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Bijnor News: नजीबाबाद में बंद होगी एक खांडसारी इकाई, गन्ना खरीद की बंद
Tue, 11 Feb 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 11 Feb 2025 12:25 AM IST
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नजीबाबाद के खांडसारी इकाई में सूना पड़ा गन्ना प्लेट फार्म।(संवाद)
बिजनौर, नजीबाबाद। जनपद बिजनौर में खांडसारी की दो इकाइयां नजीबाबाद में संचालित हैं। दोनों खांडसारी इकाइयों सहित प्रदेश की 35 खांडसारी इकाइयों पर बंदी की तलवार लटकी है। नजीबाबाद की एक खांडसारी इकाई ने आर्थिक संकटों के चलते तीन दिन से गन्ना खरीद बंद कर इकाई को बंद करने का फैसला लिया है। दूसरी इकाई भी एक सप्ताह में गन्ना खरीद बंद करने जा रही है।
प्रदेश की खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद पर नई आबकारी नीति से गन्ना पेराई सत्र शुरू होते ही संकटों के बादल मंडरा रहे हैं। नजीबाबाद में वर्ष 1972 में स्थापित शंभूनाथ- बालमुकंद खांडसारी उद्योग और 1977 में स्थापित वीरेंद्र कुमार एंड संस खांडसारी उद्योग खांडसारी उत्पादन के साथ राब गलावट तैयार कर रहा है।
प्रमुख सचिव शासन की ओर से खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद को शीरा श्रेणी में शामिल करने की आबकारी नीति लागू की है। राब और शीरे के दामों में भारी अंतर है। आबकारी नीति से खांडसारी उद्योग पर 20 रुपये प्रति क्विंटल और पांच प्रतिशत जीएसटी, डेढ़ प्रतिशत मंडी लगने से खांडसारी कारोबार आर्थिक संकटों में उलझ गया है।
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गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खांडसारी इकाइयों की राब गलावट को शीरा श्रेणी में शामिल किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राब गलावट को शीरा नीति से अलग रखने की मांग उठाई थी। खांडसारी उत्पादक संघ का कहना है कि शासन की उदासीनता से एक-एक कर खांडसारी इकाइयां बंदी होने के कगार पर हैं।
- हजारों क्विंटल राब एवं गलावट की बिक्री ठप
नजीबाबाद। नगर की शंभूनाथ-बालमुकंद खांडसारी उद्योग ने गन्ना खरीद बंद कर दी है। गन्ना प्लेटफार्म सुना पड़ा है। एक सप्ताह के भीतर खांडसारी इकाई पर ताला लटक जाएगा। नगर की वीरेंद्र कुमार एंड संस खांडसरी उद्योग ने भी इकाई बंद करने के लिए इसी सप्ताह गन्ना खरीद रोकने का फैसला लिया है। दोनों इकाइयों के संचालकों राजुल रंधर और राजीव अग्रवाल का कहना है कि पेराई सत्र से अब तक तैयार हजारों क्विंटल राब स्टॉक जमा है और राब की बिक्री न होने से इकाई आर्थिक संकटों से घिरीं हैं। उन्होंने मेरठ की सुमति शुगर खान सारी इकाई बंद होने और दूसरी इकाई जल्द बंद होने की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
- आबकारी पोर्टल पर राब गलावट नहीं हो रही अपलोड
नजीबाबाद। खांडसारी इकाइयों के संचालक राजुल रंधर का कहना है कि पोर्टल पर केवल शीरा ही अपलोड हो सकता है। राब गलावट अपलोड नहीं हो रही। शासन को अवगत कराने के बावजूद पोर्टल पर राब अपलोड का ऑप्शन नहीं है, जिससे राब गलावट की बिक्री ठप है और इकाइयों को राब और शीरे में भारी अंतर के चलते बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
- सैकड़ों मजदूर होंगे बेरोजगार
नजीबाबाद। दोनों खांडसारी इकाइयों से करीब 500 मजदूरों के परिवारों को गुजारा चलता है। शंभूनाथ बालमुकंद इकाई के लखीमपुर खिरी निवासी इलैक्ट्रीशियन और गांव इटोरिया पीलीभीत निवासी पकंज कुमार के साथ करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर जुड़े हैं। करीब 150 मजदूर इकाई बंद होने से बेरोजगार हो जाएंगे। खांडसारी इकाई में आठ माह काम कर परिवार की आजीविका चलाने वाले मजदूरों ने घर वापसी के लिए सामान बांधना शुरू कर दिया है।
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प्रदेश की खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद पर नई आबकारी नीति से गन्ना पेराई सत्र शुरू होते ही संकटों के बादल मंडरा रहे हैं। नजीबाबाद में वर्ष 1972 में स्थापित शंभूनाथ- बालमुकंद खांडसारी उद्योग और 1977 में स्थापित वीरेंद्र कुमार एंड संस खांडसारी उद्योग खांडसारी उत्पादन के साथ राब गलावट तैयार कर रहा है।
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प्रमुख सचिव शासन की ओर से खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद को शीरा श्रेणी में शामिल करने की आबकारी नीति लागू की है। राब और शीरे के दामों में भारी अंतर है। आबकारी नीति से खांडसारी उद्योग पर 20 रुपये प्रति क्विंटल और पांच प्रतिशत जीएसटी, डेढ़ प्रतिशत मंडी लगने से खांडसारी कारोबार आर्थिक संकटों में उलझ गया है।
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गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खांडसारी इकाइयों की राब गलावट को शीरा श्रेणी में शामिल किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राब गलावट को शीरा नीति से अलग रखने की मांग उठाई थी। खांडसारी उत्पादक संघ का कहना है कि शासन की उदासीनता से एक-एक कर खांडसारी इकाइयां बंदी होने के कगार पर हैं।
- हजारों क्विंटल राब एवं गलावट की बिक्री ठप
नजीबाबाद। नगर की शंभूनाथ-बालमुकंद खांडसारी उद्योग ने गन्ना खरीद बंद कर दी है। गन्ना प्लेटफार्म सुना पड़ा है। एक सप्ताह के भीतर खांडसारी इकाई पर ताला लटक जाएगा। नगर की वीरेंद्र कुमार एंड संस खांडसरी उद्योग ने भी इकाई बंद करने के लिए इसी सप्ताह गन्ना खरीद रोकने का फैसला लिया है। दोनों इकाइयों के संचालकों राजुल रंधर और राजीव अग्रवाल का कहना है कि पेराई सत्र से अब तक तैयार हजारों क्विंटल राब स्टॉक जमा है और राब की बिक्री न होने से इकाई आर्थिक संकटों से घिरीं हैं। उन्होंने मेरठ की सुमति शुगर खान सारी इकाई बंद होने और दूसरी इकाई जल्द बंद होने की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
- आबकारी पोर्टल पर राब गलावट नहीं हो रही अपलोड
नजीबाबाद। खांडसारी इकाइयों के संचालक राजुल रंधर का कहना है कि पोर्टल पर केवल शीरा ही अपलोड हो सकता है। राब गलावट अपलोड नहीं हो रही। शासन को अवगत कराने के बावजूद पोर्टल पर राब अपलोड का ऑप्शन नहीं है, जिससे राब गलावट की बिक्री ठप है और इकाइयों को राब और शीरे में भारी अंतर के चलते बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
- सैकड़ों मजदूर होंगे बेरोजगार
नजीबाबाद। दोनों खांडसारी इकाइयों से करीब 500 मजदूरों के परिवारों को गुजारा चलता है। शंभूनाथ बालमुकंद इकाई के लखीमपुर खिरी निवासी इलैक्ट्रीशियन और गांव इटोरिया पीलीभीत निवासी पकंज कुमार के साथ करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर जुड़े हैं। करीब 150 मजदूर इकाई बंद होने से बेरोजगार हो जाएंगे। खांडसारी इकाई में आठ माह काम कर परिवार की आजीविका चलाने वाले मजदूरों ने घर वापसी के लिए सामान बांधना शुरू कर दिया है।