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यूपी बोर्ड परीक्षा में सुंदर लेख का एक नंबर करेगा कमाल
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यूपी बोर्ड परीक्षा में सुंदर लेख का एक नंबर करेगा कमाल
बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज समाप्त होगा। इस बार परीक्षार्थियों को मूल्यांकन में एक नंबर सुंदर लेख का मिल रहा है। माना जा रहा है कि परीक्षाफल में एक नंबर बड़ा कमाल कर सकता है। एक नंबर से विद्यार्थियों की मेरिट का ग्राफ ऊपर नीचे हो सकता है।
बोर्ड ने इस बार छात्रों के हित में एक नई शुरुआत की है। बोर्ड ने मूल्यांकन में सुंदर हस्त लेख के लिए विद्यार्थी को एक अतिरिक्त नंबर देने का प्रावधान किया। परीक्षक को सुंदर हस्तलेख पर एक नंबर देने के बाद जीएचडब्ल्यू लिखना है। हाईस्कूल में पांच अनिवार्य तथा एक वैकल्पिक अर्थात कुल छह विषय होते हैं। यदि विद्यार्थी को हर विषय में सुंदर हस्तलेख का एक-एक नंबर मिलता है तो उसके संपूर्ण प्राप्तांक योग में छह अंक बढ़ जाएंगे। इंटर में पांच विषय होते हैं।
इस प्रकार हर विषय में एक नंबर सुंदर हस्तलेख का एक नंबर मिलने पर संपूर्ण प्राप्तांक योग में पांच नंबर बढ़ेंगे। विद्यार्थी के संपूर्ण प्राप्तांक योग में पांच व छह नंबर बढ़ने पर प्राप्तांक प्रतिशत भी बढ़ जाएगा। टॉप टेन की मेरिट में आने डिविजन बढ़ाने तथा पास होने में एक-एक अंक महत्वपूर्ण होता है। माना जा रहा है कि सुंदर हस्तलेख का एक नंबर मेरिट लिस्ट समेत रिजल्ट में बड़ा फेरबदल कर सकता है।
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सभी बोर्ड के मूल्यांकन में लागू हो नियम
वर्धमान कॉलेज बिजनौर में बीएड विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि यह एक अच्छी परंपरा का शुभारंभ है। सुंदर हस्तलेख का नंबर दिए जाने की व्यवस्था सभी बोर्ड की परीक्षा में लागू हो। पब्लिक स्कूलों में हिंदी विषय को कमतर आंका जाता है। विवेक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा जोशी के अनुसार पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का हिंदी का लेख बेहद खराब होता है। इस व्यवस्था के लागू होने से जहां नंबरों व अंक प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं विद्यार्थियों का हिंदी भाषा के प्रति लगाव बढ़ेगा। सेवानिवृत्त शिक्षिका कौशल देवी के अनुसार इस कदम से बच्चे की सुंदर लेखन की मूल प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलेगा।
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बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज समाप्त होगा। इस बार परीक्षार्थियों को मूल्यांकन में एक नंबर सुंदर लेख का मिल रहा है। माना जा रहा है कि परीक्षाफल में एक नंबर बड़ा कमाल कर सकता है। एक नंबर से विद्यार्थियों की मेरिट का ग्राफ ऊपर नीचे हो सकता है।
बोर्ड ने इस बार छात्रों के हित में एक नई शुरुआत की है। बोर्ड ने मूल्यांकन में सुंदर हस्त लेख के लिए विद्यार्थी को एक अतिरिक्त नंबर देने का प्रावधान किया। परीक्षक को सुंदर हस्तलेख पर एक नंबर देने के बाद जीएचडब्ल्यू लिखना है। हाईस्कूल में पांच अनिवार्य तथा एक वैकल्पिक अर्थात कुल छह विषय होते हैं। यदि विद्यार्थी को हर विषय में सुंदर हस्तलेख का एक-एक नंबर मिलता है तो उसके संपूर्ण प्राप्तांक योग में छह अंक बढ़ जाएंगे। इंटर में पांच विषय होते हैं।
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इस प्रकार हर विषय में एक नंबर सुंदर हस्तलेख का एक नंबर मिलने पर संपूर्ण प्राप्तांक योग में पांच नंबर बढ़ेंगे। विद्यार्थी के संपूर्ण प्राप्तांक योग में पांच व छह नंबर बढ़ने पर प्राप्तांक प्रतिशत भी बढ़ जाएगा। टॉप टेन की मेरिट में आने डिविजन बढ़ाने तथा पास होने में एक-एक अंक महत्वपूर्ण होता है। माना जा रहा है कि सुंदर हस्तलेख का एक नंबर मेरिट लिस्ट समेत रिजल्ट में बड़ा फेरबदल कर सकता है।
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सभी बोर्ड के मूल्यांकन में लागू हो नियम
वर्धमान कॉलेज बिजनौर में बीएड विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि यह एक अच्छी परंपरा का शुभारंभ है। सुंदर हस्तलेख का नंबर दिए जाने की व्यवस्था सभी बोर्ड की परीक्षा में लागू हो। पब्लिक स्कूलों में हिंदी विषय को कमतर आंका जाता है। विवेक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा जोशी के अनुसार पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का हिंदी का लेख बेहद खराब होता है। इस व्यवस्था के लागू होने से जहां नंबरों व अंक प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं विद्यार्थियों का हिंदी भाषा के प्रति लगाव बढ़ेगा। सेवानिवृत्त शिक्षिका कौशल देवी के अनुसार इस कदम से बच्चे की सुंदर लेखन की मूल प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलेगा।