{"_id":"6797e2dfeae66082290cc8f7","slug":"a-sixth-class-student-committed-suicide-by-hanging-himself-because-he-did-not-like-his-slippers-bijnor-news-c-27-1-smrt1007-141659-2025-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: चप्पल पसंद नहीं आने पर छठीं के छात्र ने फांसी लगाकर दे दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: चप्पल पसंद नहीं आने पर छठीं के छात्र ने फांसी लगाकर दे दी जान
Tue, 28 Jan 2025 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
छात्र रचित का फाइल फोटो
पैजनिया (बिजनौर)। कक्षा छह के छात्र ने चप्पल पसंद नहीं आने पर मां की साड़ी से फांसी लगाकर जान दे दी। दरअसल बालक की जिद पर मजबूर हुए पिता ने उसे नई चप्पल दिलाई मगर घर आने के बाद पसंद नहीं आने की बात करने लगा। तंत्र क्रिया की वजह से बालक के जिद्दी होने और बर्ताव में बदलाव आने की आशंका परिजन जाहिर कर रहे हैं।
हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव पावटी निवासी संजय का बेटा रचित (12) गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था। बताया गया कि रविवार की सुबह गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में स्कूल जाने से पहले रचित ने नई चप्पल दिलाने की जिद की। पिता ने स्कूल से लौट आने के बाद चप्पल दिलाने का आश्वासन दिया। जब रचित स्कूल से लौट आया और जिद पर अड़ा रहा तो उसके पिता उसे बाजार से चप्पल दिला लाए मगर घर लौटते ही पसंद नहीं आने की बात कहते हुए बदलने की जिद करने लगा।
परिवार वालों ने कहा कि रख दो, बाद में बदलवा देंगे। बताया गया कि इसी बीच रचित ने कमरे में जाकर मां की साड़ी का फंदा खिड़की में लगाया और झूल गया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को जानकारी दिए बिना ही सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
उधर, परिजनों ने आशंका जाहिर की है कि तंत्र क्रिया की वजह से उनका बालक जिद्दी हो गया था, पिछले कई दिनों से वह गुमसुम रहने लगा था। इतना ही नहीं परिवार वालों ने गांव के सीसीटीवी भी खंगाले, जिसमें एक महिला उनके घर के सामने तंत्र क्रिया संंबंधित कोई सामान रखकर जाती दिखाई दी। परिजनों का आरोप था कि उक्त महिला पिछले दो साल से लगातार तंत्र क्रिया कर रही थी। तंत्र क्रिया के प्रभाव में आने की वजह से ही रचित ने आत्महत्या का कदम उठा लिया।
ग्राम प्रधान इमरान द्वारा बालक के परिजनों को समझाने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना बैराज घाट पर बालक का अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में अमहेड़ा चौकी प्रभारी अन्नु पवार का कहना है की मामला उनके संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव पावटी निवासी संजय का बेटा रचित (12) गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था। बताया गया कि रविवार की सुबह गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में स्कूल जाने से पहले रचित ने नई चप्पल दिलाने की जिद की। पिता ने स्कूल से लौट आने के बाद चप्पल दिलाने का आश्वासन दिया। जब रचित स्कूल से लौट आया और जिद पर अड़ा रहा तो उसके पिता उसे बाजार से चप्पल दिला लाए मगर घर लौटते ही पसंद नहीं आने की बात कहते हुए बदलने की जिद करने लगा।
विज्ञापन
परिवार वालों ने कहा कि रख दो, बाद में बदलवा देंगे। बताया गया कि इसी बीच रचित ने कमरे में जाकर मां की साड़ी का फंदा खिड़की में लगाया और झूल गया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को जानकारी दिए बिना ही सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
उधर, परिजनों ने आशंका जाहिर की है कि तंत्र क्रिया की वजह से उनका बालक जिद्दी हो गया था, पिछले कई दिनों से वह गुमसुम रहने लगा था। इतना ही नहीं परिवार वालों ने गांव के सीसीटीवी भी खंगाले, जिसमें एक महिला उनके घर के सामने तंत्र क्रिया संंबंधित कोई सामान रखकर जाती दिखाई दी। परिजनों का आरोप था कि उक्त महिला पिछले दो साल से लगातार तंत्र क्रिया कर रही थी। तंत्र क्रिया के प्रभाव में आने की वजह से ही रचित ने आत्महत्या का कदम उठा लिया।
ग्राम प्रधान इमरान द्वारा बालक के परिजनों को समझाने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना बैराज घाट पर बालक का अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में अमहेड़ा चौकी प्रभारी अन्नु पवार का कहना है की मामला उनके संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।