरकोट के ब्रश कारोबारी और उसके नौकर का अपहरण कर 10 लाख की फिरौती मांगने वाले चार बदमाशों का चालान करते हुए पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस उस महिला की तलाश में भी लगी है, जिसके जरिये कारोबारी को बुलाया गया था।
रविवार को एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उत्तराखंड के उधमसिंह नगर की रहने वाली मनीषा ने कारोबारी यशवीर सिंह निवासी ग्राम भनौटी शेरकोट बिजनौर को झांसे में लेकर रामनगर, उत्तराखंड में बुलाया। यशवीर सिंह अपने कार चालक मुकेश को साथ लेकर रामनगर चले गए। जहां मनीषा के चार साथी आए। उन्होंने यशवीर और उसके नौकर मुकेश को जबरन अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद उनसे 10 लाख की फिरौती मांगी गई। दो आरोपी पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने खुद को पुलिस में बताया और रौब गालिब किया।
शनिवार को हरिद्वार जाते हुए नजीबाबाद पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ लिया। बता दें कि आरोपियों ने कारोबारी के एटीएम से नजीबाबाद में 22 हजार रुपये भी निकलवाए थे। कारोबारी ने दस लाख का इंतजाम करने में असमर्थता जताई तो ढाई लाख रुपया देना तय हो गया था, लेकिन इससे पहले ही चार आरोपी पकड़ लिए गए। जबकि कारोबारी को बुलाने वाली मनीषा पुत्री ललित कुमार निवासी ग्राम तालमपुर उधमसिंह नगर उत्तराखंड अभी फरार है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, निरीक्षक राजेंद्र कुमार, निरीक्षक अर्जुन सिंह, एसआई सतेंद्र नागर, एसआई दीपक कुमार आदि शामिल रहे।
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ये आरोपी किए गए गिरफ्तार
- पंकज पुत्र डालचंद निवासी ग्राम धर्मपुरा थाना जसपुर जिला उधमसिंह नगर उत्तराखंड
- दानवीर सिंह पुत्र स्व. कपिल कुमार निवासी नसीरदिवाला थाना शेरकोट बिजनौर
- दीपक कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी ग्राम नूनीखेड़ा थाना जानसठ, मुजफ्फरनगर
- सुनील उर्फ सन्नी पुत्र स्व. राजपाल सिंह निवासी ग्राम गंगधाड़ी खतौली, मुजफ्फरनगर
फिरौती के 16 हजार और वर्दी बरामद
आरोपियों के पास से फिरौती के रूप में वसूले गए 16 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। वहीं दो पुलिस यूनिफॉर्म (एक एसआई व एक कांस्टेबल यूपी पुलिस) और घटना में प्रयुक्त कार विटारा ब्रेजा बरामद की गई। साथ ही दो अवैध तमंचे, चार कारतूस, एक चाकू और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
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दो साल तक पुलिस में ड्यूटी कर चुका है सुनील
पकड़ा गया एक आरोपी दीपक कुमार वर्ष 2011 बैच का सिपाही है। जो वर्तमान में मुरादाबाद मै तैनात था। दीपक कुमार दस अप्रैल 2021 से निलंबित चल रहा है। उसके खिलाफ थाना ठाकुरद्वारा में अंकिता नाम की महिला ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। अंकिता व मनीषा पहले से भी परिचित हैं। पकड़ में आया दूसरा आरोपी सुनील अपने जीजा अनिल की जगह फर्जी नाम से यूपी 112 में नौकरी कर रहा था, उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा का थाना डिलारी में मामला दर्ज है। दरअसल, सुनील के साले अनिल ने शिक्षा विभाग में नौकरी लगने पर यूपी पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी। जिसकी नेम प्लेट लगाकर सुनील दो साल तक पुलिस में ड्यूटी करता रहा।
पुलिस के जैसा बर्ताव करते थे आरोपी
इन आरोपियों ने मनीषा के साथ मिलकर रामपुर के स्वार में भी कुछ दिन पहले ऐसी ही घटना को अंजाम दिया था और ढाई लाख रुपये वसूल लिए थे। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी पीड़ित के साथ पुलिस जैसा बर्ताव करते थे। एक आरोपी दरोगा बन जाता था, जबकि दूसरा सिपाही बनकर सैल्यूट मारता था। जिससे पीड़ित को यह न लगे कि आरोपी बदमाश हैं, वह पुलिस समझकर ही रुपये दे देते थे। इनमें एक आरोपी निलंबित सिपाही है, जबकि दूसरा भी दो साल तक पुलिस में ड्यूटी कर चुका है, ऐसे में पुलिस की कार्यशैली से दोनों वाकिफ थे।